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परमात्मा को पाना कठिन काम नहीं-महाराज
Updated Fri, 13 Jul 2018 12:40 AM IST
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मोरना। शुक्रताल के दंडी आश्रम में ब्रह्मलीन गोविंदाश्रम महाराज की 19वीं पुण्यतिथि के कार्यक्रम अध्यक्षता करते हुए हनुमान धाम के अधिष्टता महामंडलेश्वर स्वामी केशवानंद महाराज ने कहा कि परमात्मा को पाना कठिन काम नहीं, केवल श्रद्धा का भाव होना चाहिए। अंतकरण में बसे परमपिता का चिंतन करना होगा, तभी परमात्मा प्रकट होंगे।
कलयुग में हनुमान की पूजा करें, कल्याण होगा। मानव के अंदर संजीवता का भाव आने से परमात्मा स्वयं प्रकट हो जाएंगे। संतों के गुणों का वर्णन नहीं किया जा सकता है। स्वामी गोविंदाश्रम महाराज प्रतिदिन गो सेवा करते थे, वहीं शिक्षा प्रसार प्रचार कर समाज में युवाओं को अधिक से अधिक शिक्षा ग्रहण कराने पर आह्वान करना उनका मकसद था। वे दहेज प्रथा व बाल विवाह का घोर विरोध करते थे। संचालन कर रहे केडी शर्मा ने कहा कि आश्रम में 40 वर्षों तक रहकर अपने गुरु स्वामी सोमनाथ महाराज की नि:स्वार्थ भाव से सेवा कर समाज में हिंदू संस्कारों की अलख जगाने का महान कार्य किया। इस मौके पर स्वामी गुरुदत्त महाराज, स्वामी प्रयाग से पधारे कथा व्यास प्रपन्नाचार्य महाराज, स्वामी गीतांनद महाराज, आनंद अवस्थी आदि ने अपने विचार रखे। इससे पूर्व अतिथियों व अनुयाइयों ने स्वामी गोविंदाश्रम महाराज की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। आयोजित भंडारे में साधु संतों को प्रसाद खिलाकर नकद दान दक्षिणा भी दी गई। कार्यक्रम के आयोजन में दिल्ली निवासी राजकुमार राज ने सपत्नी मुख्य भूमिका निभाई। मनोहर शर्मा, विनोद चेयरमैन, गोपाल, रामफल मलिक आदि व्यवस्था बनाने लगे हुए थे।
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कलयुग में हनुमान की पूजा करें, कल्याण होगा। मानव के अंदर संजीवता का भाव आने से परमात्मा स्वयं प्रकट हो जाएंगे। संतों के गुणों का वर्णन नहीं किया जा सकता है। स्वामी गोविंदाश्रम महाराज प्रतिदिन गो सेवा करते थे, वहीं शिक्षा प्रसार प्रचार कर समाज में युवाओं को अधिक से अधिक शिक्षा ग्रहण कराने पर आह्वान करना उनका मकसद था। वे दहेज प्रथा व बाल विवाह का घोर विरोध करते थे। संचालन कर रहे केडी शर्मा ने कहा कि आश्रम में 40 वर्षों तक रहकर अपने गुरु स्वामी सोमनाथ महाराज की नि:स्वार्थ भाव से सेवा कर समाज में हिंदू संस्कारों की अलख जगाने का महान कार्य किया। इस मौके पर स्वामी गुरुदत्त महाराज, स्वामी प्रयाग से पधारे कथा व्यास प्रपन्नाचार्य महाराज, स्वामी गीतांनद महाराज, आनंद अवस्थी आदि ने अपने विचार रखे। इससे पूर्व अतिथियों व अनुयाइयों ने स्वामी गोविंदाश्रम महाराज की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। आयोजित भंडारे में साधु संतों को प्रसाद खिलाकर नकद दान दक्षिणा भी दी गई। कार्यक्रम के आयोजन में दिल्ली निवासी राजकुमार राज ने सपत्नी मुख्य भूमिका निभाई। मनोहर शर्मा, विनोद चेयरमैन, गोपाल, रामफल मलिक आदि व्यवस्था बनाने लगे हुए थे।
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