{"_id":"5a74ae5c4f1c1b4f588b64c6","slug":"191517596252-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऊर्जा प्रवाह के लिए योग जरुरी: भारद्वाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऊर्जा प्रवाह के लिए योग जरुरी: भारद्वाज
Updated Sat, 03 Feb 2018 12:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुजफ्फरनगर।
जैन कन्या पाठशाला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शारीरिक शिक्षा विभाग ने फिटनेस मैनेजमेंट विद योगिक साइंस विषय पर सेमिनार का आयोजन किया। वक्ताओं ने योग से स्वास्थ्य पर विचार रखे।
शुभारंभ गुरुकुल कांगड़ी विश्व विद्यालय के प्रोफेसर ईश्वर चंद भारद्वाज, जेएनयू दिल्ली के प्रोफेसर विक्रम, मेरठ यूनिवर्सिटी के जीएस रुहेल और प्राचार्य डॉ सीमा जैन ने दीप प्रज्वलित कर किया। विषय पर बोलते हुए प्रोफेसर ईश्वर चंद भारद्वाज ने कहा कि मानसिक एवं शारीरिक आरोग्यता के लिए योग जरूरी है। मानव शरीर का अपना एक विज्ञान है, जिसमें रासायनिक परिवर्तन एवं ऊर्जा प्रवाह के लिए योग का महत्वपूर्ण योगदान है। जेएनयू के प्रोफेसर विक्रम ने कहा कि वर्तमान में चिंता, तनाव, अनिद्रा, अवसाद जैसे मनोरोगों को ध्यान और प्राणायाम के द्वारा दूर किया जा सकता है। उन्होंने योग के सैद्धांतिक पक्ष के साथ व्यवहारिक पक्ष को भी सामने रखा। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से आए डॉ कुलदीप ने कहा कि आज जीवन जिस तरह नीरस और मशीन बन गया है, ऐसे में योग से शारीरिक रोगों से बचा जा सकता है। मेरठ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जीएस रुहेल, एसडी कॉलेज के डॉ एसएन सिंह, छोटूराम कॉलेज के डॉ सहदेव मान ने शरीर को विकारों से बचाए रखने के लिए नियमित व्यायाम जरुरी है। संचालन डॉ संतोष और सोनाली सिंह ने किया। सेमीनार में डॉ रीता गर्ग, डॉ निशा गुप्ता, डॉ वंदना वर्मा, नीता भटनागर, प्रतिमा, डॉ वर्चसा, डॉ पूनम भारद्वाज, डॉ अंजलि, डॉ रीतू मित्तल, डॉ पल्लवी, डॉ सीता, मोनिका, रीमा विकल, ऋचा जैन, अर्चना, छाया, पूर्णिमा, सोनम, निधि, अंशिका, आरती, अंजू, हिमांशु, दुश्यंत, अमरदीप, सृष्टि, पार्वती आदि का सहयोग रहा।
विज्ञापन
जैन कन्या पाठशाला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शारीरिक शिक्षा विभाग ने फिटनेस मैनेजमेंट विद योगिक साइंस विषय पर सेमिनार का आयोजन किया। वक्ताओं ने योग से स्वास्थ्य पर विचार रखे।
शुभारंभ गुरुकुल कांगड़ी विश्व विद्यालय के प्रोफेसर ईश्वर चंद भारद्वाज, जेएनयू दिल्ली के प्रोफेसर विक्रम, मेरठ यूनिवर्सिटी के जीएस रुहेल और प्राचार्य डॉ सीमा जैन ने दीप प्रज्वलित कर किया। विषय पर बोलते हुए प्रोफेसर ईश्वर चंद भारद्वाज ने कहा कि मानसिक एवं शारीरिक आरोग्यता के लिए योग जरूरी है। मानव शरीर का अपना एक विज्ञान है, जिसमें रासायनिक परिवर्तन एवं ऊर्जा प्रवाह के लिए योग का महत्वपूर्ण योगदान है। जेएनयू के प्रोफेसर विक्रम ने कहा कि वर्तमान में चिंता, तनाव, अनिद्रा, अवसाद जैसे मनोरोगों को ध्यान और प्राणायाम के द्वारा दूर किया जा सकता है। उन्होंने योग के सैद्धांतिक पक्ष के साथ व्यवहारिक पक्ष को भी सामने रखा। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से आए डॉ कुलदीप ने कहा कि आज जीवन जिस तरह नीरस और मशीन बन गया है, ऐसे में योग से शारीरिक रोगों से बचा जा सकता है। मेरठ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जीएस रुहेल, एसडी कॉलेज के डॉ एसएन सिंह, छोटूराम कॉलेज के डॉ सहदेव मान ने शरीर को विकारों से बचाए रखने के लिए नियमित व्यायाम जरुरी है। संचालन डॉ संतोष और सोनाली सिंह ने किया। सेमीनार में डॉ रीता गर्ग, डॉ निशा गुप्ता, डॉ वंदना वर्मा, नीता भटनागर, प्रतिमा, डॉ वर्चसा, डॉ पूनम भारद्वाज, डॉ अंजलि, डॉ रीतू मित्तल, डॉ पल्लवी, डॉ सीता, मोनिका, रीमा विकल, ऋचा जैन, अर्चना, छाया, पूर्णिमा, सोनम, निधि, अंशिका, आरती, अंजू, हिमांशु, दुश्यंत, अमरदीप, सृष्टि, पार्वती आदि का सहयोग रहा।
विज्ञापन