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रिटायर्ड लेखपाल ने आत्मदाह करने की चेतावनी दी
Updated Wed, 06 Jun 2018 12:19 AM IST
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अधिकारियों को तरस नहीं आया
खतौली।
तहसील में रिटायर लेखपाल ने फंड नहीं मिलने से क्षुब्ध होकर तहसील में ही आत्मदाह करने की चेतावनी दी है। परिजनों ने तहसील अधिकारियों पर 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। रिटायर लेखपाल की पत्नी तहसील में अफसरों ने न्याय दिलाने की गुहार लगाई, लेकिन अधिकारियों को तरस नहीं आया। लेखपाल संघ ने बमुश्किल परिजनों को समझाबुझाकर शांत किया।
शेखपुरी आर्यपुरी भूड़ निवासी ब्रजपाल तहसील में लेखपाल पद पर तैनात था। 31 मार्च 2018 को ब्रजपाल लेखपाल पद से सेवानिवृत्त हुए। मंसूरपुर में तालाब के आवंटन में उनको तीन माह तक के लिए सस्पेंड किया गया था। 27 मार्च को ब्रजपाल को बहाल किया और तीन बाद वे रिटायर हो गए थे। रिटायर लेखपाल ब्रजपाल की पत्नी फूलकौर, बेटा अखिलेश व पुत्रवधू पूनम मंगलवार को डीएम से मिलने पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि तहसील अधिकारियों ने उनको डीएम से मिलने नहीं दिया, जिसको लेकर परिजनों ने तहसील में हंगामा खड़ा कर दिया। परिजनों का आरोप है कि रिटायर होने के बाद लेखपाल को अभी तक फंड नहीं मिला है। इस कारण परिजन आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। रिटायर लेखपाल की पत्नी फूलकौर का तहसील में रो रोकर बुरा हाल था। पत्नी रोते बिलखते हुए अधिकारियों व तहसील लेखपालों के आगे काफी गिड़गिड़ाई। परिजनों का आरोप था कि फंड दिलवाने के नाम पर उनसे 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है। जबकि वे पूर्व में 25 हजार रुपये दे भी चुके हैं। इसके बावजूद अधिकारियों ने उनकी एक नहीं सुनी। परिवार के साथ आर्थिक तंगी से जूझ रहे रिटायर लेखपाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनको फंड नहीं मिला तो वे तहसील में ही आत्महत्या करने को मजबूर होंगे।
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खतौली।
तहसील में रिटायर लेखपाल ने फंड नहीं मिलने से क्षुब्ध होकर तहसील में ही आत्मदाह करने की चेतावनी दी है। परिजनों ने तहसील अधिकारियों पर 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। रिटायर लेखपाल की पत्नी तहसील में अफसरों ने न्याय दिलाने की गुहार लगाई, लेकिन अधिकारियों को तरस नहीं आया। लेखपाल संघ ने बमुश्किल परिजनों को समझाबुझाकर शांत किया।
शेखपुरी आर्यपुरी भूड़ निवासी ब्रजपाल तहसील में लेखपाल पद पर तैनात था। 31 मार्च 2018 को ब्रजपाल लेखपाल पद से सेवानिवृत्त हुए। मंसूरपुर में तालाब के आवंटन में उनको तीन माह तक के लिए सस्पेंड किया गया था। 27 मार्च को ब्रजपाल को बहाल किया और तीन बाद वे रिटायर हो गए थे। रिटायर लेखपाल ब्रजपाल की पत्नी फूलकौर, बेटा अखिलेश व पुत्रवधू पूनम मंगलवार को डीएम से मिलने पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि तहसील अधिकारियों ने उनको डीएम से मिलने नहीं दिया, जिसको लेकर परिजनों ने तहसील में हंगामा खड़ा कर दिया। परिजनों का आरोप है कि रिटायर होने के बाद लेखपाल को अभी तक फंड नहीं मिला है। इस कारण परिजन आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। रिटायर लेखपाल की पत्नी फूलकौर का तहसील में रो रोकर बुरा हाल था। पत्नी रोते बिलखते हुए अधिकारियों व तहसील लेखपालों के आगे काफी गिड़गिड़ाई। परिजनों का आरोप था कि फंड दिलवाने के नाम पर उनसे 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है। जबकि वे पूर्व में 25 हजार रुपये दे भी चुके हैं। इसके बावजूद अधिकारियों ने उनकी एक नहीं सुनी। परिवार के साथ आर्थिक तंगी से जूझ रहे रिटायर लेखपाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनको फंड नहीं मिला तो वे तहसील में ही आत्महत्या करने को मजबूर होंगे।
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