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विद्यार्थियों ने फैशन डिजाईनिंग के गुर जाने
Updated Fri, 16 Nov 2018 12:12 AM IST
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विद्यार्थियों ने फैशन डिजाइनिंग के गुर जाने
मुजफ्फरनगर। श्रीराम ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के ललित कला विभाग द्वारा फैशन पोर्टफोलियो विषय पर सात दिवसीय कार्यशाला का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि श्रीराम ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के चेयरमैन डॉ एससी कुलश्रेष्ठ रहे।
कार्यशाला में चेन्नई के फैशन डिजाइनर रश्किन मलिक ने डेमोस्ट्रेशन देते हुए फेशन रिसर्च एंड़ डेवलपमेंट और डिजाइन प्रोसेस के बारे में समझाया। उन्होंने विद्यार्थियों को पोर्टफोलियो बनाने के लिए जोर देते हुए कहा कि किसी भी फैशन डिजाइनर विद्यार्थी का परिचय पोर्टफोलियो से होता है। कार्यशाला का प्रारंभ ब्रेन स्टोरमिंग टैक्निक को इम्प्रूव करके किया। कार्यशाला का मुख्य आधार बिंदु फैशन थीमबोर्ड, माइंड़ मैपिंग, इंस्प्रेशन, कलर बोडऱ्, पेंटोन कलर, मार्केट स्टड़ी, क्लाईट बोर्ड, फोरकासटिंग स्टडी आदि रहे। पोर्टफोलियों के लिए स्पेसिफिकेशन शीट क्यों जरूरी है इसका अध्ययन भी किया। विद्यार्थियों ने कोस्ट शीट बनाकर वस्त्र का मूल्यांकन कैसे निर्धारित किया जाता है को जाना।
फैशन वर्कशॉप के दौरान विद्यार्थियों ने ड्रेस ड़िजाइन के लिए कपड़ों के प्रकार जानने के लिए मार्केट सर्वे किया, जिसमें रंगों का चयन, वस्त्रों की सलविटस, टैक्शचर्स पर विशेष ध्यान दिया। विद्यार्थियों ने पोर्टफोलियों के द्वारा अपनी प्रतिभा को स्वतंत्र रूप से विषय वस्तु का चयन कर स्केचिंग डिजाइन माध्यम से दर्शाया। कार्यशाला में फैशन डिजाइनिंग के विद्यार्थियों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया तथा पोर्टफोलियों के महत्व को समझा। प्राचार्य डॉ मनोज धीमान, ललित कला विभाग की विभागाध्यक्षा रूपल मलिक, रजनीकांत, अमित कुमार, अनु, बिन्नू पुड़ीर, डॉ आशीष गर्ग, रीना त्यागी, डॉक्टर रविंद्र कुमार, पूनम पाल, मीनाक्षी, हिमांशु का विशेष योगदान रहा।
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मुजफ्फरनगर। श्रीराम ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के ललित कला विभाग द्वारा फैशन पोर्टफोलियो विषय पर सात दिवसीय कार्यशाला का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि श्रीराम ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के चेयरमैन डॉ एससी कुलश्रेष्ठ रहे।
कार्यशाला में चेन्नई के फैशन डिजाइनर रश्किन मलिक ने डेमोस्ट्रेशन देते हुए फेशन रिसर्च एंड़ डेवलपमेंट और डिजाइन प्रोसेस के बारे में समझाया। उन्होंने विद्यार्थियों को पोर्टफोलियो बनाने के लिए जोर देते हुए कहा कि किसी भी फैशन डिजाइनर विद्यार्थी का परिचय पोर्टफोलियो से होता है। कार्यशाला का प्रारंभ ब्रेन स्टोरमिंग टैक्निक को इम्प्रूव करके किया। कार्यशाला का मुख्य आधार बिंदु फैशन थीमबोर्ड, माइंड़ मैपिंग, इंस्प्रेशन, कलर बोडऱ्, पेंटोन कलर, मार्केट स्टड़ी, क्लाईट बोर्ड, फोरकासटिंग स्टडी आदि रहे। पोर्टफोलियों के लिए स्पेसिफिकेशन शीट क्यों जरूरी है इसका अध्ययन भी किया। विद्यार्थियों ने कोस्ट शीट बनाकर वस्त्र का मूल्यांकन कैसे निर्धारित किया जाता है को जाना।
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फैशन वर्कशॉप के दौरान विद्यार्थियों ने ड्रेस ड़िजाइन के लिए कपड़ों के प्रकार जानने के लिए मार्केट सर्वे किया, जिसमें रंगों का चयन, वस्त्रों की सलविटस, टैक्शचर्स पर विशेष ध्यान दिया। विद्यार्थियों ने पोर्टफोलियों के द्वारा अपनी प्रतिभा को स्वतंत्र रूप से विषय वस्तु का चयन कर स्केचिंग डिजाइन माध्यम से दर्शाया। कार्यशाला में फैशन डिजाइनिंग के विद्यार्थियों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया तथा पोर्टफोलियों के महत्व को समझा। प्राचार्य डॉ मनोज धीमान, ललित कला विभाग की विभागाध्यक्षा रूपल मलिक, रजनीकांत, अमित कुमार, अनु, बिन्नू पुड़ीर, डॉ आशीष गर्ग, रीना त्यागी, डॉक्टर रविंद्र कुमार, पूनम पाल, मीनाक्षी, हिमांशु का विशेष योगदान रहा।
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