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राब्ता मदारिस-ए-इस्लामिया की बैठक में कई प्रस्ताव पारित
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देवबंद। दारुल उलूम में हुई राब्ता मदारिस-ए-इस्लामिया की बैठक में दारुल उलूम से संबद्ध मदरसों की रिपोर्ट पेश की गई। साथ ही सभी मदरसों में एक साथ वार्षिक परीक्षा कराए जाने पर जोर दिया गया। कई प्रस्ताव भी पारित किए गए।
मंगलवार को दारुल उलूम के मेहमानखाने में आयोजित हुई बैठक की अध्यक्षता कर रहे संस्था के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी ने कहा कि राब्ता मदारिस-ए-इस्लामिया का बुनियादी मकसद मदरसों के निजाम को बेहतर बनाना, तालीम और तरबियत को सुनिश्चित करना, संपर्क और एकजुटता को बढ़ावा देना तथा दीनी इदारों की समस्याओं का समाधान करना है। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों में खुली शाखाओं को राब्ता बोर्ड के तहत सामूहिक परीक्षा की व्यवस्था एक साथ करनी चाहिए। बैठक में मौलाना शौकत अली कासमी बस्तवी ने राब्ता मदारिस की वार्षिक रिपोर्ट पेश की और विभिन्न राज्यों की शाखाओं की कार्रवाई की जानकारी दी। बैठक में मदरसों के निजाम को बेहतर बनाने, मदरसों को मुल्क व मिल्लत के लिए ज्यादा से ज्यादा फायदेमंद बनाने, उस्तादों व छात्रों के प्रशिक्षण की व्यवस्था कराने, छात्रों को अनुशासन में रखने के संबंध में विचार विमर्श के उपरांत कई प्रस्ताव पारित किए गए। इस दौरान सदस्यों ने दिवंगत मौलाना सालिम कासमी, मौलाना याकूब, मौलाना असरारुलहक कासमी, मौलाना रशीद नदवी, मौलाना अब्दुल्ला, मौलाना जुबैर अहमद कासमी, मौलाना अब्दुल रशीद बस्तवी, मौलाना हसीब सिद्दीकी, मौलाना तालिब, मौलाना जमील अहमद मुबारकपुरी के इंतकाल पर दुख का इजहार करते हुए उन्हें खिराज-ए-अकीदत पेश की। संचालन मौलाना शौकत अली ने किया। इस मौके पर मुफ्ती सईद अहमद पालनपुरी, मौलाना कमरुद्दीन, मौलाना कारी सैय्यद मोहम्मद उस्मान मंसूरपुरी, मौलाना अब्दुल हक मद्रासी, मौलाना शाहिद, मौलाना हबीबुर्रहमान कासमी, मौलाना रहमतुल्लाह कश्मीरी, मौलाना महमूद हसन, मौलाना निजामुद्दीन, मौलाना नूर आलम, मौैलाना अब्दुल खालिक संभली, मौलाना अफजल कैमूरी, मौलाना रियासत अली, मौलाना सिद्दीकउल्लाह चौधरी, मौलाना मुफ्ती अहमद, मौलाना अब्दुल रहीम, मौलाना अब्दुल शकूर केरला, मौलाना मो. फर्रुख आदि मौजूद रहे।
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मंगलवार को दारुल उलूम के मेहमानखाने में आयोजित हुई बैठक की अध्यक्षता कर रहे संस्था के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी ने कहा कि राब्ता मदारिस-ए-इस्लामिया का बुनियादी मकसद मदरसों के निजाम को बेहतर बनाना, तालीम और तरबियत को सुनिश्चित करना, संपर्क और एकजुटता को बढ़ावा देना तथा दीनी इदारों की समस्याओं का समाधान करना है। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों में खुली शाखाओं को राब्ता बोर्ड के तहत सामूहिक परीक्षा की व्यवस्था एक साथ करनी चाहिए। बैठक में मौलाना शौकत अली कासमी बस्तवी ने राब्ता मदारिस की वार्षिक रिपोर्ट पेश की और विभिन्न राज्यों की शाखाओं की कार्रवाई की जानकारी दी। बैठक में मदरसों के निजाम को बेहतर बनाने, मदरसों को मुल्क व मिल्लत के लिए ज्यादा से ज्यादा फायदेमंद बनाने, उस्तादों व छात्रों के प्रशिक्षण की व्यवस्था कराने, छात्रों को अनुशासन में रखने के संबंध में विचार विमर्श के उपरांत कई प्रस्ताव पारित किए गए। इस दौरान सदस्यों ने दिवंगत मौलाना सालिम कासमी, मौलाना याकूब, मौलाना असरारुलहक कासमी, मौलाना रशीद नदवी, मौलाना अब्दुल्ला, मौलाना जुबैर अहमद कासमी, मौलाना अब्दुल रशीद बस्तवी, मौलाना हसीब सिद्दीकी, मौलाना तालिब, मौलाना जमील अहमद मुबारकपुरी के इंतकाल पर दुख का इजहार करते हुए उन्हें खिराज-ए-अकीदत पेश की। संचालन मौलाना शौकत अली ने किया। इस मौके पर मुफ्ती सईद अहमद पालनपुरी, मौलाना कमरुद्दीन, मौलाना कारी सैय्यद मोहम्मद उस्मान मंसूरपुरी, मौलाना अब्दुल हक मद्रासी, मौलाना शाहिद, मौलाना हबीबुर्रहमान कासमी, मौलाना रहमतुल्लाह कश्मीरी, मौलाना महमूद हसन, मौलाना निजामुद्दीन, मौलाना नूर आलम, मौैलाना अब्दुल खालिक संभली, मौलाना अफजल कैमूरी, मौलाना रियासत अली, मौलाना सिद्दीकउल्लाह चौधरी, मौलाना मुफ्ती अहमद, मौलाना अब्दुल रहीम, मौलाना अब्दुल शकूर केरला, मौलाना मो. फर्रुख आदि मौजूद रहे।
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