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पक्षद्रोही गवाहों पर भी कार्रवाई हो: डीएम
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गवाहों के पक्षद्रोही होने पर भी होगी कार्रवाई
मुजफ्फरनगर। डीएम अजय शंकर पांडेय ने कहा कि मुकदमों के गवाहों के पक्षद्रोही होने पर उनके विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई कराई जाए। शासकीय अधिवक्ताओं का उद्देश्य अपराधियों को लंबी अवधि के लिए सलाखों के पीछे भिजवाने का होना चाहिए। मुकदमों को लम्बे समय के लिए लटकाया नहीं जाना चाहिए। पुराने वादों का वरीयता के आधार पर निपटारा कराएं।
जिला पंचायत सभागार में मासिक अभियोजन की समीक्षा बैठक में शासकीय अधिवक्ताओं से कहा कि आपराधिक प्रवृत्ति के लोग सलाखों के पीछे नजर आने चाहिए। सभी प्रकार के वादों में प्रभावी पैरवी करें सभी बदमाश व आपराधिक प्रवृति के गुंडा तत्व जेल में होने चाहिए। अपराधियों की किसी भी स्तर पर जमानत न होने दी जाए, येे तभी संभव है जब वादों की प्रभावी पैरवी होगी। पुलिस कप्तान सुधीर कुमार सिंह ने कहा कि गवाही के समय गवाह के साथ आईओ व पुलिस न होने पर तत्काल सूचित करें। गवाह को पुलिस सुरक्षा तत्काल उपलब्ध कराई जाएगी। गंभीर वादों के संबंध में यदि कोई समस्या आती है तो मुझसे संपर्क किया जा सकता है। एसपी सिटी सतपाल अंतिल, एसपी देहात आलोक शर्मा, एडीएम वित्त आलोक कुमार, संयुक्त निदेशक अभियोजन, एसपीओ, एपीओ, डीजीसी, एडीजीसी आदि मौजूद रहे।
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मुजफ्फरनगर। डीएम अजय शंकर पांडेय ने कहा कि मुकदमों के गवाहों के पक्षद्रोही होने पर उनके विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई कराई जाए। शासकीय अधिवक्ताओं का उद्देश्य अपराधियों को लंबी अवधि के लिए सलाखों के पीछे भिजवाने का होना चाहिए। मुकदमों को लम्बे समय के लिए लटकाया नहीं जाना चाहिए। पुराने वादों का वरीयता के आधार पर निपटारा कराएं।
जिला पंचायत सभागार में मासिक अभियोजन की समीक्षा बैठक में शासकीय अधिवक्ताओं से कहा कि आपराधिक प्रवृत्ति के लोग सलाखों के पीछे नजर आने चाहिए। सभी प्रकार के वादों में प्रभावी पैरवी करें सभी बदमाश व आपराधिक प्रवृति के गुंडा तत्व जेल में होने चाहिए। अपराधियों की किसी भी स्तर पर जमानत न होने दी जाए, येे तभी संभव है जब वादों की प्रभावी पैरवी होगी। पुलिस कप्तान सुधीर कुमार सिंह ने कहा कि गवाही के समय गवाह के साथ आईओ व पुलिस न होने पर तत्काल सूचित करें। गवाह को पुलिस सुरक्षा तत्काल उपलब्ध कराई जाएगी। गंभीर वादों के संबंध में यदि कोई समस्या आती है तो मुझसे संपर्क किया जा सकता है। एसपी सिटी सतपाल अंतिल, एसपी देहात आलोक शर्मा, एडीएम वित्त आलोक कुमार, संयुक्त निदेशक अभियोजन, एसपीओ, एपीओ, डीजीसी, एडीजीसी आदि मौजूद रहे।
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