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गमगीन माहौल में तीनों बच्चों के शव को दफनाया

Sun, 19 May 2019 12:27 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 19 May 2019 12:27 AM IST
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गमगीन माहौल में तीनों बच्चों के शव को दफनाया
गमगीन माहौल में तीनों बच्चों के शव को दफनाया
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बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर) उमरपुर गांव में पोस्टमार्टम के बाद बच्चों के शव गांव में पहुंचते ही कोहराम मच गया। ग्रामीणों और महिला के मायके वालों ने गमगीन माहौल में तीनों बच्चों के शव को सुपुर्द-ए-खाक किया। उधर, गंभीर हालत में महिला को मेरठ से दिल्ली रेफर किया गया है। इस घटना के बाद अहमदाबाद से आया महिला का पति गहरे सदमे में है। कोतवाली क्षेत्र के गांव उमरपुर निवासी नसीमा पत्नी जब्बार ने शुक्रवार को दोपहर के समय अपने तीन बच्चों बडे़ बेटे अनस (9) बेटी आयशा (6) ईरा (2) को गली में खेलते हुए घर के अंदर बुलाया। नसीमा ने तीनों बच्चों सहित खुद को कमरे में बंद कर लिया। नसीमा ने खुद व तीनों बच्चों पर केरोसिन छिड़ककर आग लगा दी थी। चीखपुकार व मकान से उठते हुए धुएं को देखकर पड़ोसियों ने मकान का दरवाजा तोड़कर तीनों बच्चों व महिला को मकान से बाहर निकाला था। ग्राम प्रधान अतहर हसन सहित कई ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को दी थी। जलने के कारण तीनों बच्चों की जिला चिकित्सालय ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई थी। महिला को गंभीर हालत में मेरठ रेफर किया गया था। पोस्टमार्टम के बाद तीनों बच्चों के शव शनिवार को सुबह करीब 11 बजे गांव में पहुंचते की गांव का माहौल गमगीन हो गया। ग्रामीणों व महिला के मायके वालों तथा जब्बार के रिश्तेदारों ने बच्चों के शव को सुपुर्द-ए-खाक किया। ग्राम प्रधान अतहर हसन ने बताया कि गंभीर हालत में महिला को मेरठ से दिल्ली रेफर किया गया है।


बच्चों को मिट्टी देना भी नहीं हुआ नसीब
बुढ़ाना। उमरपुर गांव में पोस्टमार्टम के बाद तीनों बच्चों के शव गांव में पहुुंचे तो पूरा गांव घटना के कारण गम में डूबा हुआ था। बच्चों का पिता जब्बार गुजरात के अहमदाबाद में कपड़े का फेरी लगाता है। वह भी गांव में नही पहुंच पाया था। बच्चों के साथ आत्मदाह करने वाली नसीमा दिल्ली चिकित्सालय में जिंदगी व मौत के बीच जूझ रही है। बच्चों के शव दफनाने के बाद अहमदाबाद से पहुुंचा जब्बार को इस बात का गम है कि उसे बच्चों का मिट्टी देना भी नसीब नहीं हुआ।
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