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सीआरएस के बाद अपनी रिपोर्ट देगी जीआरपी
Updated Sun, 01 Oct 2017 12:03 AM IST
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सीआरएस के बाद अपनी रिपोर्ट देगी जीआरपी
मुजफ्फरनगर। खतौली में हुए उत्कल एक्सप्रेस रेल हादसे की जांच रिपोर्ट फाइनल रूप तक पहुंच गई है। जीआरपी पहले सीआरएस की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। उसके बाद जीआरपी भी विवेचना की जांच आख्या को रेलवे मंत्रालय के सुपुर्द करेगा। मामले में कई बड़े अधिकारियों की गर्दन फंसने की संभावना है। जीआरपी और सीआरएस की रिपोर्ट हादसे की असल वजह से पर्दा हटाएगी।
19 अगस्त को खतौली के रेलवे पटरी पर किलोमीटर खंभा नंबर 101/03, 04 पर पुरी से हरिद्वार जा रही कलिंग उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन हादसे का शिकार हो गई थी। ट्रेन दुर्घटना में 26 यात्रियों की मृत्यु हुई और सैकड़ों यात्री घायल हुए थे। हादसे की जीआरपी मुजफ्फरनगर में खतौली एसआई (जीआरपी) अजय कुमार ने अज्ञात कर्मचारियों, अधिकारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करा रखी है। मामले की जांच रेलवे के कई विभागों के साथ रेलवे संरक्षा आयोग (सीआरएस) कर रहा है। मुकदमे के आधार पर सीओ जीआरपी गाजियाबाद रणधीर सिंह विवेचना कर रहे हैं। सीआरएस के कमिश्नर एसके पाठक ने जांच कर प्रारंभिक रिपोर्ट मंत्रालय को दी है, लेकिन अभी फाइनल रिपोर्ट नहीं दी गई है। इसको लेकर ही जीआरपी भी अपनी जांच आख्या मंत्रालय में देने के लिए इंतजार कर रही है। सीआरएस की रिपोर्ट दाखिल होने के बाद ही जीआरपी अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
सूत्रों के मुताबिक जीआरपी की रिपोर्ट में भी कई बड़े अधिकारियों की गर्दन फंस रही है, जिसमें रेलवे स्टेशन के कर्मचारी से लेकर अधिकारी तक शामिल हैं। इन लोगों के खिलाफ रेलवे रिपोर्ट आने के बाद ही बड़ी कार्रवाई करेगा। गाजियाबाद के जीआरपी सीओ रणधीर सिंह ने बताया कि जांच आख्या अंतिम दौर में है। पहले सीआरएस की रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। मंत्रालय में सीआरएस की रिपोर्ट के बाद ही जीआरपी अपनी आख्या प्रस्तुत करेगी। कुछ मुख्य बिंदु निकल कर सामने आए हैं, जिनके आधार पर जांच की गई है।
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मुजफ्फरनगर। खतौली में हुए उत्कल एक्सप्रेस रेल हादसे की जांच रिपोर्ट फाइनल रूप तक पहुंच गई है। जीआरपी पहले सीआरएस की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। उसके बाद जीआरपी भी विवेचना की जांच आख्या को रेलवे मंत्रालय के सुपुर्द करेगा। मामले में कई बड़े अधिकारियों की गर्दन फंसने की संभावना है। जीआरपी और सीआरएस की रिपोर्ट हादसे की असल वजह से पर्दा हटाएगी।
19 अगस्त को खतौली के रेलवे पटरी पर किलोमीटर खंभा नंबर 101/03, 04 पर पुरी से हरिद्वार जा रही कलिंग उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन हादसे का शिकार हो गई थी। ट्रेन दुर्घटना में 26 यात्रियों की मृत्यु हुई और सैकड़ों यात्री घायल हुए थे। हादसे की जीआरपी मुजफ्फरनगर में खतौली एसआई (जीआरपी) अजय कुमार ने अज्ञात कर्मचारियों, अधिकारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करा रखी है। मामले की जांच रेलवे के कई विभागों के साथ रेलवे संरक्षा आयोग (सीआरएस) कर रहा है। मुकदमे के आधार पर सीओ जीआरपी गाजियाबाद रणधीर सिंह विवेचना कर रहे हैं। सीआरएस के कमिश्नर एसके पाठक ने जांच कर प्रारंभिक रिपोर्ट मंत्रालय को दी है, लेकिन अभी फाइनल रिपोर्ट नहीं दी गई है। इसको लेकर ही जीआरपी भी अपनी जांच आख्या मंत्रालय में देने के लिए इंतजार कर रही है। सीआरएस की रिपोर्ट दाखिल होने के बाद ही जीआरपी अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
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सूत्रों के मुताबिक जीआरपी की रिपोर्ट में भी कई बड़े अधिकारियों की गर्दन फंस रही है, जिसमें रेलवे स्टेशन के कर्मचारी से लेकर अधिकारी तक शामिल हैं। इन लोगों के खिलाफ रेलवे रिपोर्ट आने के बाद ही बड़ी कार्रवाई करेगा। गाजियाबाद के जीआरपी सीओ रणधीर सिंह ने बताया कि जांच आख्या अंतिम दौर में है। पहले सीआरएस की रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। मंत्रालय में सीआरएस की रिपोर्ट के बाद ही जीआरपी अपनी आख्या प्रस्तुत करेगी। कुछ मुख्य बिंदु निकल कर सामने आए हैं, जिनके आधार पर जांच की गई है।
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