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बम भोले की गूंज से शिवमय हुआ कस्बे का वातावरण।
Updated Fri, 03 Aug 2018 12:48 AM IST
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भक्तों ने कांवड़ियों की सेवा की
पुरकाजी। हरिद्वार से गंगाजल लेकर आने वाले कांवड़ भोलों की संख्या लगातार बढ़ने लगी है। बम भोले की गूंज से कस्बे का वातावरण शिवमय होता जा रहा है। बृहस्पतिवार को कस्बे से एक से बढ़कर एक विशाल कांवड़ गुजरी, जिनमें कांवड़ भोले नृत्य करते हुए अपने गंतव्य की तरफ बढ़ रहे थे। इन्हें देखने के लिए श्रद्धालुओं की हाइवे पर भीड़ लगी रही। महिलाओं, बच्चों व युवाओं ने कांवड़ भोलों को जल व फल और अन्य प्रसाद देकर धर्म लाभ कमाया। इसके अलावा श्रवण कुमार बनकर अपनी माता व चाची को कांवड़ में बैठाकर ले जा रहे थाना शाहपुर के कस्बा दुलैरा निवासी यशबीर भोले को देखने के लिए लोगों की भीड़ लग गई। यशबीर ने बताया कि उसकी पहली कांवड़ है।
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पुरकाजी। हरिद्वार से गंगाजल लेकर आने वाले कांवड़ भोलों की संख्या लगातार बढ़ने लगी है। बम भोले की गूंज से कस्बे का वातावरण शिवमय होता जा रहा है। बृहस्पतिवार को कस्बे से एक से बढ़कर एक विशाल कांवड़ गुजरी, जिनमें कांवड़ भोले नृत्य करते हुए अपने गंतव्य की तरफ बढ़ रहे थे। इन्हें देखने के लिए श्रद्धालुओं की हाइवे पर भीड़ लगी रही। महिलाओं, बच्चों व युवाओं ने कांवड़ भोलों को जल व फल और अन्य प्रसाद देकर धर्म लाभ कमाया। इसके अलावा श्रवण कुमार बनकर अपनी माता व चाची को कांवड़ में बैठाकर ले जा रहे थाना शाहपुर के कस्बा दुलैरा निवासी यशबीर भोले को देखने के लिए लोगों की भीड़ लग गई। यशबीर ने बताया कि उसकी पहली कांवड़ है।