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आचरण के बिना धन और ज्ञान व्यर्थ : आर्य
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आचरण के बिना धन और ज्ञान व्यर्थ : आर्य
तितावी। वैदिक आश्रम अलीपुर कलां में वेद मंत्रों से यज्ञ में आहुतियां दी गई। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि आचरण के बिना धन, संपत्ति और ज्ञान व्यर्थ है। मनुष्य का आचरण ही परम धर्म है।
लालूखेड़ी स्थित वैदिक आश्रम में वैदिक संस्कृति के प्रचार कार्यों में जुटे व्यायाम शिक्षक राजकुमार आर्य को सम्मान राशि और शाल भेंट कर आचार्य गुरुदत्त आर्य ने सम्मानित किया। यज्ञ सभा मे आर्य ने कहा कि मनुष्य की पहचान उसके गुण, कर्म, चरित्र, पवित्र आचरण और स्वभाव से होती है, जाति, धर्म , पद या धन से नहीं। संस्कार और संस्कृति केवल वाणी में नहीं, बल्कि आचरण में झलकनी चाहिए। व्यवहार, शिष्टाचार और मर्यादित आचरण जीवन के आभूषण है। विनम्रता से परोपकार करें, सच्चे सुख की अनुभूति होगी। वानप्रस्थी सत्यमुनि ने कहा कि ऋषि दयानंद के सिद्धांतों से ही समाज सुधार होगा। युवा यज्ञ एवं आर्य समाज से जुड़े। धन प्रकाश आर्य, ओमबीर सिंह, तेज सिंह आर्य, अमित कुमार आर्य, नारायण सिंह आर्य, जयप्रकाश आर्य, डॉ. नरेश आर्य, राजीव आर्य आदि मौजूद रहे।
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तितावी। वैदिक आश्रम अलीपुर कलां में वेद मंत्रों से यज्ञ में आहुतियां दी गई। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि आचरण के बिना धन, संपत्ति और ज्ञान व्यर्थ है। मनुष्य का आचरण ही परम धर्म है।
लालूखेड़ी स्थित वैदिक आश्रम में वैदिक संस्कृति के प्रचार कार्यों में जुटे व्यायाम शिक्षक राजकुमार आर्य को सम्मान राशि और शाल भेंट कर आचार्य गुरुदत्त आर्य ने सम्मानित किया। यज्ञ सभा मे आर्य ने कहा कि मनुष्य की पहचान उसके गुण, कर्म, चरित्र, पवित्र आचरण और स्वभाव से होती है, जाति, धर्म , पद या धन से नहीं। संस्कार और संस्कृति केवल वाणी में नहीं, बल्कि आचरण में झलकनी चाहिए। व्यवहार, शिष्टाचार और मर्यादित आचरण जीवन के आभूषण है। विनम्रता से परोपकार करें, सच्चे सुख की अनुभूति होगी। वानप्रस्थी सत्यमुनि ने कहा कि ऋषि दयानंद के सिद्धांतों से ही समाज सुधार होगा। युवा यज्ञ एवं आर्य समाज से जुड़े। धन प्रकाश आर्य, ओमबीर सिंह, तेज सिंह आर्य, अमित कुमार आर्य, नारायण सिंह आर्य, जयप्रकाश आर्य, डॉ. नरेश आर्य, राजीव आर्य आदि मौजूद रहे।
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