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ग्रामीणों ने बिजलीघर पर जेई को घेरा
Updated Wed, 23 Aug 2017 12:51 AM IST
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ग्रामीणों ने बिजलीघर पर जेई को घेरा
जानसठ। गांव चुड़िय़ाला के ग्रामीणों ने भाजपा नेता व जिला पंचायत सदस्य नजर सिंह गुर्जर के नेतृत्व में जेई का घेराव किया। ग्रामीणों ने जेई से फुंके हुए ट्रांसफार्मर को शीघ्र बदलवाने की मांग की है। घेराव करने वालों ने धर्मसिंह, मामचंद, सेवाराम, वीरपाल, भोपाल सिंह, राजेंद्र, धर्मवीर आदि ग्रामीण शामिल रहे।
प्रधान ने 167 शौचालय बनवाए
जानसठ। गांव राजपुर कलां में शौचालय बनवाने के लिए सरकारी सहायता न मिलने पर ग्राम प्रधान द्वारा 167 शौचालय अपने पास से बनवाकर गांव को ओडीएफ गांव घोषित कराया। ग्राम प्रधान के पुत्र रवि चौधरी द्वारा ग्रामीणों के शौचालय बनवाने के लिए फार्म भरवा कर जमा किए गए थे। ग्रामीणों को कोई भी सरकारी अनुदान नहीं मिलने पर ग्राम प्रधान द्वारा गांव के 167 परिवारों में अपने पैसों से शौचालय का निर्माण करा दिया। ग्राम प्रधान के पुत्र रवि चौधरी ने बताया कि गांव को खुले में शौच मुक्त करने के लिए ग्रामीणों के शौचालयों का निर्माण इस शर्त पर कराया गया है कि लाभार्थियों को सरकार से अनुदान मिलने पर पैसा वापस करेंगे। यदि कोई भी अनुदान लाभार्थियों को नहीं मिलता है तो उनसे पैसा वापस नहीं लिया जाएगा।
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जानसठ। गांव चुड़िय़ाला के ग्रामीणों ने भाजपा नेता व जिला पंचायत सदस्य नजर सिंह गुर्जर के नेतृत्व में जेई का घेराव किया। ग्रामीणों ने जेई से फुंके हुए ट्रांसफार्मर को शीघ्र बदलवाने की मांग की है। घेराव करने वालों ने धर्मसिंह, मामचंद, सेवाराम, वीरपाल, भोपाल सिंह, राजेंद्र, धर्मवीर आदि ग्रामीण शामिल रहे।
प्रधान ने 167 शौचालय बनवाए
जानसठ। गांव राजपुर कलां में शौचालय बनवाने के लिए सरकारी सहायता न मिलने पर ग्राम प्रधान द्वारा 167 शौचालय अपने पास से बनवाकर गांव को ओडीएफ गांव घोषित कराया। ग्राम प्रधान के पुत्र रवि चौधरी द्वारा ग्रामीणों के शौचालय बनवाने के लिए फार्म भरवा कर जमा किए गए थे। ग्रामीणों को कोई भी सरकारी अनुदान नहीं मिलने पर ग्राम प्रधान द्वारा गांव के 167 परिवारों में अपने पैसों से शौचालय का निर्माण करा दिया। ग्राम प्रधान के पुत्र रवि चौधरी ने बताया कि गांव को खुले में शौच मुक्त करने के लिए ग्रामीणों के शौचालयों का निर्माण इस शर्त पर कराया गया है कि लाभार्थियों को सरकार से अनुदान मिलने पर पैसा वापस करेंगे। यदि कोई भी अनुदान लाभार्थियों को नहीं मिलता है तो उनसे पैसा वापस नहीं लिया जाएगा।
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