{"_id":"5999e6044f1c1bd11e8b497d","slug":"31503258116-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रैक पर निर्माण कार्य की नहीं थी जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्रैक पर निर्माण कार्य की नहीं थी जानकारी
Updated Mon, 21 Aug 2017 02:15 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ट्रेन को नहीं दिया गया था कॉसन
मुजफ्फरनगर। उत्कल एक्सप्रेस हादसे में यह भी चौंकाने वाला खुलासा है कि रेल ट्रैक पर पटरी को जोड़ने के लिए निर्माण कार्य की जानकारी रेलवे स्टेशन मास्टर को नहीं थी। न ही रिकार्ड में इसे कहीं दर्ज किया गया था। जीआरपी में दर्ज कराए गए मुकदमे में हादसे के कारणों का जिक्र तो नहीं किया गया, लेकिन अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। मुकदमे में रेलवे एक्ट के साथ आईपीसी की धाराएं भी लगाई गई हैं।
खतौली में मेन रेल लाइन पर ट्रैक को जोड़ने के कार्य की कोई जानकारी स्टेशन मास्टर को नहीं दी गई थी। जेई और अन्य कर्मचारियों ने कब ट्रैक की पटरी को जोड़ना शुरू किया और कब काम बंद कर चले गए, किसी को कोई लिखित या मौखिक जानकारी नहीं थी। स्टेशन मास्टर राजेंद्र कुमार ने बताया कि शनिवार को खतौली से निकली उत्कल एक्सप्रेस को कोई कॉसन नहीं दिया गया था, जबकि ट्रैक पर कार्य किया जा रहा था। इसकी स्टेशन पर कहीं कोई सूचना दर्ज नहीं थी। जिस कारण ट्रेन रनथ्रू गुजारी गई। खतौली स्टेशन से निकलते ही ट्रेन हादसे का शिकार हो गई। मामले में रविवार को जीआरपी थाना मुजफ्फरनगर में हादसे की बाबत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। उधर, रेलवे के आला अधिकारियों ने वीभत्स हादसे की जांच सीओ गाजियाबाद को सौंपी है। जीआरपी इंस्पेक्टर किशन अवतार ने बताया कि अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज करते हुए मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है। आला अधिकारियों ने प्रमुख जांचकर्ता सीओ जीआरपी गाजियाबाद को नियुक्त किया है, वही हादसे की जांच-पड़ताल करेंगे।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। उत्कल एक्सप्रेस हादसे में यह भी चौंकाने वाला खुलासा है कि रेल ट्रैक पर पटरी को जोड़ने के लिए निर्माण कार्य की जानकारी रेलवे स्टेशन मास्टर को नहीं थी। न ही रिकार्ड में इसे कहीं दर्ज किया गया था। जीआरपी में दर्ज कराए गए मुकदमे में हादसे के कारणों का जिक्र तो नहीं किया गया, लेकिन अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। मुकदमे में रेलवे एक्ट के साथ आईपीसी की धाराएं भी लगाई गई हैं।
खतौली में मेन रेल लाइन पर ट्रैक को जोड़ने के कार्य की कोई जानकारी स्टेशन मास्टर को नहीं दी गई थी। जेई और अन्य कर्मचारियों ने कब ट्रैक की पटरी को जोड़ना शुरू किया और कब काम बंद कर चले गए, किसी को कोई लिखित या मौखिक जानकारी नहीं थी। स्टेशन मास्टर राजेंद्र कुमार ने बताया कि शनिवार को खतौली से निकली उत्कल एक्सप्रेस को कोई कॉसन नहीं दिया गया था, जबकि ट्रैक पर कार्य किया जा रहा था। इसकी स्टेशन पर कहीं कोई सूचना दर्ज नहीं थी। जिस कारण ट्रेन रनथ्रू गुजारी गई। खतौली स्टेशन से निकलते ही ट्रेन हादसे का शिकार हो गई। मामले में रविवार को जीआरपी थाना मुजफ्फरनगर में हादसे की बाबत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। उधर, रेलवे के आला अधिकारियों ने वीभत्स हादसे की जांच सीओ गाजियाबाद को सौंपी है। जीआरपी इंस्पेक्टर किशन अवतार ने बताया कि अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज करते हुए मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है। आला अधिकारियों ने प्रमुख जांचकर्ता सीओ जीआरपी गाजियाबाद को नियुक्त किया है, वही हादसे की जांच-पड़ताल करेंगे।
विज्ञापन