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दो शवों का शासन तक में हो गया कन्फ्यूजन
Updated Mon, 21 Aug 2017 01:11 AM IST
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सड़क हादसे के मृतकों को रेल हादसे में दर्शाया
मुजफ्फरनगर। रेल हादसे में मृतकों की गिनती में भी पुलिस प्रशासन ने चूक कर दी। सड़क हादसे में मारे गए दो लोगों के शव मोर्चरी पर रेलवे के हताहतों में गिन लिए गए, जिसकी सूचना लखनऊ तक चली गई। इसी रिपोर्ट के आधार पर डीजीपी कार्यालय से मृतकों का आंकड़ा ज्यादा बता दिया गया।
अस्पताल के अधिकारियों की लापरवाही से शवों को लेकर शासन तक में मृतकों की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई। मोर्चरी पर मौजूद सभी शवों को रेल हादसे में शामिल कर दिया। इससे 22 शवों के प्रशासन के पास होने का मैसेज जारी हो गया। मेरठ में एक मौत होने की खबर के बाद 23 के मरने की सूचना लखनऊ से भी जारी कर दी गई। रात में जब अस्पताल के अधिकारियों को यह मालूम हुआ कि मोर्चरी पर गए शवों में दो शव अन्य हादसे के हैं। इनमें नावला के सोहनलाल और हापुड़ के राजेंद्र का शव है। अज्ञात में हॉस्पिटल आए दो शवों को अस्पताल के अधिकारियों ने रात में मोर्चरी से अस्पताल पहुंचा दिया।
मामला तब खुला जब सुबह के समय जट मुझेड़ा के ग्रामीणों ने देखा की ट्रेन हादसे में मरे प्रमोद का शव वहां नहीं है। ग्रामीणों ने इसे लेकर हंगामा कर दिया। दूसरे सहारनपुर के सुमित गर्ग की पहचान के बाद भी उसका शव अज्ञात में डाल देने से परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। आनन-फानन में अस्पताल प्रशासन ने दोनों शवों को मोर्चरी में पहुंचाया और पंचनामा भरा गया। जिला अस्पताल के अधिकारियों की लापरवाही से प्रशासन से लेकर शासन तक कन्फ्यूजन में रहा।
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मुजफ्फरनगर। रेल हादसे में मृतकों की गिनती में भी पुलिस प्रशासन ने चूक कर दी। सड़क हादसे में मारे गए दो लोगों के शव मोर्चरी पर रेलवे के हताहतों में गिन लिए गए, जिसकी सूचना लखनऊ तक चली गई। इसी रिपोर्ट के आधार पर डीजीपी कार्यालय से मृतकों का आंकड़ा ज्यादा बता दिया गया।
अस्पताल के अधिकारियों की लापरवाही से शवों को लेकर शासन तक में मृतकों की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई। मोर्चरी पर मौजूद सभी शवों को रेल हादसे में शामिल कर दिया। इससे 22 शवों के प्रशासन के पास होने का मैसेज जारी हो गया। मेरठ में एक मौत होने की खबर के बाद 23 के मरने की सूचना लखनऊ से भी जारी कर दी गई। रात में जब अस्पताल के अधिकारियों को यह मालूम हुआ कि मोर्चरी पर गए शवों में दो शव अन्य हादसे के हैं। इनमें नावला के सोहनलाल और हापुड़ के राजेंद्र का शव है। अज्ञात में हॉस्पिटल आए दो शवों को अस्पताल के अधिकारियों ने रात में मोर्चरी से अस्पताल पहुंचा दिया।
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मामला तब खुला जब सुबह के समय जट मुझेड़ा के ग्रामीणों ने देखा की ट्रेन हादसे में मरे प्रमोद का शव वहां नहीं है। ग्रामीणों ने इसे लेकर हंगामा कर दिया। दूसरे सहारनपुर के सुमित गर्ग की पहचान के बाद भी उसका शव अज्ञात में डाल देने से परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। आनन-फानन में अस्पताल प्रशासन ने दोनों शवों को मोर्चरी में पहुंचाया और पंचनामा भरा गया। जिला अस्पताल के अधिकारियों की लापरवाही से प्रशासन से लेकर शासन तक कन्फ्यूजन में रहा।
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