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नौकरियों की भरमार, बिना प्रमाण पत्र हुए लाचार
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नौकरियों की भरमार, बिना प्रमाण पत्र हुए लाचार
मुजफ्फरनगर। सामान्य वर्ग के गरीब लोगों को दस प्रतिशत आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकार ने इसकी घोषणा तो कर दी, लेकिन सामान्य वर्ग के जाति प्रमाण पत्र बनवाने शुरू नहीं किए। इन दिनों रेलवे समेत विभिन्न विभागों में बंपर भर्तियां निकली हैं। ऐसे में युवा परेशान हैं। प्रमाणपत्र बनवाने के लिए वह तहसीलों का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सामान्य वर्ग को दस प्रतिशत आरक्षण देने की घोषणा की थी। आठ लाख से कम आय वाले परिवारों को इस आरक्षण का लाभ मिलेगा। विभिन्न सरकारी विभागों में निकलने वाली नौकरियों में इस नई आरक्षण व्यवस्था को लागू भी कर दिया गया है, लेकिन तहसीलों से अभी इसके प्रमाण पत्र बनने शुरू नहीं हुए। इन दिनों रेलवे में करीब 35 हजार भर्तियां निकली हुई हैं। इसके अलावा राज्य और केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में नौकरियां हैं, लेकिन सामान्य वर्ग के प्रमाण पत्र नहीं बन रहे। ग्राम सोंटा निवासी अनुज राठी का कहना है कि उन्हें रेलवे क्लर्क के लिए आवेदन करना है। लेखपाल से प्रमाण पत्र के लिए बात की तो उन्होंने अभी प्रमाण पत्र जारी नहीं होने की बात कही। ग्राम सलेमपुर निवासी हर्षित की स्थिति भी यही है। रेलवे एनटीपीसी में आवेदन करना है, लेकिन प्रमाण पत्र बनवाने के लिए भटक रहे हैं। ग्राम बधाई निवासी वेद मलिक तथा सिखेड़ा निवासी अंकित मलिक का कहना है कि वह कई दिन से परेशान हैं। प्रमाण पत्र के बारे में कोई भी सही जानकारी नहीं दे पा रहा। इन दिनों रेलवे में बड़ी संख्या में नौकरियां हैं। यदि उनका प्रमाण पत्र नहीं बना तो आरक्षण के लाभ से वंचित रह जाएंगे।
तहसील और जनसुविधा केंद्र के बीच बने चकरघिन्नी
युवा तहसील और जन सुविधा केंद्रों के बीच चकरघिन्नी बन गए हैं। दरअसल जाति तथा आय प्रमाण पत्रों के लिए जनसुविधा केंद्रों से ऑनलाइन आवेदन होता है, लेकिन सामान्य वर्ग के आरक्षण के लिए जो प्रमाण पत्र बनना है कि उसके लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू नहीं हुए हैं। जनसुविधा केंद्र संचालित युवाओं को तहसील भेज देते हैं और तहसील से उन्हें ऑनलाइन व्यवस्था शुरू होने तक ठहरने के लिए कह दिया जाता है।
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इन्होंने कहा...
सामान्य वर्ग के लिए प्रमाण पत्र बनाने को अभी ऑनलाइन व्यवस्था शुरू नहीं हुई है। जो युवा उनके पास आए थे उनसे मैनुअल आवेदन लिया गया है। आगे की प्रक्रिया के बारे में उच्चाधिकारियों से दिशा-निर्देश मांगे जा रहे हैं।
- मूलचंद सैनी, शहर लेखपाल।
इस मामले को दिखवाया जा रहा है। समस्या का शीघ्र ही निराकरण कराया जाएगा।
- अजय शंकर पांडेय, जिलाधिकारी।
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मुजफ्फरनगर। सामान्य वर्ग के गरीब लोगों को दस प्रतिशत आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकार ने इसकी घोषणा तो कर दी, लेकिन सामान्य वर्ग के जाति प्रमाण पत्र बनवाने शुरू नहीं किए। इन दिनों रेलवे समेत विभिन्न विभागों में बंपर भर्तियां निकली हैं। ऐसे में युवा परेशान हैं। प्रमाणपत्र बनवाने के लिए वह तहसीलों का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सामान्य वर्ग को दस प्रतिशत आरक्षण देने की घोषणा की थी। आठ लाख से कम आय वाले परिवारों को इस आरक्षण का लाभ मिलेगा। विभिन्न सरकारी विभागों में निकलने वाली नौकरियों में इस नई आरक्षण व्यवस्था को लागू भी कर दिया गया है, लेकिन तहसीलों से अभी इसके प्रमाण पत्र बनने शुरू नहीं हुए। इन दिनों रेलवे में करीब 35 हजार भर्तियां निकली हुई हैं। इसके अलावा राज्य और केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में नौकरियां हैं, लेकिन सामान्य वर्ग के प्रमाण पत्र नहीं बन रहे। ग्राम सोंटा निवासी अनुज राठी का कहना है कि उन्हें रेलवे क्लर्क के लिए आवेदन करना है। लेखपाल से प्रमाण पत्र के लिए बात की तो उन्होंने अभी प्रमाण पत्र जारी नहीं होने की बात कही। ग्राम सलेमपुर निवासी हर्षित की स्थिति भी यही है। रेलवे एनटीपीसी में आवेदन करना है, लेकिन प्रमाण पत्र बनवाने के लिए भटक रहे हैं। ग्राम बधाई निवासी वेद मलिक तथा सिखेड़ा निवासी अंकित मलिक का कहना है कि वह कई दिन से परेशान हैं। प्रमाण पत्र के बारे में कोई भी सही जानकारी नहीं दे पा रहा। इन दिनों रेलवे में बड़ी संख्या में नौकरियां हैं। यदि उनका प्रमाण पत्र नहीं बना तो आरक्षण के लाभ से वंचित रह जाएंगे।
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तहसील और जनसुविधा केंद्र के बीच बने चकरघिन्नी
युवा तहसील और जन सुविधा केंद्रों के बीच चकरघिन्नी बन गए हैं। दरअसल जाति तथा आय प्रमाण पत्रों के लिए जनसुविधा केंद्रों से ऑनलाइन आवेदन होता है, लेकिन सामान्य वर्ग के आरक्षण के लिए जो प्रमाण पत्र बनना है कि उसके लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू नहीं हुए हैं। जनसुविधा केंद्र संचालित युवाओं को तहसील भेज देते हैं और तहसील से उन्हें ऑनलाइन व्यवस्था शुरू होने तक ठहरने के लिए कह दिया जाता है।
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इन्होंने कहा...
सामान्य वर्ग के लिए प्रमाण पत्र बनाने को अभी ऑनलाइन व्यवस्था शुरू नहीं हुई है। जो युवा उनके पास आए थे उनसे मैनुअल आवेदन लिया गया है। आगे की प्रक्रिया के बारे में उच्चाधिकारियों से दिशा-निर्देश मांगे जा रहे हैं।
- मूलचंद सैनी, शहर लेखपाल।
इस मामले को दिखवाया जा रहा है। समस्या का शीघ्र ही निराकरण कराया जाएगा।
- अजय शंकर पांडेय, जिलाधिकारी।