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सोलानी में उफान, गांवों में घुस आया पानी
Updated Sun, 03 Sep 2017 12:03 AM IST
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पुरकाजी(मुजफ्फरनगर)। उत्तराखंड की पहाड़ियों से छोड़े गए पानी से सोलानी नदी का जलस्तर बढ़ गया है। खादर क्षेत्र के कई गांव पानी की चपेट में आ गए हैं। नदी का पानी रास्तों और खेतों से होकर कई गांवों में घुस गया है। कई गांवों का आपस में संपर्क कट गया है। पानी के लगातार बढ़ने से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। उधर, प्रशासन ने बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए पूरी तरह से मुस्तैद है।
उत्तराखंड की पहाड़ियों से छोड़े गए पानी और शनिवार को हुई बारिश ने सोलानी नदी का जलस्तर बढ़ा दिया है। क्षेत्र के ग्राम रामनगर, रहमतपुर, भदौला, भदौली, पांचली, खेड़की, धुम्मनपुरी, शेरपुर, अलमावाला, रजगल्लापुर, फरकपुर आदि रास्तों पर पानी भर जाने से ग्रामीणों का पैदल और दुपहिया वाहनों से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। ग्रामीणों के सामने जानवरों के लिए जंगल से लाने वाले चारे की भी समस्या खड़ी हो गई है। ग्राम रामनगर, पांचली, भदौला आदि गांव में बाढ़ का पानी पहुंचने से लोग अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं।
इसके अलावा लक्सर मार्ग पर ग्राम शेरपुर के पास बने रपटे पर पानी अधिक होने से दुपहिया वाहनों के ना निकलने से राहगीरों को रपटे के पास लगी किराए की ट्रैक्टर-ट्रॉली में लादकर वाहनों को ले जाना पड़ रहा है। इसी दौरान पुरकाजी से लक्सर जा रही एक लग्जरी कार पानी में फंस गई। कार मालिक द्वारा काफी प्रयासों के बावजूद कार के नहीं निकलने पर वहां से गुजर रहे ग्रामीणों ने बमुश्किल कार को निकलवाया। ग्रामीण राजेंद्र पांचली, गुरमीत सिंह, जगतार सिंह, राजू, देवेंद्र सिंह, पाल सिंह, शीशा सिंह आदि ने बताया कि इस बार कुछ ज्यादा ही पानी आ रहा है, जिससे फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।
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39 साल बाद शेरपुर के रास्ते पर आया पानी
सरदार गुरमीत सिंह के आवास पर इकट्ठा हुए कुछ ग्रामीणों से हालात के बारे में जानकारी की गई। बताया कि वर्ष 1978 के बाद 39 सालों बाद इस बार गांव शेरपुर में पानी आया है। पानी के आने से क्षेत्र के सरकारी एवं प्राईवेट स्कूल कभी-कभार ही खुल पा रहे हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अगर और पानी बढ़ गया तो हालात ज्यादा खराब हो जाएंगे।
एडीएम और एसडीएम सदर ने किया निरीक्षण
पुरकाजी। एडीएम एफ सुनील कुमार सिंह और एसडीएम सदर शीतल प्रसाद गुप्ता ने पानी की चपेट में आए कई गांवों का दौरा किया। इस दौरान ग्रामीणों ने उनसे मिलकर क्षेत्र में कई दिनों से ठप पड़ी विद्युत आपूर्ति चालू कराने और पानी के पास एक नाव का इंतजाम कराने की मांग की।
एसडीएम सदर ने बताया कि क्षेत्र के कई ग्रामों में जाकर पानी की स्थिति का जायजा लिया गया है। पानी काफी है, लेकिन खतरे वाली बात नहीं है। पानी से किसी ग्रामीण का कोई नुकसान न हो इस पर पूरा ध्यान रखा जा रहा है। शेरपुर के कानूनगो प्रवीण गुप्ता ने बताया कि ग्रामीणों को राहत दिलाने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किया जा रहा है। बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में नाव और ट्रैक्टर ट्राली की व्यवस्था कर दी गई है। उन्होंने बताया कि सरकारी स्तर पर हरसंभव पीड़ितों की मदद की जा रही है। ग्रामीणों ने एडीएम से मिलकर बताया कि ग्राम अलमावाला से सुहैली जाने वाली सड़क पर पानी से बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। जिनमें तीन दिन पूर्व स्कूली बस पलट जाने से बाल-बाल बची थी, जिसे बामुश्किल धीरे-धीरे निकाला गया। गड्ढों के कारण वहां से गुजरने में लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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उत्तराखंड की पहाड़ियों से छोड़े गए पानी और शनिवार को हुई बारिश ने सोलानी नदी का जलस्तर बढ़ा दिया है। क्षेत्र के ग्राम रामनगर, रहमतपुर, भदौला, भदौली, पांचली, खेड़की, धुम्मनपुरी, शेरपुर, अलमावाला, रजगल्लापुर, फरकपुर आदि रास्तों पर पानी भर जाने से ग्रामीणों का पैदल और दुपहिया वाहनों से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। ग्रामीणों के सामने जानवरों के लिए जंगल से लाने वाले चारे की भी समस्या खड़ी हो गई है। ग्राम रामनगर, पांचली, भदौला आदि गांव में बाढ़ का पानी पहुंचने से लोग अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं।
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इसके अलावा लक्सर मार्ग पर ग्राम शेरपुर के पास बने रपटे पर पानी अधिक होने से दुपहिया वाहनों के ना निकलने से राहगीरों को रपटे के पास लगी किराए की ट्रैक्टर-ट्रॉली में लादकर वाहनों को ले जाना पड़ रहा है। इसी दौरान पुरकाजी से लक्सर जा रही एक लग्जरी कार पानी में फंस गई। कार मालिक द्वारा काफी प्रयासों के बावजूद कार के नहीं निकलने पर वहां से गुजर रहे ग्रामीणों ने बमुश्किल कार को निकलवाया। ग्रामीण राजेंद्र पांचली, गुरमीत सिंह, जगतार सिंह, राजू, देवेंद्र सिंह, पाल सिंह, शीशा सिंह आदि ने बताया कि इस बार कुछ ज्यादा ही पानी आ रहा है, जिससे फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।
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39 साल बाद शेरपुर के रास्ते पर आया पानी
सरदार गुरमीत सिंह के आवास पर इकट्ठा हुए कुछ ग्रामीणों से हालात के बारे में जानकारी की गई। बताया कि वर्ष 1978 के बाद 39 सालों बाद इस बार गांव शेरपुर में पानी आया है। पानी के आने से क्षेत्र के सरकारी एवं प्राईवेट स्कूल कभी-कभार ही खुल पा रहे हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अगर और पानी बढ़ गया तो हालात ज्यादा खराब हो जाएंगे।
एडीएम और एसडीएम सदर ने किया निरीक्षण
पुरकाजी। एडीएम एफ सुनील कुमार सिंह और एसडीएम सदर शीतल प्रसाद गुप्ता ने पानी की चपेट में आए कई गांवों का दौरा किया। इस दौरान ग्रामीणों ने उनसे मिलकर क्षेत्र में कई दिनों से ठप पड़ी विद्युत आपूर्ति चालू कराने और पानी के पास एक नाव का इंतजाम कराने की मांग की।
एसडीएम सदर ने बताया कि क्षेत्र के कई ग्रामों में जाकर पानी की स्थिति का जायजा लिया गया है। पानी काफी है, लेकिन खतरे वाली बात नहीं है। पानी से किसी ग्रामीण का कोई नुकसान न हो इस पर पूरा ध्यान रखा जा रहा है। शेरपुर के कानूनगो प्रवीण गुप्ता ने बताया कि ग्रामीणों को राहत दिलाने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किया जा रहा है। बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में नाव और ट्रैक्टर ट्राली की व्यवस्था कर दी गई है। उन्होंने बताया कि सरकारी स्तर पर हरसंभव पीड़ितों की मदद की जा रही है। ग्रामीणों ने एडीएम से मिलकर बताया कि ग्राम अलमावाला से सुहैली जाने वाली सड़क पर पानी से बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। जिनमें तीन दिन पूर्व स्कूली बस पलट जाने से बाल-बाल बची थी, जिसे बामुश्किल धीरे-धीरे निकाला गया। गड्ढों के कारण वहां से गुजरने में लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।