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इस्लाम हर तरह के आतंकवाद की निंदा करता है: बनारसी
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इस्लाम हर तरह के आतंकवाद की निंदा करता है: बनारसी
देवबंद (सहारनपुर)। इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी ने रमजान माह की विशेषता पर रोशनी डालते हुए कहा कि रमजान का मुख्य उद्देश्य धैर्य, संयम, सहानुभूति, समानता, करुणा, प्रेम और दूसरों का ख्याल रखना है।
शनिवार की रात मंगलौर रोड स्थित जामा मस्जिद में आयोजित हुए कार्यक्रम में मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी ने कहा कि रमजान पवित्र महीना है, जिसमें मुसलमानों को विशेष रूप से अपनी भाषा पर नियंत्रण रखना चाहिए व हर किसी का सम्मान करना चाहिए। साथ ही यह कोशिश करनी चाहिए कि हम अपनी पूरी जिंदगी रमजान-उल-मुबारक के मुताबिक ही गुजारें। कहा कि मजहब-ए-इस्लाम अमन का पैगाम देता है और हर तरह के आतंकवाद की कड़ी निंदा करता है। उन्होंने सभी से अधिक से अधिक लोगों की मद्द करने और रमजान माह में गरीबों का खास तौर पर ध्यान रखे जाने का आह्वान करते हुए कहा कि रमजान का महीना बहुत ही रहमतों और बरकतों वाला महीना है। अल्लाह इस महीने में अपने बंदों पर खास रहमतों की बारिश करता है। इसलिए सभी को चाहिए कि वह इस माह में रोजे रखें, पांचों वक्त नमाज की पाबंदी करें, पूरे माह तरावीह में कलाम पाक सुने और कोई भी ऐसा काम न करें जिससे रोजा खराब होने का खतरा बने। इस मौके अब्दुल रहमान, जीशान अनवर, मो. राशिद समेत अन्य लोग शामिल रहे।
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देवबंद (सहारनपुर)। इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी ने रमजान माह की विशेषता पर रोशनी डालते हुए कहा कि रमजान का मुख्य उद्देश्य धैर्य, संयम, सहानुभूति, समानता, करुणा, प्रेम और दूसरों का ख्याल रखना है।
शनिवार की रात मंगलौर रोड स्थित जामा मस्जिद में आयोजित हुए कार्यक्रम में मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी ने कहा कि रमजान पवित्र महीना है, जिसमें मुसलमानों को विशेष रूप से अपनी भाषा पर नियंत्रण रखना चाहिए व हर किसी का सम्मान करना चाहिए। साथ ही यह कोशिश करनी चाहिए कि हम अपनी पूरी जिंदगी रमजान-उल-मुबारक के मुताबिक ही गुजारें। कहा कि मजहब-ए-इस्लाम अमन का पैगाम देता है और हर तरह के आतंकवाद की कड़ी निंदा करता है। उन्होंने सभी से अधिक से अधिक लोगों की मद्द करने और रमजान माह में गरीबों का खास तौर पर ध्यान रखे जाने का आह्वान करते हुए कहा कि रमजान का महीना बहुत ही रहमतों और बरकतों वाला महीना है। अल्लाह इस महीने में अपने बंदों पर खास रहमतों की बारिश करता है। इसलिए सभी को चाहिए कि वह इस माह में रोजे रखें, पांचों वक्त नमाज की पाबंदी करें, पूरे माह तरावीह में कलाम पाक सुने और कोई भी ऐसा काम न करें जिससे रोजा खराब होने का खतरा बने। इस मौके अब्दुल रहमान, जीशान अनवर, मो. राशिद समेत अन्य लोग शामिल रहे।
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