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कांवड मार्ग पर बम-बम का जयघोष
Updated Sat, 28 Jul 2018 12:45 AM IST
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कांवड़ मार्ग पर बम-बम का जयघोष
मुजफ्फरनगर। सावन महीने में बारिश के बीच हरिद्वार से गंगाजल लेकर शिवभक्त कांवड़िये पहुंचने लगे हैं। बम-बम के जयघोष के साथ नगर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल बन गया है। प्रशासन की तैयारियां आधी अधूरी होने की वजह से कांवडियों को दिक्कते उठानी पड़ रही हैं।
कांवड़ियों का आगमन बढ़ने लगा है। बारिश के बीच शहर में पहुंच रहे कांवड़ियों के बम-बम के जयघोष से वातावरण भक्तिमय होने लगा है। शिवभक्त अपने वृद्ध माता-पिता को कांवड़ में लेकर पैदल यात्रा कर रहे हैं। फिलहाल हरियाणा और राजस्थान के कांवड़िया शहर से गुजर रहे हैं। शिवचौक पर परिक्रमा कर कांवड़ियों ने भगवान आशुतोष की आराधना की। कांवड़ यात्रा में लाखों की तादाद में शिव भक्त शामिल होंगे, मगर प्रशासन की तैयारियां अधूरी हैं। सिसौना बझेडी अंडर पास तक पानी भरा है। कांवड़ियों के पैदल निकलने की जगह नहीं है। कांवड़ रखने के लिए बल्लियों की व्यवस्था भी पूरी नहीं हुई है। शिविरों का संचालन भी नहीं हुआ है, जिस कारण से कांवड़ियों को दिक्कते हैं। लगातार बारिश से व्यवस्था बनाने में विघ्न पड़ रहा है। उधर, हरिद्वार से मेरठ तक गंगनहर की पटरी पर भी खास इंतजाम नहीं हो सके हैं। हाल ही में विद्युत विभाग ने जो बल्लियां लगाई थी, बारिश में मिट्टी खिसकने के कारण गिर गई हैं।
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मुजफ्फरनगर। सावन महीने में बारिश के बीच हरिद्वार से गंगाजल लेकर शिवभक्त कांवड़िये पहुंचने लगे हैं। बम-बम के जयघोष के साथ नगर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल बन गया है। प्रशासन की तैयारियां आधी अधूरी होने की वजह से कांवडियों को दिक्कते उठानी पड़ रही हैं।
कांवड़ियों का आगमन बढ़ने लगा है। बारिश के बीच शहर में पहुंच रहे कांवड़ियों के बम-बम के जयघोष से वातावरण भक्तिमय होने लगा है। शिवभक्त अपने वृद्ध माता-पिता को कांवड़ में लेकर पैदल यात्रा कर रहे हैं। फिलहाल हरियाणा और राजस्थान के कांवड़िया शहर से गुजर रहे हैं। शिवचौक पर परिक्रमा कर कांवड़ियों ने भगवान आशुतोष की आराधना की। कांवड़ यात्रा में लाखों की तादाद में शिव भक्त शामिल होंगे, मगर प्रशासन की तैयारियां अधूरी हैं। सिसौना बझेडी अंडर पास तक पानी भरा है। कांवड़ियों के पैदल निकलने की जगह नहीं है। कांवड़ रखने के लिए बल्लियों की व्यवस्था भी पूरी नहीं हुई है। शिविरों का संचालन भी नहीं हुआ है, जिस कारण से कांवड़ियों को दिक्कते हैं। लगातार बारिश से व्यवस्था बनाने में विघ्न पड़ रहा है। उधर, हरिद्वार से मेरठ तक गंगनहर की पटरी पर भी खास इंतजाम नहीं हो सके हैं। हाल ही में विद्युत विभाग ने जो बल्लियां लगाई थी, बारिश में मिट्टी खिसकने के कारण गिर गई हैं।
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