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Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर - संपत्ति नामांतरण की 400 फाइलें अधर में लटकीं

Thu, 11 Jan 2024 01:02 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर Updated Thu, 11 Jan 2024 01:02 AM IST
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400 files of property transfer stuck in limbo
- शहर के लोग पालिका के चक्कर काटने को मजबूर
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- कर अधीक्षक एवं ईओ के बीच हस्ताक्षर करने पर नहीं बनी सहमति
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद के कर विभाग में संपत्ति नामांतरण की 400 फाइलें अधर में लटकी हैं। कर अधीक्षक एवं ईओ के बीच हस्ताक्षर करने को लेकर सहमति नहीं बन पाने के कारण आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शहरी क्षेत्र में अचल संपत्ति खरीद के बाद संपत्ति नामांतरण दाखिल खारिज के लिए नगरपालिका परिषद् में आवेदन करना होता है। पालिका में सीमा विस्तार के बाद नए बोर्ड में संपत्ति दाखिल खारिज के आवेदन की संख्या में भी इजाफा हुआ है। पालिका के कर अधीक्षक नरेश कुमार शिवालिया और अधिशासी अधिकारी हेमराज सिंह के बीच दाखिल खारिज पत्रावलियों के निस्तारण को लेकर अधिकार क्षेत्र का सवाल खड़ा हो गया है। नए बोर्ड के करीब आठ माह के कार्यकाल में अभी तक केवल 200 दाखिल खारिज पत्रावलियों का निस्तारण हो पाया है और वर्तमान में करीब 400 पत्रावलियां ऐसी हैं, जिनको कर विभाग से जांचोपरांत हरी झंडी मिल गई। इन पर ईओ के हस्ताक्षर नहीं हुए हैं। इनके अलावा कर विभाग में सैकड़ों पत्रावलियां विभागीय जांच के फेर में लंबित चल रही हैं।
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कर अधीक्षक नरेश शिवालिया का कहना है कि नगरपालिका अधिनियम में प्रावधान है कि संपत्ति नामांतरण की पत्रावलियों को अंतिम स्वीकृति नगरपालिका बोर्ड या बोर्ड द्वारा प्राधिकृत अधिशासी अधिकारी की ओर से किया जाएगा। इस एक्ट के साथ ही शासनादेश में भी अधिशासी अधिकारी को ही अधिकार दिया गया है। करीब 400 संपत्ति नामांतरण के आवेदन स्वीकृत कर जांचोपरांत पत्रावलियां तैयार करते हुए अधिशासी अधिकारी को भिजवा चुके हैं, लेकिन वह हस्ताक्षर करने से इन्कार कर रहे हैं।
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ईओ हेमराज सिंह का कहना है कि दाखिल खारिज प्रकरणों के निस्तारण के लिए उनकी ओर से कर अधीक्षक को अधिकार दिया गया है। उनको लिखित और मौखिक आदेश दिये जा चुके हैं। निस्तारण न होने पर उनसे जवाब लिया जाएगा।
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