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जल भराव की समस्या से परेशान ग्रामीण
Updated Sun, 18 Mar 2018 12:24 AM IST
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बुढ़ाना। गढ़मलपुर सागड़ी गांव की गलियों में होने वाले जलभराव से ग्रामीण परेशान हैं। इस समस्या को लेकर ग्रामीण कई माह से तहसील दिवस में अधिकारियों को अवगत कराते आ रहे हैं। ग्रामीणों की इस समस्या का कोई समाधान नहीं हो पा रहा है। खंड विकास अधिकारी ने गांव का दौरा कर गांव वालों से वार्ता की।
तहसील क्षेत्र के गांव गढ़मलपुर सागड़ी में बरसात के पानी के अलावा घरों से निकलने वाला पानी भी गांव की गलियों में भर जाता है। गलियों में जलनिकासी नहीं होने के कारण सारा पानी गलियों में भरा रहता है। गलियों में होने वाले जलभराव के कारण गांव में गंदगी व मच्छर पैदा हो गए हैं। इस जलभराव के कारण गांव में बीमारी फैलने का खतरा भी बना हुआ है। जलभराव की इस समस्या को लेकर ग्रामीण रविंद्र कुमार, जितेंद्र मलिक, रामदास, सचिन, जयपाल सिंह आदि ग्रामीणों ने हस्ताक्षरित शिकायती पत्र मुख्य विकास अधिकारी को भेजा था। ग्रामीणों के इस पत्र के आधार पर मुख्य विकास अधिकारी ने खंड विकास अधिकारी बुढ़ाना को ग्रामीणों की समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए थे। ग्रामीणों ने बताया कि आज तक उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। स्कूल में जाने वाले छोटे बच्चों, ग्रामीण महिलाओं आदि को गंदगी से होकर गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। ग्रामीणों की शिकायत पर खंड विकास अधिकारी सुभाषचंद शनिवार को गांव गढ़मलपुर सागड़ी पहुंचे। जलभराव की समस्या के समाधान के बारे में गांव वालों से भी वार्ता की। ग्रामीणों में खंड विकास अधिकारी को बताया कि जलनिकासी की नाली बनवाकर इस पानी को गांव की बंजर जमीन अथवा ग्राम पंचायत की जमीन में ले जाया जा सकता है। गांव के तालाब में भी इस पानी को डाला जा सकता है। खंड विकास अधिकारी का कहना है कि गांव के तालाब की खुदाई हेतु राज्य वित्त आयोग से कोई बजट नहीं आता। मनरेगा के तहत ही समस्या का समाधान खोजना होगा।
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तहसील क्षेत्र के गांव गढ़मलपुर सागड़ी में बरसात के पानी के अलावा घरों से निकलने वाला पानी भी गांव की गलियों में भर जाता है। गलियों में जलनिकासी नहीं होने के कारण सारा पानी गलियों में भरा रहता है। गलियों में होने वाले जलभराव के कारण गांव में गंदगी व मच्छर पैदा हो गए हैं। इस जलभराव के कारण गांव में बीमारी फैलने का खतरा भी बना हुआ है। जलभराव की इस समस्या को लेकर ग्रामीण रविंद्र कुमार, जितेंद्र मलिक, रामदास, सचिन, जयपाल सिंह आदि ग्रामीणों ने हस्ताक्षरित शिकायती पत्र मुख्य विकास अधिकारी को भेजा था। ग्रामीणों के इस पत्र के आधार पर मुख्य विकास अधिकारी ने खंड विकास अधिकारी बुढ़ाना को ग्रामीणों की समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए थे। ग्रामीणों ने बताया कि आज तक उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। स्कूल में जाने वाले छोटे बच्चों, ग्रामीण महिलाओं आदि को गंदगी से होकर गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। ग्रामीणों की शिकायत पर खंड विकास अधिकारी सुभाषचंद शनिवार को गांव गढ़मलपुर सागड़ी पहुंचे। जलभराव की समस्या के समाधान के बारे में गांव वालों से भी वार्ता की। ग्रामीणों में खंड विकास अधिकारी को बताया कि जलनिकासी की नाली बनवाकर इस पानी को गांव की बंजर जमीन अथवा ग्राम पंचायत की जमीन में ले जाया जा सकता है। गांव के तालाब में भी इस पानी को डाला जा सकता है। खंड विकास अधिकारी का कहना है कि गांव के तालाब की खुदाई हेतु राज्य वित्त आयोग से कोई बजट नहीं आता। मनरेगा के तहत ही समस्या का समाधान खोजना होगा।
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