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नोटिस के विरोध में आए 44 परिवार
Updated Tue, 20 Nov 2018 12:50 AM IST
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नोटिस के विरोध में आए 44 परिवार
मुजफ्फरनगर। मोहल्ला जनकपुरी में सरकारी संपत्ति पर निर्माण को लेकर जारी किए गए नोटिस का मामला एक बार फिर गर्मा गया है। संबंधित 44 परिवार आज बैठक करेंगे, जिसमें आंदोलन की रूपरेखा बनाई जाएगी। उन्होंने प्रधानमंत्री को भी पत्र भेजकर नगर पालिका से जारी नोटिसों को गलत बताया है। उनका कहना है कि उनकी जमीन बैनामाशुदा है। नगर पालिका उन्हें परेशान करने की नीयत से नोटिस जारी कर रही है।
नगर मजिस्ट्रेट की ओर से मोहल्ला जनकपुरी के 44 परिवारों को नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में कहा गया है कि संबंधित व्यक्तियों ने सरकारी भूमि पर कब्जा कर निर्माण किया है। उन्हें निर्माण हटाने की चेतावनी दी गई है। इसका मोहल्लावासियों ने विरोध किया है। उनका कहना है कि वे 30-35 वर्षों से यहां निवास कर रहे हैं। नगर पालिका को गृह कर और जल कर भी जमा करते हैं। उन्होंने जब इस भूमि का बैनामा कराया था, तब नगर पालिका ने कोई आपत्ति नहीं की थी और न ही तहसील से इस संबंध में कोई कार्रवाई की गई थी। अब उन्हें नोटिस भेजकर परेशान किया जा रहा है। मोहल्लेवासियों ने इन नोटिसों को खारिज करने की मांग की है। इस संबंध में मंगलवार को सभी एकजुट होकर बैठक करेंगे। इस बैठक में नगर पालिका की कार्रवाई के विरोध में आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। छोटा सिंह, जगवीर सिंह, जयपाल सिंह, अंकुर अमन, सुनील, अनिल कुमार, संगीता, महावीर सिंह, सुमन, रामशरण, चंद्रवती आदि ने प्रधानमंत्री को भी पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।
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मुजफ्फरनगर। मोहल्ला जनकपुरी में सरकारी संपत्ति पर निर्माण को लेकर जारी किए गए नोटिस का मामला एक बार फिर गर्मा गया है। संबंधित 44 परिवार आज बैठक करेंगे, जिसमें आंदोलन की रूपरेखा बनाई जाएगी। उन्होंने प्रधानमंत्री को भी पत्र भेजकर नगर पालिका से जारी नोटिसों को गलत बताया है। उनका कहना है कि उनकी जमीन बैनामाशुदा है। नगर पालिका उन्हें परेशान करने की नीयत से नोटिस जारी कर रही है।
नगर मजिस्ट्रेट की ओर से मोहल्ला जनकपुरी के 44 परिवारों को नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में कहा गया है कि संबंधित व्यक्तियों ने सरकारी भूमि पर कब्जा कर निर्माण किया है। उन्हें निर्माण हटाने की चेतावनी दी गई है। इसका मोहल्लावासियों ने विरोध किया है। उनका कहना है कि वे 30-35 वर्षों से यहां निवास कर रहे हैं। नगर पालिका को गृह कर और जल कर भी जमा करते हैं। उन्होंने जब इस भूमि का बैनामा कराया था, तब नगर पालिका ने कोई आपत्ति नहीं की थी और न ही तहसील से इस संबंध में कोई कार्रवाई की गई थी। अब उन्हें नोटिस भेजकर परेशान किया जा रहा है। मोहल्लेवासियों ने इन नोटिसों को खारिज करने की मांग की है। इस संबंध में मंगलवार को सभी एकजुट होकर बैठक करेंगे। इस बैठक में नगर पालिका की कार्रवाई के विरोध में आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। छोटा सिंह, जगवीर सिंह, जयपाल सिंह, अंकुर अमन, सुनील, अनिल कुमार, संगीता, महावीर सिंह, सुमन, रामशरण, चंद्रवती आदि ने प्रधानमंत्री को भी पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।
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