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होर्डिग्स की ई-टेंडरिंग करेगी पालिका
Updated Wed, 06 Jun 2018 12:29 AM IST
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मुजफ्फरनगर। पालिका चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल के द्वारा ई-टेंडरिंग के जरिए होर्डिग्स आदि का ठेका देने की कवायद के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची विज्ञापन एजेंसियों को झटका लगा है। सरकार के राजस्व की हानि को देखते हुए विज्ञापन एजेंसियों की याचिका को खारिज कर दिया गया है।
चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने नगर में करीब 26 विज्ञापन एजेंसियों के द्वारा होर्डिंग, यूनीपॉल और अन्य प्रकार के साधनों से किये जा रहे प्रचार प्रसार से राजस्व बढ़ाने के लिए किसी एक कंपनी को ठेका छोड़ने के लिए ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया अपनाई थी। इसमें किसी भी कंपनी के द्वारा निर्धारित समय तक प्रतिभाग नहीं किया गया तो चेयरपर्सन के आदेश पर पालिका प्रशासन ने दोबारा ई निविदा आमंत्रित की है, ये निविदा सात जून को खोली जानी है। इसी बीच रेशू एडवरटाइजिंग कंपनी ने चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल एवं अन्य के विरुद्ध हाईकोर्ट इलाहाबाद में याचिका दायर कर इसे नियमों के विपरीत बताते हुए रोकने का आग्रह किया था। हाईकोर्ट में न्यायाधीश यशवंत वर्मा ने इस अपील पर सुनवाई की। बहस के दौरान अदालत ने माना कि नगरपालिका परिषद् के द्वारा लिया जा रहा निर्णय राजस्व हित का कदम है, ऐसे में अदालत ने रेशू एडवरटाइजिंग कंपनी की पिटीशन को गलत मानते हुए खारिज कर दिया है। अदालत के इस फैसले से विज्ञापन एजेंसियों को झटका लगा है। चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने कहा कि यह सच की जीत है, उन्होंने जो निर्णय लिया है यह जनहित और पालिका हित में है।
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चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने नगर में करीब 26 विज्ञापन एजेंसियों के द्वारा होर्डिंग, यूनीपॉल और अन्य प्रकार के साधनों से किये जा रहे प्रचार प्रसार से राजस्व बढ़ाने के लिए किसी एक कंपनी को ठेका छोड़ने के लिए ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया अपनाई थी। इसमें किसी भी कंपनी के द्वारा निर्धारित समय तक प्रतिभाग नहीं किया गया तो चेयरपर्सन के आदेश पर पालिका प्रशासन ने दोबारा ई निविदा आमंत्रित की है, ये निविदा सात जून को खोली जानी है। इसी बीच रेशू एडवरटाइजिंग कंपनी ने चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल एवं अन्य के विरुद्ध हाईकोर्ट इलाहाबाद में याचिका दायर कर इसे नियमों के विपरीत बताते हुए रोकने का आग्रह किया था। हाईकोर्ट में न्यायाधीश यशवंत वर्मा ने इस अपील पर सुनवाई की। बहस के दौरान अदालत ने माना कि नगरपालिका परिषद् के द्वारा लिया जा रहा निर्णय राजस्व हित का कदम है, ऐसे में अदालत ने रेशू एडवरटाइजिंग कंपनी की पिटीशन को गलत मानते हुए खारिज कर दिया है। अदालत के इस फैसले से विज्ञापन एजेंसियों को झटका लगा है। चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने कहा कि यह सच की जीत है, उन्होंने जो निर्णय लिया है यह जनहित और पालिका हित में है।
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