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स्कूलों को मर्ज करने का किया विरोध
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मुजफ्फरनगर। अखिल भारतीय उर्दू शिक्षक संघ ने एक ही परिसर में चल रहे परिषदीय विद्यालयों को मर्ज करने का विरोध किया। साथ ही हज पर जाने वाले अध्यापकों को उपार्जित अवकाश का लाभ देने की मांग की गई।
सोमवार को बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव के नाम एक ज्ञापन बीएसए योगेश शर्मा को दिया गया। कहा कि हज या उमराह पर जाने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं को अवैतनिक अवकाश पर जाने आदेश पारित किया गया है। इस आदेश के अनुसार शिक्षकों को उपार्जित अवकाश का लाभ नहीं मिला। अध्यापकों के हितों को ध्यान में रखते हुए हज या उमराह पर जाने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं को उपार्जित अवकाश का लाभ देने की मांग की गई। इसके साथ ही एक ही परिसर में संचालित परिषदीय विद्यालयों को मर्ज करने का भी विरोध किया गया। शिक्षकों ने कहा कि यह अध्यापकों के हित में नहीं है। इससे प्रमोशन के अवसर समाप्त हो जाएंगे तथा अध्यापकों के पदों में भी कमी हो जाएगी। उर्दू शिक्षक संघ ने इसका विरोध करते हुए संविलियन का आदेश वापस लेने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष रियाजुल हसन, अखलाक अहमद, सैयद आसिम, सरफराज, शहजाद अली, मोहतशिम, अश्वनी त्यागी, आरिफ सैफी, महबूब अली, अमीर अहमद, उम्मेद अली आदि मौजूद रहे।
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सोमवार को बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव के नाम एक ज्ञापन बीएसए योगेश शर्मा को दिया गया। कहा कि हज या उमराह पर जाने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं को अवैतनिक अवकाश पर जाने आदेश पारित किया गया है। इस आदेश के अनुसार शिक्षकों को उपार्जित अवकाश का लाभ नहीं मिला। अध्यापकों के हितों को ध्यान में रखते हुए हज या उमराह पर जाने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं को उपार्जित अवकाश का लाभ देने की मांग की गई। इसके साथ ही एक ही परिसर में संचालित परिषदीय विद्यालयों को मर्ज करने का भी विरोध किया गया। शिक्षकों ने कहा कि यह अध्यापकों के हित में नहीं है। इससे प्रमोशन के अवसर समाप्त हो जाएंगे तथा अध्यापकों के पदों में भी कमी हो जाएगी। उर्दू शिक्षक संघ ने इसका विरोध करते हुए संविलियन का आदेश वापस लेने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष रियाजुल हसन, अखलाक अहमद, सैयद आसिम, सरफराज, शहजाद अली, मोहतशिम, अश्वनी त्यागी, आरिफ सैफी, महबूब अली, अमीर अहमद, उम्मेद अली आदि मौजूद रहे।
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