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केंद्रीय विद्यालय में गूंजी सुनंदा की तान
Updated Fri, 15 Dec 2017 12:02 AM IST
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शास्त्रीय संगीत के विभिन्न पक्षों को कलात्मक रूप से पेश किया
मुजफ्फरनगर। संगीत साम्राज्ञी गिरिजा देवी की शिष्या सुनंदा शर्मा ने अपने गायन की ऐसी अनूठी प्रस्तुति दी कि सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह कार्यक्रम स्पिक मैके की ओर से स्वर्गीय गिरिजा देवी को समर्पित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कलाकार सुनंदा शर्मा के साथ केंद्रीय विद्यालय के प्रधानाचार्य जेएम सक्सेना, प्रीति सिंह और आरएम तिवारी ने दीप प्रज्वलन कर किया।
स्पिक मैके के तत्वावधान में सरकुलर रोड स्थित केंद्रीय विद्यालय में सुनंदा शर्मा ने पहली ही प्रस्तुति से अपनी गुरु पद्म विभूषण गिरिजा देवी की याद ताजा करा दी। राग भीमपलासी में अपनी चमकदार आवाज में सूक्ष्म आलाप के उपरांत एक पंजाबी बंदिश प्रस्तुत की। अपनी तानों के लिए विख्यात सुनंदा ने शास्त्रीय संगीत के विभिन्न पक्षों को अत्यंत कलात्मक रूप से प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। तीन ताल में निबद्ध इस बंदिश पर डॉ जय शंकर ने तबले पर तथा हारमोनियम पर उस्ताद जमीर खान ने बखूबी साथ निभाया। दुनिया के अनेक देशों में कार्यक्रम कर चुकी रेडियो और टेलीविजन की टॉप ग्रेड की कलाकार सुनंदा शर्मा ने प्रसिद्घ दादरा सांवरिया प्यारा रे मोरी गुइयां पर समां बांध दिया। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने प्रसिद्घ भजन रघुपति राघव राजा राम में सभी श्रोताओं को शामिल कर लिया। सुनंदा शर्मा ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का बड़े धैर्य के साथ समाधान किया। प्रधानाचार्य जेएम सक्सेना ने कहा कि संगीत ईश्वर को अनुभव करने का एक माध्यम है और सुनंदा शर्मा ने हम सबको वह दिव्य अनुभूति कराने का काम किया है। विद्यालय के प्रधानाचार्य ने कलाकारों का अभिनंदन और आगंतुकों का आभार जताया। संचालन राम शर्मा और वैशाली ने किया। इस अवसर पर डॉ प्रदीप शर्मा, डॉ सुनीता शर्मा, गरिमा जैन, प्रीति सिंह, लक्ष्मी तिवारी, सोनल तिवारी आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे।
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मुजफ्फरनगर। संगीत साम्राज्ञी गिरिजा देवी की शिष्या सुनंदा शर्मा ने अपने गायन की ऐसी अनूठी प्रस्तुति दी कि सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह कार्यक्रम स्पिक मैके की ओर से स्वर्गीय गिरिजा देवी को समर्पित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कलाकार सुनंदा शर्मा के साथ केंद्रीय विद्यालय के प्रधानाचार्य जेएम सक्सेना, प्रीति सिंह और आरएम तिवारी ने दीप प्रज्वलन कर किया।
स्पिक मैके के तत्वावधान में सरकुलर रोड स्थित केंद्रीय विद्यालय में सुनंदा शर्मा ने पहली ही प्रस्तुति से अपनी गुरु पद्म विभूषण गिरिजा देवी की याद ताजा करा दी। राग भीमपलासी में अपनी चमकदार आवाज में सूक्ष्म आलाप के उपरांत एक पंजाबी बंदिश प्रस्तुत की। अपनी तानों के लिए विख्यात सुनंदा ने शास्त्रीय संगीत के विभिन्न पक्षों को अत्यंत कलात्मक रूप से प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। तीन ताल में निबद्ध इस बंदिश पर डॉ जय शंकर ने तबले पर तथा हारमोनियम पर उस्ताद जमीर खान ने बखूबी साथ निभाया। दुनिया के अनेक देशों में कार्यक्रम कर चुकी रेडियो और टेलीविजन की टॉप ग्रेड की कलाकार सुनंदा शर्मा ने प्रसिद्घ दादरा सांवरिया प्यारा रे मोरी गुइयां पर समां बांध दिया। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने प्रसिद्घ भजन रघुपति राघव राजा राम में सभी श्रोताओं को शामिल कर लिया। सुनंदा शर्मा ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का बड़े धैर्य के साथ समाधान किया। प्रधानाचार्य जेएम सक्सेना ने कहा कि संगीत ईश्वर को अनुभव करने का एक माध्यम है और सुनंदा शर्मा ने हम सबको वह दिव्य अनुभूति कराने का काम किया है। विद्यालय के प्रधानाचार्य ने कलाकारों का अभिनंदन और आगंतुकों का आभार जताया। संचालन राम शर्मा और वैशाली ने किया। इस अवसर पर डॉ प्रदीप शर्मा, डॉ सुनीता शर्मा, गरिमा जैन, प्रीति सिंह, लक्ष्मी तिवारी, सोनल तिवारी आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे।
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