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श्रीमद् भागवत कथा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया
Updated Wed, 14 Nov 2018 12:20 AM IST
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भजनों पर श्रद्धालुओं ने नृत्य किया
मोरना। शुकतीर्थ स्थित पंजाबी बारातघर में द भागवत मिशन फाउंडेशन की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह कथा ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन मंगलवार को श्रीराम जन्म, श्रीकृष्ण जन्म एवं नंदोत्सव मनाया गया। संगीतमय भजनों पर श्रद्धालुओं ने नृत्य करते हुए भागवत का रसपान किया।
कथाव्यास आचार्य गौरव कृष्ण गोस्वामी जी ने कहा कि भगवान कृष्ण का जन्म मनुष्य के लिए कल्याणकारी है। भगवान के जन्म से ही धरती पर वातावरण सुगंधित हो गया। समस्त देवताओं सहित संपूर्ण ब्रह्मांड प्रसन्न व प्रफुल्लित हो गया। भगवान कृष्ण कृपा, नीति, बल, बुद्धि और पराक्रम वाले हैं। कमल लोचन, अंत:करण वाले सच्चिदानंद स्वरूप श्रीकृष्ण भगवान वैकुंठ धाम के अधिपति और क्षर-अक्षर पुरुष से उत्तम पुरुषोत्तम हैं। श्रीकृष्ण प्रेरक एवं यज्ञस्वरूप हैं तथा वैदिक संस्कारों से युक्त हैं। भगवान कृष्ण ने वैकुंठ धाम से आकर पृथ्वी पर अवतार धारण कर भक्तों का उद्धार किया तथा कंस जैसी असुर शक्तियों का विनाश किया। भगवान श्रीकृष्ण का रूप सबको अपनी ओर खींचने वाला है तथा प्राणियों को माया से बांधने वाला है। श्रीकृष्ण ही जगत आदि के कारण हैं। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव में कथा हाल को विशेष रूप से सजाया गया। व्यवस्थापक के रूप में मनोहर लाल शर्मा दंडी आश्रम मुख्य रूप से रहे। बुधवार को श्रीकृष्ण बाल लीला, गोवर्धन पूजा एवं 56 भोग महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। कथा को सुनने के लिए दूरदराज व क्षेत्र से भारी संख्या में श्रद्धालु शुकतीर्थ पहुंच रहे हैं।
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मोरना। शुकतीर्थ स्थित पंजाबी बारातघर में द भागवत मिशन फाउंडेशन की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह कथा ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन मंगलवार को श्रीराम जन्म, श्रीकृष्ण जन्म एवं नंदोत्सव मनाया गया। संगीतमय भजनों पर श्रद्धालुओं ने नृत्य करते हुए भागवत का रसपान किया।
कथाव्यास आचार्य गौरव कृष्ण गोस्वामी जी ने कहा कि भगवान कृष्ण का जन्म मनुष्य के लिए कल्याणकारी है। भगवान के जन्म से ही धरती पर वातावरण सुगंधित हो गया। समस्त देवताओं सहित संपूर्ण ब्रह्मांड प्रसन्न व प्रफुल्लित हो गया। भगवान कृष्ण कृपा, नीति, बल, बुद्धि और पराक्रम वाले हैं। कमल लोचन, अंत:करण वाले सच्चिदानंद स्वरूप श्रीकृष्ण भगवान वैकुंठ धाम के अधिपति और क्षर-अक्षर पुरुष से उत्तम पुरुषोत्तम हैं। श्रीकृष्ण प्रेरक एवं यज्ञस्वरूप हैं तथा वैदिक संस्कारों से युक्त हैं। भगवान कृष्ण ने वैकुंठ धाम से आकर पृथ्वी पर अवतार धारण कर भक्तों का उद्धार किया तथा कंस जैसी असुर शक्तियों का विनाश किया। भगवान श्रीकृष्ण का रूप सबको अपनी ओर खींचने वाला है तथा प्राणियों को माया से बांधने वाला है। श्रीकृष्ण ही जगत आदि के कारण हैं। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव में कथा हाल को विशेष रूप से सजाया गया। व्यवस्थापक के रूप में मनोहर लाल शर्मा दंडी आश्रम मुख्य रूप से रहे। बुधवार को श्रीकृष्ण बाल लीला, गोवर्धन पूजा एवं 56 भोग महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। कथा को सुनने के लिए दूरदराज व क्षेत्र से भारी संख्या में श्रद्धालु शुकतीर्थ पहुंच रहे हैं।
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