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बतीसे में देशी की जगह मिला वनस्पति घी
Updated Sun, 17 Dec 2017 12:02 AM IST
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मुजफ्फरनगर। दिवाली पर शहर-देहात से मिठाइयों की जांच के लिए भेजे गए 38 सैंपलों में 26 फेल मिले हैं। इनमें कई प्रतिष्ठित मिठाई विक्रेता भी शामिल हैं। मावे से बनी मिठाइयों में औसत से कम फैट के साथ संदेहजनक स्थिति पाई गई है।
कोर्ट रोड की नंदी स्वीट्स के बतीसे में देसी घी के बजाय वनस्पति घी मिला है। लैब की रिपोर्ट में बतीसा और मीठी सुपारी अधोमानक निकली हैं। दिवाली के समय खाद्य सुरक्षा विभाग ने चुनिंदा मिठाई विक्रेता, दूध-मावा कारोबारियों के यहां छापामारी की थी। इन पर जांच-पड़ताल के बाद दूध, मावा, मिठाईयों के सैंपल भरकर लखनऊ जांच के लिए भेजे गए थे। विभाग ने करीब 38 सैंपल भेजे थे, जिनकी दिसंबर के प्रथम सप्ताह में रिपोर्ट आई है। इस रिपोर्ट में 26 नमूने फेल निकले हैं। कोर्ट रोड की नंदी स्वीट्स से भी बतीसा, मावा के साथ मीठी सुपारी में मिलावट मिली है। बतीसा को शुद्ध देशी घी से तैयार होना बताया गया था, लेकिन लैब की जांच में बतीसा के भीतर वनस्पति घी, रिफाइंड की मात्रा मिली है, जो अधोमानक है। इसके अलावा भी खतौली के नवाब के चार मावों के सैंपल में तीन फेल मिले हैं। शहर के कुमार स्वीट्स के रसगुल्ले में मिलावट मिली है। प्रकाश स्वीट्स के बूंदी के लड्डू अधोमानक पाए गए हैं। जनकपुरी के अशरफ के यहां बनने वाला बतीसे के दो नमूने फेल हैं। बतीसा में हानिकारक रंग पाया गया है, जो सेहत के लिए पूरी तरह खतरनाक है। बुढ़ाना के सैनी स्वीट्स के बेसन के लड्डू में मिलावट मिली है। इसके अलावा भी अनेक दूध-मावा के बड़ी संख्या में नमूने खरे नहीं उतरे हैं। इन सभी में मिलावट मिलने के साथ अधोमानक पाए गए हैं।
केमिकल रंगों से
बन रही मिठाइयां
मुजफ्फरनगर। विभाग की जांच में सामने आया है कि रंगीन मिठाइयों में केमिकलयुक्त रंग मिलाया जा रहा है, जो शरीर के लिए नुकसानदायक है। केमिकल अनेक बीमारियों का कारक बन सकता है। यह मिठाईयां खाना सेहत के लिए खतरे से खाली नहीं हैं।
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सिंथेटिक मिला दूध
मुजफ्फरनगर। देहात में दूध में बड़े स्तर पर मिलावट मिली है। औसत मानकों पर फैट कम मिलने के साथ ही सिंथेटिक मिला है। दूध के भी करीब दस सैंपल भेजे गए थे, जिनमें आठ फेल पाए गए हैं। इन सभी के खिलाफ विभाग ने नोटिस जारी कार्रवाई की तैयारी की है।
हमारी मिठाई शुद्ध और ताजी
नंदी स्वीट्स के मैनेजर राजीव कुमार ने बताया कि मिठाईयों को तैयार करते समय कारीगर बर्तन में वनस्पति घी का प्रयोग करते हैं। हालांकि उनकी मिठाईयों में नामी कंपनी का शुद्ध देसी घी प्रयोग होता है। मीठी सुपारी भी वर्कर इस्तेमाल करते हैं। जिसका सैंपल लिया गया था। मिठाइयों पर सवाल उठाया जाना गलत है।
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लैब की जांच-रिपोर्ट में सब साफ
खाद्य सुरक्षा विभाग के अभिहित अधिकारी विनीत कुमार ने बताया कि जिनके भी सैंपल फेल आए हैं, वह लैब की रिपोर्ट पर आधारित हैं। नंदी स्वीट्स के सैंपल भी फेल मिले हैं। सभी लोगों को नोटिस भेजकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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कोर्ट रोड की नंदी स्वीट्स के बतीसे में देसी घी के बजाय वनस्पति घी मिला है। लैब की रिपोर्ट में बतीसा और मीठी सुपारी अधोमानक निकली हैं। दिवाली के समय खाद्य सुरक्षा विभाग ने चुनिंदा मिठाई विक्रेता, दूध-मावा कारोबारियों के यहां छापामारी की थी। इन पर जांच-पड़ताल के बाद दूध, मावा, मिठाईयों के सैंपल भरकर लखनऊ जांच के लिए भेजे गए थे। विभाग ने करीब 38 सैंपल भेजे थे, जिनकी दिसंबर के प्रथम सप्ताह में रिपोर्ट आई है। इस रिपोर्ट में 26 नमूने फेल निकले हैं। कोर्ट रोड की नंदी स्वीट्स से भी बतीसा, मावा के साथ मीठी सुपारी में मिलावट मिली है। बतीसा को शुद्ध देशी घी से तैयार होना बताया गया था, लेकिन लैब की जांच में बतीसा के भीतर वनस्पति घी, रिफाइंड की मात्रा मिली है, जो अधोमानक है। इसके अलावा भी खतौली के नवाब के चार मावों के सैंपल में तीन फेल मिले हैं। शहर के कुमार स्वीट्स के रसगुल्ले में मिलावट मिली है। प्रकाश स्वीट्स के बूंदी के लड्डू अधोमानक पाए गए हैं। जनकपुरी के अशरफ के यहां बनने वाला बतीसे के दो नमूने फेल हैं। बतीसा में हानिकारक रंग पाया गया है, जो सेहत के लिए पूरी तरह खतरनाक है। बुढ़ाना के सैनी स्वीट्स के बेसन के लड्डू में मिलावट मिली है। इसके अलावा भी अनेक दूध-मावा के बड़ी संख्या में नमूने खरे नहीं उतरे हैं। इन सभी में मिलावट मिलने के साथ अधोमानक पाए गए हैं।
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केमिकल रंगों से
बन रही मिठाइयां
मुजफ्फरनगर। विभाग की जांच में सामने आया है कि रंगीन मिठाइयों में केमिकलयुक्त रंग मिलाया जा रहा है, जो शरीर के लिए नुकसानदायक है। केमिकल अनेक बीमारियों का कारक बन सकता है। यह मिठाईयां खाना सेहत के लिए खतरे से खाली नहीं हैं।
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सिंथेटिक मिला दूध
मुजफ्फरनगर। देहात में दूध में बड़े स्तर पर मिलावट मिली है। औसत मानकों पर फैट कम मिलने के साथ ही सिंथेटिक मिला है। दूध के भी करीब दस सैंपल भेजे गए थे, जिनमें आठ फेल पाए गए हैं। इन सभी के खिलाफ विभाग ने नोटिस जारी कार्रवाई की तैयारी की है।
हमारी मिठाई शुद्ध और ताजी
नंदी स्वीट्स के मैनेजर राजीव कुमार ने बताया कि मिठाईयों को तैयार करते समय कारीगर बर्तन में वनस्पति घी का प्रयोग करते हैं। हालांकि उनकी मिठाईयों में नामी कंपनी का शुद्ध देसी घी प्रयोग होता है। मीठी सुपारी भी वर्कर इस्तेमाल करते हैं। जिसका सैंपल लिया गया था। मिठाइयों पर सवाल उठाया जाना गलत है।
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लैब की जांच-रिपोर्ट में सब साफ
खाद्य सुरक्षा विभाग के अभिहित अधिकारी विनीत कुमार ने बताया कि जिनके भी सैंपल फेल आए हैं, वह लैब की रिपोर्ट पर आधारित हैं। नंदी स्वीट्स के सैंपल भी फेल मिले हैं। सभी लोगों को नोटिस भेजकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।