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माता-पिता का इंसान के जीवन में सबसे बड़ा स्थान: गुरफतेह
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रागी जत्थों ने गुरवाणी का गायन कर संगतों को निहाल किया
देवबंद (सहारनपुर)। पनियाली कासिमपुर गांव में चल रहे चार दिवसीय सालाना जोड़ मेले के तीसरे दिन महान कीर्तन दरबार का आयोजन किया गया। जिसमें देश के प्रसिद्ध रागी जत्थों ने गुरवाणी का गायन कर संगतों को निहाल किया।
संत बाबा अकाल पुरख सिंह जी की बरसी के रूप में पनियाली के ऐतिहासिक गुरुद्वारे में प्रतिवर्ष लगने वाले सालाना जोड़ मेले में दिल्ली से आए ज्ञानी गुरफतेह सिंह ने कहा कि माता पिता का स्थान इंसान के जीवन में सबसे बड़ा होता है। जो अपने माता पिता की सेवा कर लेता है, समझो उसने परमात्मा को पा लिया। माता पिता की सेवा न करके चाहे कितने भी पुण्य कमा लो सब व्यर्थ है। लुधियाना से आए ज्ञानी बलप्रीत सिंह ने कहा कि पनियाली का गुरुद्वारा छठे पातशाह गुरु हरगोबिंद साहिब जी की चरण स्पर्श भूमि होने के कारण पवित्र स्थान है। उन्होंने संगतों से वाहे गुरु का सिमरन करते हुए गुरु ग्रंथ साहिब जी के उपदेशों पर चलकर अपना जीवन सफल करने की अपील की। इससे पूर्व गुरुद्वारा साहिब में चल रहे श्री अखंड पाठ साहिब की समाप्ति के बाद कीर्तन दरबार सजाया गया। जिसमें ज्ञानी गुरफतेह सिंह ज्ञामी बलप्रीत सिंह, बाबा मनप्रीत सिंह, ज्ञानी गुरमीत सिंह परदेसी ज्ञानी जोगा सिंह ने गुरवाणी का गायन कर संगतों को निहाल किया। हजूरी रागी ज्ञानी काबल तोड़ सिंह ने अरदास की। मंच संचालन हरजीत सिंह ने किया। कीर्तन उपरांत निशान साहिब के चोले की सेवा की गई। कार्यक्रम में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, मुजफफरनगर, सहारनपुर, नागल व देवबंद के संगतों ने भाग लिया। बाबा रणजीत सिंह ने बताया कि सोमवार को विशाल नगर कीर्तन निकाला जाएगा। इस मौके पर बाबा रणजीत सिंह, रविंद्र सिंह, हरजीत सिंह, मनमोहन सिंह, इंद्रजीत सिंह, सरदार जरनैल सिंह, गुरदीप सिंह, इंद्रपाल सिंह सेठी, कुलजिंदर सिंह, हनी सेखों, कंवरपाल सिंह, राजपाल सिंह, देवेंद्र सिंह, गुरविंदर सिंह, भगत सिंह, जोधा सिंह, गुरजोत सिंह सेठी, शक्ति सिंह, अमनदीप सिंह, खुशप्रीत सिंह आदि मौजूद रहे।
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देवबंद (सहारनपुर)। पनियाली कासिमपुर गांव में चल रहे चार दिवसीय सालाना जोड़ मेले के तीसरे दिन महान कीर्तन दरबार का आयोजन किया गया। जिसमें देश के प्रसिद्ध रागी जत्थों ने गुरवाणी का गायन कर संगतों को निहाल किया।
संत बाबा अकाल पुरख सिंह जी की बरसी के रूप में पनियाली के ऐतिहासिक गुरुद्वारे में प्रतिवर्ष लगने वाले सालाना जोड़ मेले में दिल्ली से आए ज्ञानी गुरफतेह सिंह ने कहा कि माता पिता का स्थान इंसान के जीवन में सबसे बड़ा होता है। जो अपने माता पिता की सेवा कर लेता है, समझो उसने परमात्मा को पा लिया। माता पिता की सेवा न करके चाहे कितने भी पुण्य कमा लो सब व्यर्थ है। लुधियाना से आए ज्ञानी बलप्रीत सिंह ने कहा कि पनियाली का गुरुद्वारा छठे पातशाह गुरु हरगोबिंद साहिब जी की चरण स्पर्श भूमि होने के कारण पवित्र स्थान है। उन्होंने संगतों से वाहे गुरु का सिमरन करते हुए गुरु ग्रंथ साहिब जी के उपदेशों पर चलकर अपना जीवन सफल करने की अपील की। इससे पूर्व गुरुद्वारा साहिब में चल रहे श्री अखंड पाठ साहिब की समाप्ति के बाद कीर्तन दरबार सजाया गया। जिसमें ज्ञानी गुरफतेह सिंह ज्ञामी बलप्रीत सिंह, बाबा मनप्रीत सिंह, ज्ञानी गुरमीत सिंह परदेसी ज्ञानी जोगा सिंह ने गुरवाणी का गायन कर संगतों को निहाल किया। हजूरी रागी ज्ञानी काबल तोड़ सिंह ने अरदास की। मंच संचालन हरजीत सिंह ने किया। कीर्तन उपरांत निशान साहिब के चोले की सेवा की गई। कार्यक्रम में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, मुजफफरनगर, सहारनपुर, नागल व देवबंद के संगतों ने भाग लिया। बाबा रणजीत सिंह ने बताया कि सोमवार को विशाल नगर कीर्तन निकाला जाएगा। इस मौके पर बाबा रणजीत सिंह, रविंद्र सिंह, हरजीत सिंह, मनमोहन सिंह, इंद्रजीत सिंह, सरदार जरनैल सिंह, गुरदीप सिंह, इंद्रपाल सिंह सेठी, कुलजिंदर सिंह, हनी सेखों, कंवरपाल सिंह, राजपाल सिंह, देवेंद्र सिंह, गुरविंदर सिंह, भगत सिंह, जोधा सिंह, गुरजोत सिंह सेठी, शक्ति सिंह, अमनदीप सिंह, खुशप्रीत सिंह आदि मौजूद रहे।
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