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डेढ़ माह में 32 अधिवक्ताओं की हुई मौत
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डेढ़ माह में 32 अधिवक्ताओं की हुई मौत
मुजफ्फरनगर। जिला कचहरी में कार्यरत 32 अधिवक्ताओं की बीते डेढ़ माह में मृत्यु हो गई है। इनमें आधे से अधिक की मौत कोरोना संक्रमण के बाद अस्पतालों में हुई है। मृतकों में जिला बार संघ के 26 और सिविल बार के छह अधिवक्ता शामिल हैं।
महामारी ने जिले के कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं की जिंदगी छीन लिया है। जिला बार संघ के 26 अधिवक्ताओं की मौत बीते डेढ़ माह में हुई है। जिला बार संघ के महासचिव अरुण शर्मा ने बताया कि सभी को जिला बार और यूपी बार से मिलने वाली आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। अधिकतम अधिवक्ताओं की मृत्यु कोरोना की चपेट में आने के कारण हुई है। जिन वकीलों की इस बीच मौत हुई, इनमें सत्यवीर सिंह, रियासत अली, सैय्यद नईम हैदर, ललित मोहन गौतम, हेमंत त्यागी, आबिद हुसैन, सिद्धार्थ कालियार, सुखपाल सिंह सैनी, श्यामवीर सिंह, प्रमोद सैनी, वीर मुकेश, दीपक कुमार सिंघल, जगवीर सिंह, नरेश कुमार बालियान, विनोद कुमर मित्तल, सुरेंद्र कुमार मलिक, देवदत्त त्यागी, परमजीत सिंह मलिक, मानवर सिंह नेगी, विवेक पंवार, पद्मसेन गोयल, अरविंद कुमार, कृष्णदत्त त्यागी, बारूराम शर्मा, यशपाल सिंह राठौर और मजाहिर अकबर शामिल हैं।
सिविल बार के वरिष्ठ अधिवक्ता खजान सिंह, ठाकुर मोल्हड सिंह, बालेश तायल, ललित मोहन ऐरन के साथ युवा अधिवक्ता पोषक अग्रवाल और कुलदीप चौहान की मृत्यु हुई है। सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुगंध जैन का कहना है कि वरिष्ठ अधिवक्ताओं के जाने से बार को बड़ा झटका लगा हैं।
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यूपी बार कौंसिल से मिलेंगे पांच लाख
जिन अधिवक्ताओं का यूपी बार कौंसिल में रजिस्ट्रेशन है, उन सबके परिवार को पांच-पांच लाख की आर्थिक मदद मिलती है। जिला बार संघ अपने अधिवक्ता को एक लाख की अलग से मदद करता है। सिविल बार अपने अधिवक्ता को 50 हजार की अलग से मदद देता है।
पेंशन पा रहे वकीलों को नहीं मिलेगा लाभ
जिला बार संघ के महासचिव अरुण शर्मा ने बताया कि जिला बार संघ में कुछ ऐसे लोग भी प्रैक्टिस कर रहे हैं, जो सरकारी नौकरी पर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जैसे बारूराम शर्मा गुरु बिरजानंद इंटर कॉलेज में प्रिंसिपल रहे हैं और उन्हें पेंशन मिलती थी। उन्हें वकील को मिलने वाली वेलफेयर योजना का लाभ नहीं मिलेगा। एक लाख की रकम जो जिला बार देती है, उनके परिजनों को नहीं दी जाएगी।
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मुजफ्फरनगर। जिला कचहरी में कार्यरत 32 अधिवक्ताओं की बीते डेढ़ माह में मृत्यु हो गई है। इनमें आधे से अधिक की मौत कोरोना संक्रमण के बाद अस्पतालों में हुई है। मृतकों में जिला बार संघ के 26 और सिविल बार के छह अधिवक्ता शामिल हैं।
महामारी ने जिले के कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं की जिंदगी छीन लिया है। जिला बार संघ के 26 अधिवक्ताओं की मौत बीते डेढ़ माह में हुई है। जिला बार संघ के महासचिव अरुण शर्मा ने बताया कि सभी को जिला बार और यूपी बार से मिलने वाली आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। अधिकतम अधिवक्ताओं की मृत्यु कोरोना की चपेट में आने के कारण हुई है। जिन वकीलों की इस बीच मौत हुई, इनमें सत्यवीर सिंह, रियासत अली, सैय्यद नईम हैदर, ललित मोहन गौतम, हेमंत त्यागी, आबिद हुसैन, सिद्धार्थ कालियार, सुखपाल सिंह सैनी, श्यामवीर सिंह, प्रमोद सैनी, वीर मुकेश, दीपक कुमार सिंघल, जगवीर सिंह, नरेश कुमार बालियान, विनोद कुमर मित्तल, सुरेंद्र कुमार मलिक, देवदत्त त्यागी, परमजीत सिंह मलिक, मानवर सिंह नेगी, विवेक पंवार, पद्मसेन गोयल, अरविंद कुमार, कृष्णदत्त त्यागी, बारूराम शर्मा, यशपाल सिंह राठौर और मजाहिर अकबर शामिल हैं।
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सिविल बार के वरिष्ठ अधिवक्ता खजान सिंह, ठाकुर मोल्हड सिंह, बालेश तायल, ललित मोहन ऐरन के साथ युवा अधिवक्ता पोषक अग्रवाल और कुलदीप चौहान की मृत्यु हुई है। सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुगंध जैन का कहना है कि वरिष्ठ अधिवक्ताओं के जाने से बार को बड़ा झटका लगा हैं।
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यूपी बार कौंसिल से मिलेंगे पांच लाख
जिन अधिवक्ताओं का यूपी बार कौंसिल में रजिस्ट्रेशन है, उन सबके परिवार को पांच-पांच लाख की आर्थिक मदद मिलती है। जिला बार संघ अपने अधिवक्ता को एक लाख की अलग से मदद करता है। सिविल बार अपने अधिवक्ता को 50 हजार की अलग से मदद देता है।
पेंशन पा रहे वकीलों को नहीं मिलेगा लाभ
जिला बार संघ के महासचिव अरुण शर्मा ने बताया कि जिला बार संघ में कुछ ऐसे लोग भी प्रैक्टिस कर रहे हैं, जो सरकारी नौकरी पर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जैसे बारूराम शर्मा गुरु बिरजानंद इंटर कॉलेज में प्रिंसिपल रहे हैं और उन्हें पेंशन मिलती थी। उन्हें वकील को मिलने वाली वेलफेयर योजना का लाभ नहीं मिलेगा। एक लाख की रकम जो जिला बार देती है, उनके परिजनों को नहीं दी जाएगी।