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राजकीय विश्वविद्यालय की स्थापना देवबंद में किए जाने की मांग
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देवबंद (सहारनपुर)। विकास एवं सुरक्षा समिति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर सहारनपुर में बनाए जाने वाले राजकीय विश्वविद्यालय की स्थापना देवबंद में कराए जाने की मांग की है।
शुक्रवार को समिति पदाधिकारियों की ओर से भेजे गए ज्ञापन में कहा गया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने सहारनपुर में राजकीय विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा करके एवं उसे तुरंत कार्यरुप देने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को देकर सराहनीय कार्य किया है। लेकिन यह याद रखने वाली बात है कि सहारनपुर के निकट पुंवारका गांव में जो स्थान चयनित किए जाने की योजना है वह किसी भी दृष्टि से उपयुक्त नहीं है। जबकि इसके लिए देवबंद में सहारनपुर मुजफ्फरनगर स्टेट हाईवे पर वनविभाग की पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। ज्ञापन में कहा गया कि देवबंद में वनविभाग की भूमि से मिला हुआ राजकीय स्तानकोत्तर महाविद्यालय, राजकीय विशेष अतिथिगृह, विशाल देवीकुंड मैदान, महाविद्यालय के सम्मुख शक्तिपीठ श्री त्रिपुर मां बाला सुंदरी देवी मंदिर, काशी विद्यापीठ से संबद्ध संस्कृत महाविद्यालय स्थापित है। यह भूमि यहां से करीब 17 किलो मीटर की दूरी पर नागल में स्थित है। इससे छात्र छात्राओं को आने जाने में आसानी होगी। इसके साथ ही कहा कि देवबंद में रेल, बस आदि की समुचित व्यवस्था है। हरिद्वार एवं शुक्रताल तीर्थ स्थल भी यहां से करीब पड़ता है। सहारनपुर से देवबंद की दूरी 35, मुजफ्फरनगर से 24, शामली से 48, कैराना से 60 और मेरठ से करीब 72 किलो मीटर है। ऐसी स्थिति में जनहित को ध्यान में रखते हुए राजकीय विश्वविद्यालय की स्थापना देवबंद में कराई जाए। ज्ञापन भेजने वालों में सेठ कुलदीप कुमार, अशोक गुप्ता, नीरज कंसल, रेहान अहमद, विनय त्यागी, तहसीन खां, जरीफ अहमद, आदि शामिल रहे।
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शुक्रवार को समिति पदाधिकारियों की ओर से भेजे गए ज्ञापन में कहा गया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने सहारनपुर में राजकीय विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा करके एवं उसे तुरंत कार्यरुप देने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को देकर सराहनीय कार्य किया है। लेकिन यह याद रखने वाली बात है कि सहारनपुर के निकट पुंवारका गांव में जो स्थान चयनित किए जाने की योजना है वह किसी भी दृष्टि से उपयुक्त नहीं है। जबकि इसके लिए देवबंद में सहारनपुर मुजफ्फरनगर स्टेट हाईवे पर वनविभाग की पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। ज्ञापन में कहा गया कि देवबंद में वनविभाग की भूमि से मिला हुआ राजकीय स्तानकोत्तर महाविद्यालय, राजकीय विशेष अतिथिगृह, विशाल देवीकुंड मैदान, महाविद्यालय के सम्मुख शक्तिपीठ श्री त्रिपुर मां बाला सुंदरी देवी मंदिर, काशी विद्यापीठ से संबद्ध संस्कृत महाविद्यालय स्थापित है। यह भूमि यहां से करीब 17 किलो मीटर की दूरी पर नागल में स्थित है। इससे छात्र छात्राओं को आने जाने में आसानी होगी। इसके साथ ही कहा कि देवबंद में रेल, बस आदि की समुचित व्यवस्था है। हरिद्वार एवं शुक्रताल तीर्थ स्थल भी यहां से करीब पड़ता है। सहारनपुर से देवबंद की दूरी 35, मुजफ्फरनगर से 24, शामली से 48, कैराना से 60 और मेरठ से करीब 72 किलो मीटर है। ऐसी स्थिति में जनहित को ध्यान में रखते हुए राजकीय विश्वविद्यालय की स्थापना देवबंद में कराई जाए। ज्ञापन भेजने वालों में सेठ कुलदीप कुमार, अशोक गुप्ता, नीरज कंसल, रेहान अहमद, विनय त्यागी, तहसीन खां, जरीफ अहमद, आदि शामिल रहे।
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