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सहकारी बैंक की चतुर्थ श्रेणी की 35 नियुक्ति रद
Updated Sun, 10 Sep 2017 12:32 AM IST
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सहकारी बैंक की चतुर्थ श्रेणी की 35 नियुक्तियां रद्द
मुजफ्फरनगर। जिला सहकारी बैंक में चतुर्थ श्रेणी पदों पर सपा शासनकाल में की गई 35 नियुक्तियों को शासन के बाद हाईकार्ट ने भी निरस्त कर दिया है। नियुक्तियों को लेकर जिला सहकारी बैंक के डायरेक्टर भी एकमत नहीं थे। नियुक्तियों के रद्द होने से तत्कालीन चेयरमैन को बड़ा झटका लगा है।
जिला सहकारी बैंक में वर्ष 2016 में चतुर्थ श्रेणी की 35 नियुक्तियां हुई थीं। इन नियुक्तियों को लेकर शुरू से ही हंगामा रहा। निुयक्तियों में बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप लगे। तत्कालीन चेयरमैन विनोद मलिक की शिकायत भी की गई। सपा के एक बड़े नेता का विनोद मलिक पर आशीर्वाद रहा। सत्ता बदलते ही जिला सहकारी बैंक में कार्यवाहक चेयरमैन बदल गए। नए चेयरमैन बनाए गए ठाकुर अशोक कुमार ने बोर्ड से प्रस्ताव कर शासन को भेजा, जिसमें नियुक्तियों को गलत बताया गया। बैंक के उच्च पदस्थ अधिकारियों पर सवाल उठे। शासन ने इन नियुक्तियों को निरस्त कर दिया। इसी के साथ ही हाईकोर्ट में न्यायाधीश मनोज गुप्ता ने नियुक्तियों को निरस्त करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
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मुजफ्फरनगर। जिला सहकारी बैंक में चतुर्थ श्रेणी पदों पर सपा शासनकाल में की गई 35 नियुक्तियों को शासन के बाद हाईकार्ट ने भी निरस्त कर दिया है। नियुक्तियों को लेकर जिला सहकारी बैंक के डायरेक्टर भी एकमत नहीं थे। नियुक्तियों के रद्द होने से तत्कालीन चेयरमैन को बड़ा झटका लगा है।
जिला सहकारी बैंक में वर्ष 2016 में चतुर्थ श्रेणी की 35 नियुक्तियां हुई थीं। इन नियुक्तियों को लेकर शुरू से ही हंगामा रहा। निुयक्तियों में बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप लगे। तत्कालीन चेयरमैन विनोद मलिक की शिकायत भी की गई। सपा के एक बड़े नेता का विनोद मलिक पर आशीर्वाद रहा। सत्ता बदलते ही जिला सहकारी बैंक में कार्यवाहक चेयरमैन बदल गए। नए चेयरमैन बनाए गए ठाकुर अशोक कुमार ने बोर्ड से प्रस्ताव कर शासन को भेजा, जिसमें नियुक्तियों को गलत बताया गया। बैंक के उच्च पदस्थ अधिकारियों पर सवाल उठे। शासन ने इन नियुक्तियों को निरस्त कर दिया। इसी के साथ ही हाईकोर्ट में न्यायाधीश मनोज गुप्ता ने नियुक्तियों को निरस्त करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
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