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युवाओं को नैतिक मूल्यों से बनाए सशस्त: धर्मेश्वरानंद
Updated Tue, 05 Jun 2018 12:49 AM IST
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युवाओं को नैतिक मूल्यों से बनाएं सशक्त: धर्मेश्वरानंद
मुजफ्फरनगर। उप्र आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रांतीय मंत्री एवं गुरुकुल के अधिष्ठाता स्वामी धर्मेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि समाज सुधार के लिए आर्य समाज को निष्ठा और समर्पण से दायित्व निभाना होगा। युवा पीढ़ी को नैतिक मूल्यों से सशक्त बनाएं।
सरकुलर रोड स्थित संतोष विहार में संस्कार चेतना केंद्र पर अपने अभिनंदन कार्यक्रम में स्वामी धर्मेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि भारत की आजादी और समाज के नवनिर्माण में आर्य समाज का योगदान अतुलनीय है। बुराइयों के उन्मूलन और युवा पीढ़ी को नैतिक मूल्यों का मार्गदर्शन करने हेतु आर्य समाज को सहभागिता बढ़ानी होगी। ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण से महर्षि दयानंद के कार्यों को आगे बढ़ाएं। धनार्जन को आर्य समाज की संपत्तियों पर कब्जे की प्रवृत्ति का त्याग करें। सक्रिय पदाधिकारियों और सदस्यों की सूची ही प्रतिनिधि सभा को भेजें। सूबे के जिन जिलों में विवाद की स्थिति है, वहां निरीक्षकों की नियुक्ति कर सत्यापन कराया जाएगा। स्वामी ने कहा कि पाश्चात्य संस्कृति, नशा प्रवृत्ति, इंटरनेट का दुष्प्रभाव देश के बच्चों को भारत की वैदिक संस्कृति से विमुख कर रहा है। अभिभावक और शिक्षक उन्हें नैतिक शिक्षा से जागृत कर वैचारिक सशक्त बनाएं। गुरुकुल कांगड़ी हरिद्वार में छह से आठ जुलाई तक अंतरराष्ट्रीय गुरुकुल सम्मेलन होगा, जिसमें गुरुकुलों के विकास, शिक्षा, संस्कार आदि विषयों पर देश-विदेश से आर्य समाज की विभूतियां जुटेगी। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने उन्हें अंगवस्त्र और सम्मान राशि भेंट कर अभिनंदन किया। स्वामी योगानंद सरस्वती, योगेश्वर दयाल, आरपी शर्मा, योगाचार्य सुरेंद्रपाल सिंह, पवन बालियान, सोमपाल आर्य, मंगत सिंह आर्य, यज्ञदत्त आर्य आदि मौजूद रहे।
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मुजफ्फरनगर। उप्र आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रांतीय मंत्री एवं गुरुकुल के अधिष्ठाता स्वामी धर्मेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि समाज सुधार के लिए आर्य समाज को निष्ठा और समर्पण से दायित्व निभाना होगा। युवा पीढ़ी को नैतिक मूल्यों से सशक्त बनाएं।
सरकुलर रोड स्थित संतोष विहार में संस्कार चेतना केंद्र पर अपने अभिनंदन कार्यक्रम में स्वामी धर्मेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि भारत की आजादी और समाज के नवनिर्माण में आर्य समाज का योगदान अतुलनीय है। बुराइयों के उन्मूलन और युवा पीढ़ी को नैतिक मूल्यों का मार्गदर्शन करने हेतु आर्य समाज को सहभागिता बढ़ानी होगी। ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण से महर्षि दयानंद के कार्यों को आगे बढ़ाएं। धनार्जन को आर्य समाज की संपत्तियों पर कब्जे की प्रवृत्ति का त्याग करें। सक्रिय पदाधिकारियों और सदस्यों की सूची ही प्रतिनिधि सभा को भेजें। सूबे के जिन जिलों में विवाद की स्थिति है, वहां निरीक्षकों की नियुक्ति कर सत्यापन कराया जाएगा। स्वामी ने कहा कि पाश्चात्य संस्कृति, नशा प्रवृत्ति, इंटरनेट का दुष्प्रभाव देश के बच्चों को भारत की वैदिक संस्कृति से विमुख कर रहा है। अभिभावक और शिक्षक उन्हें नैतिक शिक्षा से जागृत कर वैचारिक सशक्त बनाएं। गुरुकुल कांगड़ी हरिद्वार में छह से आठ जुलाई तक अंतरराष्ट्रीय गुरुकुल सम्मेलन होगा, जिसमें गुरुकुलों के विकास, शिक्षा, संस्कार आदि विषयों पर देश-विदेश से आर्य समाज की विभूतियां जुटेगी। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने उन्हें अंगवस्त्र और सम्मान राशि भेंट कर अभिनंदन किया। स्वामी योगानंद सरस्वती, योगेश्वर दयाल, आरपी शर्मा, योगाचार्य सुरेंद्रपाल सिंह, पवन बालियान, सोमपाल आर्य, मंगत सिंह आर्य, यज्ञदत्त आर्य आदि मौजूद रहे।
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