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छह माह से शोपीस बने हैं 46 सीसीटीवी कैमरे
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शहर के शिव चौक पर बंद पडे सीसीटीवी कैमरे।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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मुजफ्फरनगर। शहर क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरे पिछले करीब छह माह से शोपीस बनकर रह गए हैं। कैमरों के रखरखाव का कांट्रेक्ट खत्म होने के कारण संबंधित एजेंसी ने इनकी जिम्मेदारी उठाने से इंकार कर दिया, जिसके चलते शहर में लगे करीब 46 सीसीटीवी कैमरे फिलहाल पूरी तरह से ठप हैं।
शहर क्षेत्र में पुलिस-प्रशासन के साथ ही एमडीए द्वारा भी शहर के सभी प्रमुुख चौराहे, मुख्य बाजार के साथ ही मुख्य मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए हुए हैं। प्रशासन द्वारा इन सभी सीसीटीवी कैमरों के रखरखाव के लिए एक निजी कंपनी को ठेका दिया जाता है, जो करीब छह माह पूर्व खत्म हो गया है।
प्रशासन द्वारा इस ठेके का रिनीवल न कराए जाने से संबंधित ठेका कंपनी ने इनका रखरखाव करने से हाथ खींच लिया, जिसके बाद एक-एक कर ये सभी कैमरे ठप हो गए। नतीजतन शहर क्षेत्र में पुलिस के लिए बेहद अहम रहने वाले सीसीटीवी कैमरे पिछले छह माह से पूरी तरह से बंद हो चुके हैं।
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बड़ी वारदात हुई तो पुलिस को नहीं मिलेगी मदद
शहर में प्रमुख चौराहों, मार्गों व बाजारों में लगे सीसीटीवी कैमरे कई बड़ी घटनाओं के खुलासे में पुलिस की मदद कर चुके हैं। इनमें शांतिनगर में दो युवकों की हत्या का खुलासा इन्हीं सीसीटीवी कैमरों की मदद से हुआ था, जबकि नई मंडी क्षेत्र में एक ज्वैलरी शॉप में हुई लूट भी इन्हीं कैमरों की मदद से खोली गई थी। शहर व देहात क्षेत्र में पेट्रोल पंपों पर एक के बाद एक ताबड़तोड़ लूट करने वाले गिरोह का खुलासा भी पुलिस सीसीटीवी कैमरों की मदद से ही कर पाई थी। ऐसे में करीब छह माह से सीसीटीवी कैमरे ठप होने के कारण शहर क्षेत्र में कोई बड़ी वारदात हुई, तो पुलिस के लिए उसका खुलासा करना काफी मुश्किल होगा।
शहर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों को दोबारा एक्टिवेट किया जा रहा है। इनके अलावा, कुछ ओर सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए नए स्थानों का भी चयन किया जा रहा है। जल्द ही सभी कैमरे फिर से शुरू हो जाएंगे। - अभिषेक यादव, एसएसपी
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शहर क्षेत्र में पुलिस-प्रशासन के साथ ही एमडीए द्वारा भी शहर के सभी प्रमुुख चौराहे, मुख्य बाजार के साथ ही मुख्य मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए हुए हैं। प्रशासन द्वारा इन सभी सीसीटीवी कैमरों के रखरखाव के लिए एक निजी कंपनी को ठेका दिया जाता है, जो करीब छह माह पूर्व खत्म हो गया है।
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प्रशासन द्वारा इस ठेके का रिनीवल न कराए जाने से संबंधित ठेका कंपनी ने इनका रखरखाव करने से हाथ खींच लिया, जिसके बाद एक-एक कर ये सभी कैमरे ठप हो गए। नतीजतन शहर क्षेत्र में पुलिस के लिए बेहद अहम रहने वाले सीसीटीवी कैमरे पिछले छह माह से पूरी तरह से बंद हो चुके हैं।
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बड़ी वारदात हुई तो पुलिस को नहीं मिलेगी मदद
शहर में प्रमुख चौराहों, मार्गों व बाजारों में लगे सीसीटीवी कैमरे कई बड़ी घटनाओं के खुलासे में पुलिस की मदद कर चुके हैं। इनमें शांतिनगर में दो युवकों की हत्या का खुलासा इन्हीं सीसीटीवी कैमरों की मदद से हुआ था, जबकि नई मंडी क्षेत्र में एक ज्वैलरी शॉप में हुई लूट भी इन्हीं कैमरों की मदद से खोली गई थी। शहर व देहात क्षेत्र में पेट्रोल पंपों पर एक के बाद एक ताबड़तोड़ लूट करने वाले गिरोह का खुलासा भी पुलिस सीसीटीवी कैमरों की मदद से ही कर पाई थी। ऐसे में करीब छह माह से सीसीटीवी कैमरे ठप होने के कारण शहर क्षेत्र में कोई बड़ी वारदात हुई, तो पुलिस के लिए उसका खुलासा करना काफी मुश्किल होगा।
शहर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों को दोबारा एक्टिवेट किया जा रहा है। इनके अलावा, कुछ ओर सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए नए स्थानों का भी चयन किया जा रहा है। जल्द ही सभी कैमरे फिर से शुरू हो जाएंगे। - अभिषेक यादव, एसएसपी