{"_id":"5952b4fe4f1c1b0f368b4656","slug":"41498592510-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"माडर्न आर्ट की बारीकियों को समझाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
माडर्न आर्ट की बारीकियों को समझाया
Updated Wed, 28 Jun 2017 01:11 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
माडर्न आर्ट की बारीकियों को समझाया
मुजफ्फरनगर। ललित कला अकादमी लखनऊ की ओर से डॉ. पीसी बरुवा की स्मृति में चल रहे कला शिविर में बाल एवं युवा कलाकारों को माडर्न आर्ट की बारीकियों से अवगत कराया गया। डॉ. राजबल सैनी ने माडर्न आर्ट पर विस्तार से प्रकाश डाला।
डॉ. राजबल सैनी ने रोलर द्वारा अप्रत्याशित रुपाकारों को सृजित किया। रोलर और नाइफ से आकर्षक टेक्सचर निर्मित कर कंपोजिशन को पूर्णता प्रदान की। पानी का फुव्वारा चलाकर रंगों में धमनी उत्पन्न करने का सरल तरीका सिखाया। देखने में नॉन फिगरेटिव वर्क सरल लगता है, लेकिन रंगों के ऊपर रोलर से रंग लगाने में समय की आवश्यकता होती है। सैनी अपनी चिरपरिचित शैली में पूरा कर सबको अचंभित किया। स्क्रीन प्रिंटिंग की विशेषज्ञा सविता रानी ने नवोदित कलाकारों को बेड शीट्स के लिए स्क्रीन बनानी सिखाई। इससे पहले फ्रेम पर स्क्रीन कस ली जाती है। फिर उस पर वांछित आलेखन को छोड़कर शेष भाग को ऐनिमल रंग से उसके छिद्रों को बंद किया जाता है। बाद में रंगों को स्क्रीन पर फैला दिया जाता है। इसी प्रकार साड़ी पर भी आकर्षक प्रिंट बनाने सिखाये।
रंगों में यूरिया, फिक्सर एवं बाइंडर मिलाकर रंग बनाने बताए। तौलिये, मेजपोश, रुमाल, कुशन आदि भी बनाए जा सकते हैं। कार्यशाला में दिलखुश, हिमांशु पाल, डॉ. बबीता शर्मा, ज्योति, साक्षी चंदेल, अनमोल, आर्यन, प्रिया सैनी, प्रगति, आंचल, इंदु, सोनिया सैनी, सीमा वर्मा, नीरा वर्मा, देव दयाल, लोकेंद्र, मीना, शिखा वत्स, भावना, धर्मेंद्र कुमार, साक्षी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। ललित कला अकादमी लखनऊ की ओर से डॉ. पीसी बरुवा की स्मृति में चल रहे कला शिविर में बाल एवं युवा कलाकारों को माडर्न आर्ट की बारीकियों से अवगत कराया गया। डॉ. राजबल सैनी ने माडर्न आर्ट पर विस्तार से प्रकाश डाला।
डॉ. राजबल सैनी ने रोलर द्वारा अप्रत्याशित रुपाकारों को सृजित किया। रोलर और नाइफ से आकर्षक टेक्सचर निर्मित कर कंपोजिशन को पूर्णता प्रदान की। पानी का फुव्वारा चलाकर रंगों में धमनी उत्पन्न करने का सरल तरीका सिखाया। देखने में नॉन फिगरेटिव वर्क सरल लगता है, लेकिन रंगों के ऊपर रोलर से रंग लगाने में समय की आवश्यकता होती है। सैनी अपनी चिरपरिचित शैली में पूरा कर सबको अचंभित किया। स्क्रीन प्रिंटिंग की विशेषज्ञा सविता रानी ने नवोदित कलाकारों को बेड शीट्स के लिए स्क्रीन बनानी सिखाई। इससे पहले फ्रेम पर स्क्रीन कस ली जाती है। फिर उस पर वांछित आलेखन को छोड़कर शेष भाग को ऐनिमल रंग से उसके छिद्रों को बंद किया जाता है। बाद में रंगों को स्क्रीन पर फैला दिया जाता है। इसी प्रकार साड़ी पर भी आकर्षक प्रिंट बनाने सिखाये।
विज्ञापन
रंगों में यूरिया, फिक्सर एवं बाइंडर मिलाकर रंग बनाने बताए। तौलिये, मेजपोश, रुमाल, कुशन आदि भी बनाए जा सकते हैं। कार्यशाला में दिलखुश, हिमांशु पाल, डॉ. बबीता शर्मा, ज्योति, साक्षी चंदेल, अनमोल, आर्यन, प्रिया सैनी, प्रगति, आंचल, इंदु, सोनिया सैनी, सीमा वर्मा, नीरा वर्मा, देव दयाल, लोकेंद्र, मीना, शिखा वत्स, भावना, धर्मेंद्र कुमार, साक्षी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन