{"_id":"5c816196bdec22142f019afd","slug":"201551982998-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पनियाली कासिमपुर में आज से शुरू होगा जोड़ मेला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पनियाली कासिमपुर में आज से शुरू होगा जोड़ मेला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पनियाली कासिमपुर में आज से शुरू होगा जोड़ मेला
देवबंद (सहारनपुर)। पनियाली कासिमपुर स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा में संत अकाल पूरख सिंह की बरसी पर आठ मार्च से आयोजित होने वाले वार्षिक मेले की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। मेले में विद्वानों और कथा विचारकों का भी पहुंचना शुरू हो गया है।
गुरुद्वारा साहिब के सेवादार बाबा रणजीत सिंह ने बताया कि छठे पातशाह साहिब श्री गुरू हरगोबिंद जी ने वर्ष 1680 फाल्गुन मास में नानकमता जाते हुए कुछ समय के लिए पनियाली में ठहरे थे। बाद में गदरी बाबों ने वर्ष 1914 में इस स्थान की खोज कर वहां नींव के पत्थर रखकर गुरुद्वारे का निर्माण शुरू कराया। इसकी सेवा बाबा श्याम सिंह को सेवा सौंपी गई। वर्ष 1997 को निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इस स्थान पर सालाना जोड़ मेला आयोजित किया जाने लगा। उन्होंने बताया कि 8 से 11 मार्च तक चलने वाले धार्मिक समागम की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। 10 मार्च को कीर्तन दरबार होगा जबकि 11 मार्च को नगर कीर्तन निकाला जाएगा। इसमें दिलेर खालसा गतका पार्टी पंजाब आकर्षण का केंद्र रहेगी। उन्होंने बताया कि समागम के दौरान चार दिनों तक पनियाली और आसपास के गांवों के हिंदू , मुस्लिम, सिख सभी बिरादरियों के लोग गुरुद्वारा में रहकर दूरदराज से आने वाली संगतों की सेवा करते हैं।
विज्ञापन
देवबंद (सहारनपुर)। पनियाली कासिमपुर स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा में संत अकाल पूरख सिंह की बरसी पर आठ मार्च से आयोजित होने वाले वार्षिक मेले की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। मेले में विद्वानों और कथा विचारकों का भी पहुंचना शुरू हो गया है।
गुरुद्वारा साहिब के सेवादार बाबा रणजीत सिंह ने बताया कि छठे पातशाह साहिब श्री गुरू हरगोबिंद जी ने वर्ष 1680 फाल्गुन मास में नानकमता जाते हुए कुछ समय के लिए पनियाली में ठहरे थे। बाद में गदरी बाबों ने वर्ष 1914 में इस स्थान की खोज कर वहां नींव के पत्थर रखकर गुरुद्वारे का निर्माण शुरू कराया। इसकी सेवा बाबा श्याम सिंह को सेवा सौंपी गई। वर्ष 1997 को निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इस स्थान पर सालाना जोड़ मेला आयोजित किया जाने लगा। उन्होंने बताया कि 8 से 11 मार्च तक चलने वाले धार्मिक समागम की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। 10 मार्च को कीर्तन दरबार होगा जबकि 11 मार्च को नगर कीर्तन निकाला जाएगा। इसमें दिलेर खालसा गतका पार्टी पंजाब आकर्षण का केंद्र रहेगी। उन्होंने बताया कि समागम के दौरान चार दिनों तक पनियाली और आसपास के गांवों के हिंदू , मुस्लिम, सिख सभी बिरादरियों के लोग गुरुद्वारा में रहकर दूरदराज से आने वाली संगतों की सेवा करते हैं।
विज्ञापन