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आहार और दिनचर्या में बदलाव से जिएं स्वस्थ जीवन
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आहार में बदलाव से स्वस्थ जीवन
मुजफ्फरनगर। भारतीय योग संस्थान के निशुल्क योग साधना केंद्र में स्वस्थ रहने के तरीके बताए गए। जोड़ों के दर्द तथा मंत्र साधना की जानकारी दी गई। योगाचार्य ने बताया कि आहार और दिनचर्या में परिवर्तन कर स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है।
शहर के ग्रीन लैंड माडर्न जूनियर हाईस्कूल में चल रहे पांच दिवसीय निशुल्क जोड़ दर्द निवारण शिविर के तीसरे दिन योग शिक्षिका ईशा अरोरा ने ओम ध्वनि और गायत्री मंत्र से योग साधना शुरू कराई। उन्होंने जोड़ों के दर्द निवारण में सहायक पवन मुक्त क्रियाओं का अभ्यास कराया। योगाचार्य सुरेंद्र पाल सिंह आर्य ने रोगी का भोजन संबंधी विषय पर कहा कि सात्विक, सुपाच्य भोजन शरीर में बन रहे विषाक्त पदार्थ को कम कर शरीर की सफाई में सहायक होता है। पोषक पदार्थों की पूर्ति में भी सहायक है। उबली हुई सब्जियां, सभी प्रकार के मौसमी फल, बाजरा, जौं, गेहूं की चपाती, गिरि वाले फल, सूखे मेवे, शहद आदि के सेवन से शरीर में जमा विजातीय तत्व शरीर से बाहर निकलते हैं। भोजन हल्का हो तथा दो भोजन के बीच कम से कम पांच घंटे का अंतराल होना चाहिए। मानसिक तनाव से बचें। उन्होंने बताया कि भोजन व दिनचर्या में बदलाव लाकर नियमित योगाभ्यास से जोड़ दर्द निवारण संभव है। केंद्र प्रमुख अर्चना सिंह ने हंसी, प्राणायाम व ध्यान का अभ्यास कराया।
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मुजफ्फरनगर। भारतीय योग संस्थान के निशुल्क योग साधना केंद्र में स्वस्थ रहने के तरीके बताए गए। जोड़ों के दर्द तथा मंत्र साधना की जानकारी दी गई। योगाचार्य ने बताया कि आहार और दिनचर्या में परिवर्तन कर स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है।
शहर के ग्रीन लैंड माडर्न जूनियर हाईस्कूल में चल रहे पांच दिवसीय निशुल्क जोड़ दर्द निवारण शिविर के तीसरे दिन योग शिक्षिका ईशा अरोरा ने ओम ध्वनि और गायत्री मंत्र से योग साधना शुरू कराई। उन्होंने जोड़ों के दर्द निवारण में सहायक पवन मुक्त क्रियाओं का अभ्यास कराया। योगाचार्य सुरेंद्र पाल सिंह आर्य ने रोगी का भोजन संबंधी विषय पर कहा कि सात्विक, सुपाच्य भोजन शरीर में बन रहे विषाक्त पदार्थ को कम कर शरीर की सफाई में सहायक होता है। पोषक पदार्थों की पूर्ति में भी सहायक है। उबली हुई सब्जियां, सभी प्रकार के मौसमी फल, बाजरा, जौं, गेहूं की चपाती, गिरि वाले फल, सूखे मेवे, शहद आदि के सेवन से शरीर में जमा विजातीय तत्व शरीर से बाहर निकलते हैं। भोजन हल्का हो तथा दो भोजन के बीच कम से कम पांच घंटे का अंतराल होना चाहिए। मानसिक तनाव से बचें। उन्होंने बताया कि भोजन व दिनचर्या में बदलाव लाकर नियमित योगाभ्यास से जोड़ दर्द निवारण संभव है। केंद्र प्रमुख अर्चना सिंह ने हंसी, प्राणायाम व ध्यान का अभ्यास कराया।
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