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स्कूलों में प्रार्थना सभा नहीं करेंगे बच्चे
Updated Tue, 15 Aug 2017 01:16 AM IST
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मुजफ्फरनगर। स्वाइन फ्लू के वायरस के खतरे को लेकर स्कूलों में होने वाली प्रार्थना सभाओं पर रोक लगा दी गई है। स्कूलों में बच्चों से प्रार्थना नहीं कराई जाएगी। बच्चे सीधे क्लास में अध्ययन करेंगे। शासन स्तर से स्वास्थ्य विभाग को आदेश जारी किया गया है। साथ ही यदि किसी बच्चे में खतरनाक बीमारी के लक्षण दिखे, तो उसे तत्काल सात दिन के लिए रेस्ट दिया जाए।
स्कूलों में पढ़ाई की शुरुआत प्रार्थना सभा के बाद होती है। वर्तमान में स्वाइन फ्लू के खतरे और बीमारियों से बच्चों को बचाने के लिए शासन ने फिलहाल प्रार्थना सभा पर रोक लगा दी है। साथ ही अधिक संख्या में बच्चों को एक ही स्थान पर एकत्र करने पर पाबंदी लगाई गई है। कक्षाएं प्रारंभ होने से पहले अध्यापक व अध्यापिकाओं द्वारा बच्चों का परीक्षण किया जाए। बच्चों में स्वाइन फ्लू का कोई भी लक्षण दिखे तो उन्हें तत्काल सात दिनों तक आराम के लिए छुट्टी दी जाए। सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने बताया कि स्वाइन फ्लू संक्रमण और छुआछूत की बीमारी है, जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में सीधे तौर पर खांसी, छींक, सांस के माध्यम, वस्तुओं को छूने, हाथ मिलाने से भी फैलती है। इसको लेकर स्कूलों में प्रार्थना सभा और भीड़ एकत्र करने पर रोक लगाई गई है।
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स्कूलों में पढ़ाई की शुरुआत प्रार्थना सभा के बाद होती है। वर्तमान में स्वाइन फ्लू के खतरे और बीमारियों से बच्चों को बचाने के लिए शासन ने फिलहाल प्रार्थना सभा पर रोक लगा दी है। साथ ही अधिक संख्या में बच्चों को एक ही स्थान पर एकत्र करने पर पाबंदी लगाई गई है। कक्षाएं प्रारंभ होने से पहले अध्यापक व अध्यापिकाओं द्वारा बच्चों का परीक्षण किया जाए। बच्चों में स्वाइन फ्लू का कोई भी लक्षण दिखे तो उन्हें तत्काल सात दिनों तक आराम के लिए छुट्टी दी जाए। सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने बताया कि स्वाइन फ्लू संक्रमण और छुआछूत की बीमारी है, जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में सीधे तौर पर खांसी, छींक, सांस के माध्यम, वस्तुओं को छूने, हाथ मिलाने से भी फैलती है। इसको लेकर स्कूलों में प्रार्थना सभा और भीड़ एकत्र करने पर रोक लगाई गई है।
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