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उत्कल हादसे में युवक की मौत से कोहराम
Updated Mon, 21 Aug 2017 01:12 AM IST
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उत्कल हादसे में युवक की मौत से कोहराम
भोपा। खतौली में कलिंग उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन हादसे में जट मुझेड़ा निवासी प्रमोद की भी मृत्यु हुई है। शनिवार को वह मेरठ से घर लौट रहा था। परिजनों ने पीएम के बाद शव का शुक्रताल में श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया। केंद्रीय राज्यमंत्री और विधायक ने पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर ढांढस बंधाया।
जट मुझेड़ा गांव निवासी प्रमोद (32) पुत्र ऋषिपाल मेरठ के एक अस्पताल में संविदाकर्मी के रूप में तैनात था। पास के ही गांव तिगरी निवासी संदीप भी मेरठ में एक कंपनी में काम करता था। अक्सर दोनों का साथ ही आना जाना था। शनिवार को मेरठ से लोटते समय प्रमोद और संदीप उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन के अलग-अलग डिब्बों में सवार हो गए। खतौली में हादसे में संदीप घायल हो गया, जबकि प्रमोद का कुछ अता पता नहीं मिला। तलाश करने के बाद संदीप ने प्रमोद के बारे में परिजनों को सूचना दी गई। रविवार को परिजनों ने मौके पर पहुंचकर शव की शनाख्त की। रविवार को प्रमोद का शव घर पहुंचा तो गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक की पत्नी रूबी, पिता ऋषिपाल, माता बाला, दादी शरबती, भाई सोनित, बहन अंजलि व निशा का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रमोद के एक बेटा सूर्या 4 वर्ष और बेटी जिया 2 वर्ष है। केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान, विधायक कपिलदेव अग्रवाल, डॉ वीरपाल निर्वाल पीड़ित के घर पहुंचकर ढांढस बंधाया। प्रमोद का शुक्रताल में श्मशान घाट पर प्रमोद का अंतिम संस्कार किया गया।
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भोपा। खतौली में कलिंग उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन हादसे में जट मुझेड़ा निवासी प्रमोद की भी मृत्यु हुई है। शनिवार को वह मेरठ से घर लौट रहा था। परिजनों ने पीएम के बाद शव का शुक्रताल में श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया। केंद्रीय राज्यमंत्री और विधायक ने पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर ढांढस बंधाया।
जट मुझेड़ा गांव निवासी प्रमोद (32) पुत्र ऋषिपाल मेरठ के एक अस्पताल में संविदाकर्मी के रूप में तैनात था। पास के ही गांव तिगरी निवासी संदीप भी मेरठ में एक कंपनी में काम करता था। अक्सर दोनों का साथ ही आना जाना था। शनिवार को मेरठ से लोटते समय प्रमोद और संदीप उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन के अलग-अलग डिब्बों में सवार हो गए। खतौली में हादसे में संदीप घायल हो गया, जबकि प्रमोद का कुछ अता पता नहीं मिला। तलाश करने के बाद संदीप ने प्रमोद के बारे में परिजनों को सूचना दी गई। रविवार को परिजनों ने मौके पर पहुंचकर शव की शनाख्त की। रविवार को प्रमोद का शव घर पहुंचा तो गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक की पत्नी रूबी, पिता ऋषिपाल, माता बाला, दादी शरबती, भाई सोनित, बहन अंजलि व निशा का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रमोद के एक बेटा सूर्या 4 वर्ष और बेटी जिया 2 वर्ष है। केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान, विधायक कपिलदेव अग्रवाल, डॉ वीरपाल निर्वाल पीड़ित के घर पहुंचकर ढांढस बंधाया। प्रमोद का शुक्रताल में श्मशान घाट पर प्रमोद का अंतिम संस्कार किया गया।
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