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पीएम आवास योजना के लिए भरे तीन-तीन फार्म
Updated Tue, 01 Aug 2017 12:47 AM IST
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पीएम आवास योजना के लिए भरे तीन-तीन फार्म
मुजफ्फरनगर। पीएम आवास के लिए शहरी क्षेत्रों में इतनी मारामारी है कि एक-एक व्यक्ति ने तीन-तीन बार आवेदन कर दिया है। 60 हजार लोगों ने अपने आपको आवासहीन बताया है। सूडा ने पात्रों की जांच की जिम्मेदारी नोएडा की विजन कंपनी को दी है। ऑनलाइन के साथ, दो-दो स्थानों पर मेन्युअल आवेदन भी कर दिया गया है। ऐसे में जांच एजेंसी के सामने परेशानी खड़ी हो गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि 2022 तक प्रत्येक परिवार के पास अपना घर होना चाहिए। योजना को फलीभूत करने के लिए उन सभी लोगों से आवेदन मांगे गए हैं, जिनके पास अपना मकान नहीं है। जिले में दस नगर निकाय हैं, इनमें दो पालिका परिषद मुजफ्फरनगर और खतौली हैं। बाकी आठ नगर पंचायतें हैं। इनमें शाहपुर, बुढ़ाना, चरथावल, सिसौली, पुरकाजी, भोकरहेड़ी, मीरापुर, जानसठ शामिल हैं। अकेले मुजफ्फरनगर शहर में 35 हजार लोगों ने अपने आपको आवासहीन बताया है। पीएम आवास योजना के लिए सभी दस निकायों से साठ हजार आवेदन आए हैं। आवेदन ऑनलाइन और मेन्युअल दोनों तरीके से लिए गए हैं। कुछ लोगों ने ऑनलाइन आवेदन करने के साथ डूडा और पालिका दोनों में भी आवेदन जमा करा दिया। ऐसे में एक ही व्यक्ति के तीन आवेदन हो गए। सूडा ने नोएडा की विजन कंपनी को आवेदनों की जांच का कार्य सौंपा है। इस कंपनी की टीम जांच पर लग गई है। जांच टीम के सामने समस्या यह खड़ी हो गई है कि एक व्यक्ति के तीन आवेदन आने से उन्हें बार-बार एक ही जगह जाना पड़ रहा है। बड़ी संख्या में आवेदन होने के कारण मिलान संभव नहीं हो पा रहा है। डूडा के पीओ धनप्रकाश का कहना है कि यह पूरा प्रयास है कि पीएम आवास योजना में कोई ऐसा परिवार न रहे, जिसका नाम सूची में न हो। अभी भी वह ऐसे लोगों के आवेदन ले रहे हैं, जो किसी कारण आवेदन नहीं कर सके हैं। इसके लिए प्रत्येक निकाय में कैंप भी लगाया जा रहा है।
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मुजफ्फरनगर। पीएम आवास के लिए शहरी क्षेत्रों में इतनी मारामारी है कि एक-एक व्यक्ति ने तीन-तीन बार आवेदन कर दिया है। 60 हजार लोगों ने अपने आपको आवासहीन बताया है। सूडा ने पात्रों की जांच की जिम्मेदारी नोएडा की विजन कंपनी को दी है। ऑनलाइन के साथ, दो-दो स्थानों पर मेन्युअल आवेदन भी कर दिया गया है। ऐसे में जांच एजेंसी के सामने परेशानी खड़ी हो गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि 2022 तक प्रत्येक परिवार के पास अपना घर होना चाहिए। योजना को फलीभूत करने के लिए उन सभी लोगों से आवेदन मांगे गए हैं, जिनके पास अपना मकान नहीं है। जिले में दस नगर निकाय हैं, इनमें दो पालिका परिषद मुजफ्फरनगर और खतौली हैं। बाकी आठ नगर पंचायतें हैं। इनमें शाहपुर, बुढ़ाना, चरथावल, सिसौली, पुरकाजी, भोकरहेड़ी, मीरापुर, जानसठ शामिल हैं। अकेले मुजफ्फरनगर शहर में 35 हजार लोगों ने अपने आपको आवासहीन बताया है। पीएम आवास योजना के लिए सभी दस निकायों से साठ हजार आवेदन आए हैं। आवेदन ऑनलाइन और मेन्युअल दोनों तरीके से लिए गए हैं। कुछ लोगों ने ऑनलाइन आवेदन करने के साथ डूडा और पालिका दोनों में भी आवेदन जमा करा दिया। ऐसे में एक ही व्यक्ति के तीन आवेदन हो गए। सूडा ने नोएडा की विजन कंपनी को आवेदनों की जांच का कार्य सौंपा है। इस कंपनी की टीम जांच पर लग गई है। जांच टीम के सामने समस्या यह खड़ी हो गई है कि एक व्यक्ति के तीन आवेदन आने से उन्हें बार-बार एक ही जगह जाना पड़ रहा है। बड़ी संख्या में आवेदन होने के कारण मिलान संभव नहीं हो पा रहा है। डूडा के पीओ धनप्रकाश का कहना है कि यह पूरा प्रयास है कि पीएम आवास योजना में कोई ऐसा परिवार न रहे, जिसका नाम सूची में न हो। अभी भी वह ऐसे लोगों के आवेदन ले रहे हैं, जो किसी कारण आवेदन नहीं कर सके हैं। इसके लिए प्रत्येक निकाय में कैंप भी लगाया जा रहा है।
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