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दीनी तालिमी इस्लाही कार्यक्रम का आयोजन
Updated Wed, 04 Apr 2018 12:05 AM IST
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शिक्षा सम्मान की बुनियाद : मौलाना महमूद मदनी
मोरना। तेवड़ा के अरबी मदरसा कासिम उलूम में दीनी तालीम इस्लाही कार्यक्रम में मुस्लिम समाज में शिक्षा की कमी को लेकर जागरूकता व सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया गया। कार्यक्रम के अंत में देश दुनिया में अमन-चैन व तरक्की की दुआ कराई गई। मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि शिक्षा सम्मान की बुनियाद है।
अरबी मदरसा में आयोजित कार्यक्रम का आगाज सोमवार की सुबह तिलवात-ए कुरान पाक से किया गया। विशिष्ट अतिथि दारुल उलूम देवबंद के संचालक मुफ्ती अबूल कासिम नोमानी ने कहा कि शिक्षा और संस्कार मनुष्य के जीवन को अनुशासित बनाता है। इस्लाम की तालीम मनुष्य को जागरूक करना है। इस्लामी साहित्यों को पढ़क़र पथभ्रष्ट होने से बचा जा सकता है। शिक्षा निजी स्वार्थों के लिए सामाजिक उद्देश्यों के लिए प्राप्त करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि शिक्षा सम्मान की बुनियाद है और समाज के उत्थान के सामूहिक प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम के अंत में दुआ कराई गई। कार्यक्रम के आयोजन में प्रबंधक मुफ्ती बिन यामीन, मुफ्ती अबू जंदल, कारी अब्दूल कय्यूम अध्यक्ष तजदीद व किरात विभाग व अन्य विद्वानों ने शिरकत की।
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मोरना। तेवड़ा के अरबी मदरसा कासिम उलूम में दीनी तालीम इस्लाही कार्यक्रम में मुस्लिम समाज में शिक्षा की कमी को लेकर जागरूकता व सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया गया। कार्यक्रम के अंत में देश दुनिया में अमन-चैन व तरक्की की दुआ कराई गई। मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि शिक्षा सम्मान की बुनियाद है।
अरबी मदरसा में आयोजित कार्यक्रम का आगाज सोमवार की सुबह तिलवात-ए कुरान पाक से किया गया। विशिष्ट अतिथि दारुल उलूम देवबंद के संचालक मुफ्ती अबूल कासिम नोमानी ने कहा कि शिक्षा और संस्कार मनुष्य के जीवन को अनुशासित बनाता है। इस्लाम की तालीम मनुष्य को जागरूक करना है। इस्लामी साहित्यों को पढ़क़र पथभ्रष्ट होने से बचा जा सकता है। शिक्षा निजी स्वार्थों के लिए सामाजिक उद्देश्यों के लिए प्राप्त करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि शिक्षा सम्मान की बुनियाद है और समाज के उत्थान के सामूहिक प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम के अंत में दुआ कराई गई। कार्यक्रम के आयोजन में प्रबंधक मुफ्ती बिन यामीन, मुफ्ती अबू जंदल, कारी अब्दूल कय्यूम अध्यक्ष तजदीद व किरात विभाग व अन्य विद्वानों ने शिरकत की।
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