{"_id":"5b883df542c792462e3b428a","slug":"31535655413-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तेंदुए के हमले की अफवाह से हडकंप मचा, दहशत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तेंदुए के हमले की अफवाह से हडकंप मचा, दहशत
Updated Fri, 31 Aug 2018 12:26 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तेंदुए के हमले की अफवाह से दहशत
रतनपुरी/खतौली। गांव रामपुर में तेंदुए के हमले की झूठी अफवाह से हड़कंप मच गया। सूचना पर पुलिस और वन विभाग की टीम ने मौके पर जाकर जांच पड़ताल की। जांच पड़ताल में हमले की सूचना अफवाह निकली। तेंदुए होने की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों में दहशत फैल गई है।
रतनपुरी के गांव रामपुर निवासी पंडित चमन शर्मा पुत्र संपत बृहस्पतिवार सुबह अपने खेत में चारा लेने जा रहा था। वह जंगल में पहुंचा तो उसे गन्ने के खेत के अंदर से जानवर की अजीब सी नोंचने जैसी आवाज सुनी। भयभीत होकर वह तुरंत शोर मचाते हुए वहां से भाग गया। ग्रामीण की आवाज सुनकर वहां आसपास के खेतों में काम रहे काफी किसान एकत्र हो गए। ग्रामीणों की सूचना पर ग्राम प्रधान राजकुमार ने लाउडस्पीकर द्वारा जंगल में तेंदुआ होने का एनाउंसमेंट करा दिया। इसके बाद ग्राम प्रधान ने तेंदुए की सूचना वन विभाग की टीम को देने के साथ साथ एसडीएम खतौली और डीएम को भी दे दी। सूचना पर वन विभाग के रेंजर एमके बलोदी, डिप्टी रेंजर मोहन कुमार बहुखंडी, वन दरोगा मोहनलाल यादव, वनरक्षक नंदकिशोर, सुनील कुमार, अंशीलाल, प्रहलाद सिंह आदि मौके पर पहुंचे। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने बताए गए स्थान पर जाकर देखा, तो वहां गन्ने के खेत में एक बछड़ा मरा हुआ पड़ा था, जिसे कुत्ते नोंच रहे थे। मृत बछड़े की जांच पड़ताल करने के बाद वन रेंजर एमके बलोदी ने बताया कि बछड़े के पीछे के हिस्से को कुत्तों ने नोंच डाला। इसके अलावा बछड़े के अगले पैरों के पास एक गोली लगने जैसा आरपार छेद भी मिला. जिसमें कीड़े रेंग रहे थे। वन रेंजर ने मृत बछड़े की जांच के लिए नावला से पशु चिकित्सक डा. राजेंद्र सिंह को बुलाया। पशु चिकित्सक डा. राजेंद सिंह ने मृत बछड़े को देखकर प्रथम दृष्टया बछड़े की मौत किसी गोली जैसी चीज द्वारा होना बताया। पशु चिकित्सक ने बछड़े पर तेंदुए जैसे किसी हमले की बात को स्पष्ट रूप से नकारा। इस बीच गांव में ग्राम प्रधान द्वारा तेंदुए के होने की घोषणा के बाद ग्रामीण हथियार लेकर जंगल में पहुंच गए, लेकिन वहां का नजारा देखकर सभी हतप्रभ रह गए। उधर, रेंजर एमके बलोदी ने बताया कि यह तेंदुए के विषय में केवल कोरी अफवाह थी।
विज्ञापन
रतनपुरी/खतौली। गांव रामपुर में तेंदुए के हमले की झूठी अफवाह से हड़कंप मच गया। सूचना पर पुलिस और वन विभाग की टीम ने मौके पर जाकर जांच पड़ताल की। जांच पड़ताल में हमले की सूचना अफवाह निकली। तेंदुए होने की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों में दहशत फैल गई है।
रतनपुरी के गांव रामपुर निवासी पंडित चमन शर्मा पुत्र संपत बृहस्पतिवार सुबह अपने खेत में चारा लेने जा रहा था। वह जंगल में पहुंचा तो उसे गन्ने के खेत के अंदर से जानवर की अजीब सी नोंचने जैसी आवाज सुनी। भयभीत होकर वह तुरंत शोर मचाते हुए वहां से भाग गया। ग्रामीण की आवाज सुनकर वहां आसपास के खेतों में काम रहे काफी किसान एकत्र हो गए। ग्रामीणों की सूचना पर ग्राम प्रधान राजकुमार ने लाउडस्पीकर द्वारा जंगल में तेंदुआ होने का एनाउंसमेंट करा दिया। इसके बाद ग्राम प्रधान ने तेंदुए की सूचना वन विभाग की टीम को देने के साथ साथ एसडीएम खतौली और डीएम को भी दे दी। सूचना पर वन विभाग के रेंजर एमके बलोदी, डिप्टी रेंजर मोहन कुमार बहुखंडी, वन दरोगा मोहनलाल यादव, वनरक्षक नंदकिशोर, सुनील कुमार, अंशीलाल, प्रहलाद सिंह आदि मौके पर पहुंचे। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने बताए गए स्थान पर जाकर देखा, तो वहां गन्ने के खेत में एक बछड़ा मरा हुआ पड़ा था, जिसे कुत्ते नोंच रहे थे। मृत बछड़े की जांच पड़ताल करने के बाद वन रेंजर एमके बलोदी ने बताया कि बछड़े के पीछे के हिस्से को कुत्तों ने नोंच डाला। इसके अलावा बछड़े के अगले पैरों के पास एक गोली लगने जैसा आरपार छेद भी मिला. जिसमें कीड़े रेंग रहे थे। वन रेंजर ने मृत बछड़े की जांच के लिए नावला से पशु चिकित्सक डा. राजेंद्र सिंह को बुलाया। पशु चिकित्सक डा. राजेंद सिंह ने मृत बछड़े को देखकर प्रथम दृष्टया बछड़े की मौत किसी गोली जैसी चीज द्वारा होना बताया। पशु चिकित्सक ने बछड़े पर तेंदुए जैसे किसी हमले की बात को स्पष्ट रूप से नकारा। इस बीच गांव में ग्राम प्रधान द्वारा तेंदुए के होने की घोषणा के बाद ग्रामीण हथियार लेकर जंगल में पहुंच गए, लेकिन वहां का नजारा देखकर सभी हतप्रभ रह गए। उधर, रेंजर एमके बलोदी ने बताया कि यह तेंदुए के विषय में केवल कोरी अफवाह थी।
विज्ञापन