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बुराइयों को न छोड़ने वालों का करें सामाजिक बहिष्कार: गोरा
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बुराइयों को न छोड़ने वालों का करें सामाजिक बहिष्कार: गोरा
देवबंद (सहारनपुर)। जुआ, सट्टा, ब्याज कारोबार, नशाखोरी और शर्तबाजी जैसे बड़े गुनाहों को मजहब-ए-इस्लाम में नाजायज और हराम करार दिया गया है। तमाम बुराईयों पर उलमा ने चिंता जताते हुए कहा कि बुराईयों को न छोड़ने वाला को सामाजिक बहिष्कार किया जाए।
रविवार को जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक व प्रसिद्ध आलिम-ए-दीन कारी इस्हाक गोरा ने तेजी के साथ फैल रही बुराइयों पर चिंता जताते हुए मस्जिदों के जिम्मेदारों और इमामों से अपील की है कि वह नमाज के बाद शरीयत के अनुसार लोगों को आगाह करें कि जो लोग जुआ, सट्टा, ब्याज, नशा और शर्त लगाने जैसे गुनाहों मेें शामिल हैं वह अल्लाह से तौबा करें और इन बुराईयों को हमेशा के लिए छोड़ दें। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति ऐसा नहीं करता तो उनकी इस्लाह (सुधार) के लिए लोग उस शख्स का सामाजिक बहिष्कार करें। मुसलमानों को ऐसे कार्यों से बचना चाहिए जिससे अल्लाह नाराज होता हो। कारी इस्हाक ने अगर कोई व्यक्ति इन हरकतों से बाज नहीं आता तो लोगों को चाहिए उनके घर से खाना-पीना लेनदेन बिल्कुल खत्म कर दें। शरीयत में आया है कि ऐसे घर का खाना-पीना नाजायज और हराम है। कहा कि ऐसे गुनाह करने वाले लोगों पर अल्लाह की लानत भेजी गई है। साथ ही कहा कि हर मोहल्ले में इस्लाही कमेटी बनाई जाए जो लोगों में फैल रही बुराईयों को लेकर जागरूकता पैदा करे।
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देवबंद (सहारनपुर)। जुआ, सट्टा, ब्याज कारोबार, नशाखोरी और शर्तबाजी जैसे बड़े गुनाहों को मजहब-ए-इस्लाम में नाजायज और हराम करार दिया गया है। तमाम बुराईयों पर उलमा ने चिंता जताते हुए कहा कि बुराईयों को न छोड़ने वाला को सामाजिक बहिष्कार किया जाए।
रविवार को जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक व प्रसिद्ध आलिम-ए-दीन कारी इस्हाक गोरा ने तेजी के साथ फैल रही बुराइयों पर चिंता जताते हुए मस्जिदों के जिम्मेदारों और इमामों से अपील की है कि वह नमाज के बाद शरीयत के अनुसार लोगों को आगाह करें कि जो लोग जुआ, सट्टा, ब्याज, नशा और शर्त लगाने जैसे गुनाहों मेें शामिल हैं वह अल्लाह से तौबा करें और इन बुराईयों को हमेशा के लिए छोड़ दें। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति ऐसा नहीं करता तो उनकी इस्लाह (सुधार) के लिए लोग उस शख्स का सामाजिक बहिष्कार करें। मुसलमानों को ऐसे कार्यों से बचना चाहिए जिससे अल्लाह नाराज होता हो। कारी इस्हाक ने अगर कोई व्यक्ति इन हरकतों से बाज नहीं आता तो लोगों को चाहिए उनके घर से खाना-पीना लेनदेन बिल्कुल खत्म कर दें। शरीयत में आया है कि ऐसे घर का खाना-पीना नाजायज और हराम है। कहा कि ऐसे गुनाह करने वाले लोगों पर अल्लाह की लानत भेजी गई है। साथ ही कहा कि हर मोहल्ले में इस्लाही कमेटी बनाई जाए जो लोगों में फैल रही बुराईयों को लेकर जागरूकता पैदा करे।
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