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डीएम ने दिए जांच के आदेश
Updated Sun, 24 Jun 2018 12:40 AM IST
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सीएमओ ने जांच कमेटी बनाई
मुजफ्फरनगर। बुढ़ाना में सड़क पर ही गर्भवती के बच्चा होने के मामले केे डीएम ने गंभीरता से लिया है। डीएम ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं। सीएमओ ने जांच कमेटी बनाई है। डीएम ने पीडित परिजनों को जांच के उपरांत दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उधर, शनिवार को जच्चा और बच्चा जिला महिला चिकित्सालय से घर आ गए हैं।
रतनपुरी क्षेत्र के गांव भनवाडा निवासी यूसुफ बृहस्पतिवार रात को प्रसव पीड़ा से परेशान पत्नी फरजाना को लेकर अपनी माता व गांव की सरकारी दाई के साथ बुढ़ाना सीएचसी पर पहुंचा था। यूसुफ व गांव की सरकारी दाई शब्बीरी ने महिला चिकित्सक को स्थिति से अवगत कराते हुए फरजाना को भर्ती करने को कहा। आरोप है कि सीएचसी में मौजूद महिला व पुरुष चिकित्सक ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। उन्होंने फरजाना को सीएचसी में भर्ती करने से मना कर दिया। आरोप है कि प्रसव पीडा से परेशान महिला को प्राथमिक उपचार भी नहीं दिया गया। सीएचसी में भर्ती करने से मना करने पर महिला को निजी चिकित्सालय में ले जाते समय प्रसव पीड़ा से परेशान महिला ने सड़क पर ही नवजात बच्ची को जन्म दे दिया था। पुलिस हस्तक्षेप के बाद जच्चा व बच्चा को कस्बे की सीएचसी से जिला चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया था। महिला के पति यूसुफ व उसकी पत्नी फरजाना ने बताया कि उसकी मां-बेटी दोनों स्वस्थ है। जिला चिकित्सालय से छुट्टी मिलने के बाद व दोनो शनिवार को अपने गांव भनवाडा वापस आ गईं। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही व व्यवहार को लेकर पीड़ित परिवार दुखी हैं। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद महिला व उसके पति ने डीएम राजीव शर्मा से मुलाकात कर स्थिति से अवगत कराया। डीएम ने पीड़ित परिवार को जांच कर कार्रवाई करवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने सीएमओ को जांच के आदेश दिए। सीएमओ डा. पीएस मिश्रा का कहना है मामले की जांच हेतु जांच कमैटी गठित कर दी गई है। दोषी पाए जाने वालो के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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मुजफ्फरनगर। बुढ़ाना में सड़क पर ही गर्भवती के बच्चा होने के मामले केे डीएम ने गंभीरता से लिया है। डीएम ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं। सीएमओ ने जांच कमेटी बनाई है। डीएम ने पीडित परिजनों को जांच के उपरांत दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उधर, शनिवार को जच्चा और बच्चा जिला महिला चिकित्सालय से घर आ गए हैं।
रतनपुरी क्षेत्र के गांव भनवाडा निवासी यूसुफ बृहस्पतिवार रात को प्रसव पीड़ा से परेशान पत्नी फरजाना को लेकर अपनी माता व गांव की सरकारी दाई के साथ बुढ़ाना सीएचसी पर पहुंचा था। यूसुफ व गांव की सरकारी दाई शब्बीरी ने महिला चिकित्सक को स्थिति से अवगत कराते हुए फरजाना को भर्ती करने को कहा। आरोप है कि सीएचसी में मौजूद महिला व पुरुष चिकित्सक ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। उन्होंने फरजाना को सीएचसी में भर्ती करने से मना कर दिया। आरोप है कि प्रसव पीडा से परेशान महिला को प्राथमिक उपचार भी नहीं दिया गया। सीएचसी में भर्ती करने से मना करने पर महिला को निजी चिकित्सालय में ले जाते समय प्रसव पीड़ा से परेशान महिला ने सड़क पर ही नवजात बच्ची को जन्म दे दिया था। पुलिस हस्तक्षेप के बाद जच्चा व बच्चा को कस्बे की सीएचसी से जिला चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया था। महिला के पति यूसुफ व उसकी पत्नी फरजाना ने बताया कि उसकी मां-बेटी दोनों स्वस्थ है। जिला चिकित्सालय से छुट्टी मिलने के बाद व दोनो शनिवार को अपने गांव भनवाडा वापस आ गईं। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही व व्यवहार को लेकर पीड़ित परिवार दुखी हैं। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद महिला व उसके पति ने डीएम राजीव शर्मा से मुलाकात कर स्थिति से अवगत कराया। डीएम ने पीड़ित परिवार को जांच कर कार्रवाई करवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने सीएमओ को जांच के आदेश दिए। सीएमओ डा. पीएस मिश्रा का कहना है मामले की जांच हेतु जांच कमैटी गठित कर दी गई है। दोषी पाए जाने वालो के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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