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धामक स्थलों का ब्योरा जुटाने में लगे अफसर
Updated Tue, 09 Jan 2018 12:50 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद जनपद में धार्मिक स्थलों का ब्योरा जुटाना प्रारंभ हो गया है। अफसरों ने तहसील, थाना क्षेत्रों में प्रत्येक धार्मिक स्थल का ब्योरा तीन दिन में अधीनस्थों से तलब किया है। हालांकि कुछ स्थानों पर पुलिस ने धार्मिक स्थलों पर लाउड स्पीकरों को लेकर नोटिस भेजना प्रारंभकर दिया है। इसको लेकर धार्मिक स्थलों के संचालकों में खलबली मच गई है। वहीं, साधु-संतों के साथ मौलवियों के गले से यह नया फैसला नहीं उतर रहा है।
प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने डीएम और एसएसपी को आदेश जारी किए हैं। जिसमें कहा है कि 15 जनवरी तक हरहाल में धार्मिक स्थलों पर लगे लाउडस्पीकर हटाए जाएं अन्यथा इनकी अनुमति दी जाए। यह सब कार्य प्रदेशभर में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण को लेकर किया जा रहा है। ध्वनि प्रदूषण को लेकर हाईकोर्ट ने भी सख्त रुख अपनाया है। आदेश आते ही अफसरों ने भी जांच-पड़ताल प्रारंभ कर दी है। तहसील, क्षेत्र और गांव-कस्बों में बिना अनुमति के धार्मिक स्थलों के लाउडस्पीकर का ब्योरा मांगा गया है, ताकि बिना अनुमति के लाउडस्पीकर बंद कराए जा सके। शहरभर में जिन स्थानों का चिह्नित किया गया। वहां के धार्मिक स्थलों को नोटिस भेजकर लाउडस्पीकर की जानकारी मांगी गई है। लाउडस्पीकर का इस्तेमाल कब से हो रहा है और कितनी तेज आवाज में होता है। यह सब आंकड़े जुटाए गए हैं, जिन्हें नोटिस भेजकर अनुमति लेने के लिए कहा गया है। नोटिस आने के बाद अनेक धार्मिक स्थलों के संचालक, मौलवी, साधु-संत के साथ पुजारियों में खलबली मच गई है। हालांकि लाउडस्पीकर को लेकर दिया गया फैसला धार्मिक स्थलों के रख-रखावदाताओं के गले नहीं उतर रहा है। अखिल भारतीय इमाम संगठन के प्रदेशाध्यक्ष मुफ्ती जुल्फिकार ने बताया कि भारत में सबको धार्मिक स्वतंत्रता है। किसी चीज का मिसयूज होना गलत है। उधर, महामृत्युंजय मिशन के सदस्य पंडित संजीव शर्मा ने कहा कि ध्वनि प्रदूषण के लिहाज से यह कदम अच्छा है, लेकिन अनुमति जटिल नहीं होनी चाहिए। क्योंकि वर्षभर अनेकों कार्यक्रम और धार्मिक अनुष्ठान होते है। जिनमें लाउडस्पीकर का प्रयोग होता है। अनुमति के बाद कोई परेशानी होनी चाहिए। अनुमति देने में अफसर या सरकार कोई शर्ते न लगाए। उधर, एसपी सिटी ओमवीर सिंह ने बताया कि हाई कोर्ट के आदेश पर पालन कराया जाएगा। वैसे पुलिस का रोल 15 जनवरी के बाद शुरु होगा। फिर भी थानों का अवगत करा दिया गया है। धार्मिक स्थलों को सूचीबद्घ करने को कहा गया है। पुलिस प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी इस अभियान में शामिल होंगे।
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मुजफ्फरनगर। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद जनपद में धार्मिक स्थलों का ब्योरा जुटाना प्रारंभ हो गया है। अफसरों ने तहसील, थाना क्षेत्रों में प्रत्येक धार्मिक स्थल का ब्योरा तीन दिन में अधीनस्थों से तलब किया है। हालांकि कुछ स्थानों पर पुलिस ने धार्मिक स्थलों पर लाउड स्पीकरों को लेकर नोटिस भेजना प्रारंभकर दिया है। इसको लेकर धार्मिक स्थलों के संचालकों में खलबली मच गई है। वहीं, साधु-संतों के साथ मौलवियों के गले से यह नया फैसला नहीं उतर रहा है।
प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने डीएम और एसएसपी को आदेश जारी किए हैं। जिसमें कहा है कि 15 जनवरी तक हरहाल में धार्मिक स्थलों पर लगे लाउडस्पीकर हटाए जाएं अन्यथा इनकी अनुमति दी जाए। यह सब कार्य प्रदेशभर में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण को लेकर किया जा रहा है। ध्वनि प्रदूषण को लेकर हाईकोर्ट ने भी सख्त रुख अपनाया है। आदेश आते ही अफसरों ने भी जांच-पड़ताल प्रारंभ कर दी है। तहसील, क्षेत्र और गांव-कस्बों में बिना अनुमति के धार्मिक स्थलों के लाउडस्पीकर का ब्योरा मांगा गया है, ताकि बिना अनुमति के लाउडस्पीकर बंद कराए जा सके। शहरभर में जिन स्थानों का चिह्नित किया गया। वहां के धार्मिक स्थलों को नोटिस भेजकर लाउडस्पीकर की जानकारी मांगी गई है। लाउडस्पीकर का इस्तेमाल कब से हो रहा है और कितनी तेज आवाज में होता है। यह सब आंकड़े जुटाए गए हैं, जिन्हें नोटिस भेजकर अनुमति लेने के लिए कहा गया है। नोटिस आने के बाद अनेक धार्मिक स्थलों के संचालक, मौलवी, साधु-संत के साथ पुजारियों में खलबली मच गई है। हालांकि लाउडस्पीकर को लेकर दिया गया फैसला धार्मिक स्थलों के रख-रखावदाताओं के गले नहीं उतर रहा है। अखिल भारतीय इमाम संगठन के प्रदेशाध्यक्ष मुफ्ती जुल्फिकार ने बताया कि भारत में सबको धार्मिक स्वतंत्रता है। किसी चीज का मिसयूज होना गलत है। उधर, महामृत्युंजय मिशन के सदस्य पंडित संजीव शर्मा ने कहा कि ध्वनि प्रदूषण के लिहाज से यह कदम अच्छा है, लेकिन अनुमति जटिल नहीं होनी चाहिए। क्योंकि वर्षभर अनेकों कार्यक्रम और धार्मिक अनुष्ठान होते है। जिनमें लाउडस्पीकर का प्रयोग होता है। अनुमति के बाद कोई परेशानी होनी चाहिए। अनुमति देने में अफसर या सरकार कोई शर्ते न लगाए। उधर, एसपी सिटी ओमवीर सिंह ने बताया कि हाई कोर्ट के आदेश पर पालन कराया जाएगा। वैसे पुलिस का रोल 15 जनवरी के बाद शुरु होगा। फिर भी थानों का अवगत करा दिया गया है। धार्मिक स्थलों को सूचीबद्घ करने को कहा गया है। पुलिस प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी इस अभियान में शामिल होंगे।
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