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भी तक 40 बरी, सजा किसी को नहीं
Updated Thu, 07 Sep 2017 12:25 AM IST
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चार साल में पांच मुकदमे हो पाए निस्तारित
मुजफ्फरनगर। चार वर्ष पूर्व जिले में भड़के दंगों के दौरान विभिन्न थानों पर दर्ज हुए मुकदमे अदालतों में ट्रायल पर हैं। बीते चार साल में अभी तक केवल पांच मुकदमों का ही निस्तारण हुआ है। साक्ष्यों के अभाव में 40 आरोपी बरी हो चुके हैं।
दंगे के दौरान जिले के शाहपुर, बुढ़ाना, फुगाना, मंसूरपुर, मीरापुर, शहर कोतवाली, भोपा, भौराकलां, रतनपुरी आदि थानों में हत्या, लूट, डकैती, गैंगरेप, दुष्कर्म, आगजनी, बलवा, हत्या के प्रयास आदि संगीन धाराओं 169 के मुकदमे दर्ज हुए थे। एसआईसी की जांच के उपरांत कार्रवाई करते हुए आरोपियों को जेल भेजा गया और चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की गईं। अभी तक फुुगाना थाने में दर्ज हत्या, रेप, आगजनी, लूट के पांच मुकदमों का ही कोर्ट से फैसला आ सका है। इन मुकदमों में वादी एवं गवाहों के पक्षद्रोही होने के कारण साक्ष्यों के अभाव में 40 आरोपी बरी हो चुके हैं। जिला शासकीय अधिवक्ता दुष्यंत त्यागी ने बताया कि दंगे के दौरान 169 मुकदमे दर्ज हुए थे, जिनमें से पांच का निरस्तारण हो चुका है। बाकी 164 का ट्रायल चल रहा है। इनमें 120 मुकदमे सेशन कोर्ट में और बाकी मुकदमे विभिन्न लोअर कोर्ट में लंबित हैं। सेशन के सभी मुकदमे कोर्ट संख्या-6 में सुने जा रहे हैं। इनमें गैंगरेप के पांच, हत्या के 16 मुकदमे भी शामिल हैं। शेष मुकदमे बलवा, लूट, हत्या के प्रयास, आगजनी आदि से संबंधित हैं।
सांसदों, विधायकों के खिलाफ चार्जशीट
मुजफ्फरनगर। नंगला मंदौड़ की महापंचायत में शामिल होकर धारा 144 का उल्लंघन करने और भड़काऊ भाषण देने के आरोप में सिखेड़ा पुलिस ने 188 के तहत दो मुकदमे दर्ज किए थे। इनमें पुलिस नामजद सांसद डॉ संजीव बालियान, बिजनौर सांसद भारतेंद्र सिंह, भाजपा विधायक संगीत सोम, सुरेश राणा, उमेश मलिक, साध्वी प्राची, पूर्व प्रमुख वीरेंद्र सिंह, श्यामपाल चेयरमैन समेत 17 लोगों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। कोर्ट से जमानती वारंट जारी होने पर उक्त सभी ने कोर्ट में पेश होकर जमानत कराई थी। इन मुकदमों की भी कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है।
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क्या हुआ था सात सितंबर 2013 को
मुजफ्फरनगर। जानसठ के गांव मलिकपुरा के ममेरे भाई गौरव और सचिन की कवाल में हुई हत्या के बाद सात सितंबर 2013 को नंगला मंदौड में पंचायत आहूत की गई थी। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर सवार होकर नंगला मंदौड जा रहे लोगों पर शाहपुर के बसीकलां में हमला हुआ। वारदात में घायल लोग पंचायत में पहुंचे तो मामला गरमा गया। भीड़ बेकाबू थी और नेता लाचार। पंचायत के दौरान सिखेड़ा थाने के पास कांधला के युवक की हत्या कर दी गई। पंचायत खत्म होते-होते शहर में दंगा भड़क उठा।
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मुजफ्फरनगर। चार वर्ष पूर्व जिले में भड़के दंगों के दौरान विभिन्न थानों पर दर्ज हुए मुकदमे अदालतों में ट्रायल पर हैं। बीते चार साल में अभी तक केवल पांच मुकदमों का ही निस्तारण हुआ है। साक्ष्यों के अभाव में 40 आरोपी बरी हो चुके हैं।
दंगे के दौरान जिले के शाहपुर, बुढ़ाना, फुगाना, मंसूरपुर, मीरापुर, शहर कोतवाली, भोपा, भौराकलां, रतनपुरी आदि थानों में हत्या, लूट, डकैती, गैंगरेप, दुष्कर्म, आगजनी, बलवा, हत्या के प्रयास आदि संगीन धाराओं 169 के मुकदमे दर्ज हुए थे। एसआईसी की जांच के उपरांत कार्रवाई करते हुए आरोपियों को जेल भेजा गया और चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की गईं। अभी तक फुुगाना थाने में दर्ज हत्या, रेप, आगजनी, लूट के पांच मुकदमों का ही कोर्ट से फैसला आ सका है। इन मुकदमों में वादी एवं गवाहों के पक्षद्रोही होने के कारण साक्ष्यों के अभाव में 40 आरोपी बरी हो चुके हैं। जिला शासकीय अधिवक्ता दुष्यंत त्यागी ने बताया कि दंगे के दौरान 169 मुकदमे दर्ज हुए थे, जिनमें से पांच का निरस्तारण हो चुका है। बाकी 164 का ट्रायल चल रहा है। इनमें 120 मुकदमे सेशन कोर्ट में और बाकी मुकदमे विभिन्न लोअर कोर्ट में लंबित हैं। सेशन के सभी मुकदमे कोर्ट संख्या-6 में सुने जा रहे हैं। इनमें गैंगरेप के पांच, हत्या के 16 मुकदमे भी शामिल हैं। शेष मुकदमे बलवा, लूट, हत्या के प्रयास, आगजनी आदि से संबंधित हैं।
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सांसदों, विधायकों के खिलाफ चार्जशीट
मुजफ्फरनगर। नंगला मंदौड़ की महापंचायत में शामिल होकर धारा 144 का उल्लंघन करने और भड़काऊ भाषण देने के आरोप में सिखेड़ा पुलिस ने 188 के तहत दो मुकदमे दर्ज किए थे। इनमें पुलिस नामजद सांसद डॉ संजीव बालियान, बिजनौर सांसद भारतेंद्र सिंह, भाजपा विधायक संगीत सोम, सुरेश राणा, उमेश मलिक, साध्वी प्राची, पूर्व प्रमुख वीरेंद्र सिंह, श्यामपाल चेयरमैन समेत 17 लोगों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। कोर्ट से जमानती वारंट जारी होने पर उक्त सभी ने कोर्ट में पेश होकर जमानत कराई थी। इन मुकदमों की भी कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है।
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क्या हुआ था सात सितंबर 2013 को
मुजफ्फरनगर। जानसठ के गांव मलिकपुरा के ममेरे भाई गौरव और सचिन की कवाल में हुई हत्या के बाद सात सितंबर 2013 को नंगला मंदौड में पंचायत आहूत की गई थी। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर सवार होकर नंगला मंदौड जा रहे लोगों पर शाहपुर के बसीकलां में हमला हुआ। वारदात में घायल लोग पंचायत में पहुंचे तो मामला गरमा गया। भीड़ बेकाबू थी और नेता लाचार। पंचायत के दौरान सिखेड़ा थाने के पास कांधला के युवक की हत्या कर दी गई। पंचायत खत्म होते-होते शहर में दंगा भड़क उठा।