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अमरनाथ यात्रा पर आतंकी हमले से रोष
Updated Wed, 12 Jul 2017 01:07 AM IST
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अमरनाथ यात्रा पर आतंकी हमले से रोष
मुजफ्फरनगर। विश्व हिंदू परिषद ने अमरनाथ यात्रा के दौरान हुए हमले में आठ यात्रियों की मौत पर रोष प्रकट किया है। कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति के नाम डीएम को ज्ञापन दिया।
विहिप ने ज्ञापन में अवगत कराया है कि कड़ी सुरक्षा और पूर्व चेतावनी के बावजूद आतंकवादियों की दुस्साहसपूर्ण कार्रवाई की निंदा की जानी चाहिए। खामियों के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार पूर्ण जिम्मेदार है। देश आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित है। सेटेलाइट के माध्यम से हर गतिविधि पर नजर रखी जा सकती है। आधुनिक विमानों से चप्पे की सुरक्षा की जा सकती है। विहिप यह मांग करती है कि संपूर्ण कांवड़ मार्ग सेना के हवाले किया जाए। कश्मीर की शांतिभंग करने वाले अलगाववादियों की सुख सुविधा, सुरक्षा तुरंत समाप्त की जाए। विभाग अध्यक्ष ललित माहेश्वरी, जिलाध्यक्ष सचिन सिंघल, राधेश्याम विश्वकर्मा, भूपेंद्र सिंह, प्रदीप त्यागी, विकास अग्रवाल, अवि कश्यप, मोहित, शुभम गुप्ता, सन्नी पटवाल, रचित सिंघल, शुभम त्यागी, निकुंज सैनी आदि मौजूद रहे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने अनंतनाग में श्रद्धालुओं की मौत पर शोक प्रकट किया। बैठक में मृतकों के परिजनों को 50-50 लाख दिए जाने की मांग की गई। सतनाम सिंह हंसपाल, प्रमोद टांक, दीपक वर्मा, गोपाल मित्तल आदि रहे। पूर्व प्राचार्य डॉ लक्ष्मण सिंह टांक ने कहा कि हमले के लिए कश्मीर की सरकार पूरी तरह जिम्मेदार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विदेश न घूमकर देश में हो रही इन घटनाओं को रोकना चाहिए। देश में आज कई स्थानों पर अलगाववाद, नक्सलवाद और आतंकवाद पनप रहा है।
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मुजफ्फरनगर। विश्व हिंदू परिषद ने अमरनाथ यात्रा के दौरान हुए हमले में आठ यात्रियों की मौत पर रोष प्रकट किया है। कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति के नाम डीएम को ज्ञापन दिया।
विहिप ने ज्ञापन में अवगत कराया है कि कड़ी सुरक्षा और पूर्व चेतावनी के बावजूद आतंकवादियों की दुस्साहसपूर्ण कार्रवाई की निंदा की जानी चाहिए। खामियों के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार पूर्ण जिम्मेदार है। देश आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित है। सेटेलाइट के माध्यम से हर गतिविधि पर नजर रखी जा सकती है। आधुनिक विमानों से चप्पे की सुरक्षा की जा सकती है। विहिप यह मांग करती है कि संपूर्ण कांवड़ मार्ग सेना के हवाले किया जाए। कश्मीर की शांतिभंग करने वाले अलगाववादियों की सुख सुविधा, सुरक्षा तुरंत समाप्त की जाए। विभाग अध्यक्ष ललित माहेश्वरी, जिलाध्यक्ष सचिन सिंघल, राधेश्याम विश्वकर्मा, भूपेंद्र सिंह, प्रदीप त्यागी, विकास अग्रवाल, अवि कश्यप, मोहित, शुभम गुप्ता, सन्नी पटवाल, रचित सिंघल, शुभम त्यागी, निकुंज सैनी आदि मौजूद रहे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने अनंतनाग में श्रद्धालुओं की मौत पर शोक प्रकट किया। बैठक में मृतकों के परिजनों को 50-50 लाख दिए जाने की मांग की गई। सतनाम सिंह हंसपाल, प्रमोद टांक, दीपक वर्मा, गोपाल मित्तल आदि रहे। पूर्व प्राचार्य डॉ लक्ष्मण सिंह टांक ने कहा कि हमले के लिए कश्मीर की सरकार पूरी तरह जिम्मेदार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विदेश न घूमकर देश में हो रही इन घटनाओं को रोकना चाहिए। देश में आज कई स्थानों पर अलगाववाद, नक्सलवाद और आतंकवाद पनप रहा है।
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