{"_id":"5b5a27094f1c1bed5e8b5786","slug":"41532634889-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेवा भाव से कांवडियों का दिल जीते","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेवा भाव से कांवडियों का दिल जीते
Updated Fri, 27 Jul 2018 01:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सेवा भाव से कांवड़ियों का दिल जीतें
मुजफ्फरनगर। डीएम राजीव शर्मा ने कहा कि कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले गांवों के प्रधानों और शिविर संचालकों को अपने सेवा भाव का परिचय देना होगा। कांवड़ियों का सैलाब उनके गांवों के पास से होकर गुजरेगा। अपने आपको खुश नसीब समझें की उन्हें कांवड़ियों की सेवा करने का मौका मिला है। कांवड़ मार्गों पर गेट लगवाएं और कांवड़ियों के लिए पानी, भोजन की व्यवस्था करे और अपने आप को प्रतिष्ठित करने का एक सुनहरा अवसर पाएं।
जिला पंचायत सभागार में कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले ग्रामों के प्रधान तथा कांवड़ शिविर संचालकों के साथ बैठक में डीएम ने कहा कि विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी कांवड़ यात्रा को सकुशल, शांतिपूर्ण और सद्भाव के वातावरण में संपन्न कराना है। जनपद की सीमा से गुजरने वाले कांवड़ियों को सुरक्षा प्रदान करना है, इसलिए यह ध्यान रखना होगा कि कही भी ट्रांसफार्मर खुले में न रखे जाएं। शिविर सड़क से हटाकर लगाए जाएं, जिससे मार्ग अवरुद्ध न हो। शिविरों में सीसीटीवी कैमरों की स्थापना करा ले और सभी कार्य मानकों के अनुरूप हों। इस वर्ष लगभग चार करोड़ कांवड़ियों द्वारा हरिद्वार से गंगा जल लेकर मुजफ्फरनगर की और प्रस्थान किए जाने का अनुमान है। ग्राम प्रधानों का आह्वान किया कि अपना उत्साह बनाए रखे और सहयोग की भावना से कांवड़ यात्रा का कार्य संपन्न कराएं। शिविरों में पानी, खाने का प्रबंध, वाटर प्रुफ टेंट आदि रखा जाए। कांवड़ मार्गों पर स्वास्थ्य विभाग की टीम जीवन रक्षक दवाइयों सहित मौजूद रहेगी। शिविर संचालक यह भी सुनिश्चित करे कि कांव़िड़ये शिविर में ही आराम करें, जिससे कि बाहर सड़क पर दुर्घटना घटित न हो सके। अफवाहों को फैलने से रोके। एडीएम प्रशासन हरीशचंद्र, एडीएमे वित्त सियाराम मौर्य, सिटी मजिस्ट्रेट आदि अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। डीएम राजीव शर्मा ने कहा कि कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले गांवों के प्रधानों और शिविर संचालकों को अपने सेवा भाव का परिचय देना होगा। कांवड़ियों का सैलाब उनके गांवों के पास से होकर गुजरेगा। अपने आपको खुश नसीब समझें की उन्हें कांवड़ियों की सेवा करने का मौका मिला है। कांवड़ मार्गों पर गेट लगवाएं और कांवड़ियों के लिए पानी, भोजन की व्यवस्था करे और अपने आप को प्रतिष्ठित करने का एक सुनहरा अवसर पाएं।
जिला पंचायत सभागार में कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले ग्रामों के प्रधान तथा कांवड़ शिविर संचालकों के साथ बैठक में डीएम ने कहा कि विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी कांवड़ यात्रा को सकुशल, शांतिपूर्ण और सद्भाव के वातावरण में संपन्न कराना है। जनपद की सीमा से गुजरने वाले कांवड़ियों को सुरक्षा प्रदान करना है, इसलिए यह ध्यान रखना होगा कि कही भी ट्रांसफार्मर खुले में न रखे जाएं। शिविर सड़क से हटाकर लगाए जाएं, जिससे मार्ग अवरुद्ध न हो। शिविरों में सीसीटीवी कैमरों की स्थापना करा ले और सभी कार्य मानकों के अनुरूप हों। इस वर्ष लगभग चार करोड़ कांवड़ियों द्वारा हरिद्वार से गंगा जल लेकर मुजफ्फरनगर की और प्रस्थान किए जाने का अनुमान है। ग्राम प्रधानों का आह्वान किया कि अपना उत्साह बनाए रखे और सहयोग की भावना से कांवड़ यात्रा का कार्य संपन्न कराएं। शिविरों में पानी, खाने का प्रबंध, वाटर प्रुफ टेंट आदि रखा जाए। कांवड़ मार्गों पर स्वास्थ्य विभाग की टीम जीवन रक्षक दवाइयों सहित मौजूद रहेगी। शिविर संचालक यह भी सुनिश्चित करे कि कांव़िड़ये शिविर में ही आराम करें, जिससे कि बाहर सड़क पर दुर्घटना घटित न हो सके। अफवाहों को फैलने से रोके। एडीएम प्रशासन हरीशचंद्र, एडीएमे वित्त सियाराम मौर्य, सिटी मजिस्ट्रेट आदि अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन