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रेलवे स्टेशन पर रोज हजारों यात्रियों की बुझाते हैं प्यास
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रेलवे स्टेशन पर रोज हजारों यात्रियों की बुझाते हैं प्यास
मुजफ्फरनगर। भीषण गर्मी में रेलवे स्टेशनों पर यात्री ट्रेन के रुकते ही पानी लेने के लिए प्लेटफार्म पर लगे नलों और दुकानों की ओर रुख करते हैं। मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की प्यास बुझाने के लिए शहीद भगत सिंह एकता मंच के कार्यकर्ता करीब 17 साल से निस्वार्थ सेवा करने में जुटे हुए हैं। संगठन के कार्यकर्ता प्रतिदिन सुबह सात बजे से रात्रि आठ बजे तक स्टेशन पर यात्रियों की सेवा में जुट जाते हैं।
कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं बाद में अमृत पिलाने से क्या फायदा। मुजफ्फरनगर का सामाजिक संगठन शहीद भगत सिंह एकता मंच इसी थीम पर यहां रेलवे स्टेशन पर बीते 17 सालों से प्यासे यात्रियों को पानी पिलाकर निस्वार्थ सेवा कर रहा है। शहर से इस अभियान में प्रतिदिन सैकड़ों लोग सेवा के लिए पहुंच रहे हैं। युवा से लेकर बुजुर्गों तक में सेवा का एक अलग ही जज्बा यहां रेलवे स्टेशन पर देखने को मिलता है। प्रतिवर्ष गर्मी के तीन महीनों में एक मई से लेकर 31 जुलाई तक प्रतिदिन सुबह सात बजे से लेकर शाम आठ बजे तक नि:शुल्क जल सेवा होती है। यहां लोग तन-मन-धन से सेवा करते हैं। मंच के अध्यक्ष पवन मित्तल और चेयरमैन सतीश मलिक ने बताया कि 35-40 लोग तो उनके पास ऐसे हैं, जो प्रतिदिन जल सेवा में आते हैं। कुछ लोग ऐसे हैं कि जो अपने समय के हिसाब से सेवा करने के लिए आते हैं। प्रतिदिन जल सेवा में भाग लेने वालों की संख्या 100 से ऊपर हो जाती है। जनता में गर्मियों में पानी पिलाने की सेवा करने का एक जज्बा है। रेलवे स्टेशन पर उनके चार स्टॉल लगते हैं और आठ ट्राली चलायमान रहती हैं। यह प्रयास होता है कि पूरी ट्रेन एक साथ कवर कर ली जाए।
प्रतिदिन सात हजार का खर्च
मुजफ्फरनगर। जल सेवा में प्रतिदिन लगभग सात हजार का खर्च होता है। बर्फ की 20 सिल्ली यहां रोज मंगाई जाती है। एक सिल्ली की कीमत 250 रुपए है। लगभग पांच हजार का बर्फ यहां लग जाता है। एक सिल्ली से 800 लीटर पानी तैयार हो जाता है। रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन लगभग 16 हजार लीटर पानी की खपत हो जाती है। पानी की व्यवस्था रेलवे करा देता है। इस नेक काम के लिए लोग अपने आप ही रेलवे स्टेशन पर चंदा देने के लिए पहुंच जाते हैं।
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ये लोग करते हैं प्रतिदिन सेवा
मुजफ्फरनगर। स्टेशन पर प्रतिदिन जल सेवा करने वालों में अनमोल छाबडा, पवन मित्तल, सतीश मलिक, जगदीश नारंग, सुंदर नारंग, सचिन छाबड़ा, श्याम मल्होत्रा, बोबी छाबड़ा, रामेंद्र छाबड़ा, मलकीत सिंह, इकबाल सिंह, देव शर्मा, अमरनाथ धमीजा, संनील शर्मा, सचिन मल्होत्रा, जसबीर, विकास पंवार आदि रहते हैं।
यह सेवा बेमिसाल है
मुजफ्फरनगर। अहमदाबाद मेल से हरिद्वार से जयपुर जा रहे रामअवतार जल सेवा से अभिभूत दिखाई दिए। उनका कहना था कि ट्रेन के डिब्बे में बैठे हुए ही हमें बोतल में ठंडा पानी मिल गया। बिना पैसे के इस तरह की सेवा अपने आप में बेमिसाल है। अजमेर जा रहे खालिद और अहमदाबाद जा रहे प्रदीप पटेल भी जल सेवा को गर्मी के मौसम में सबसे बड़ी सेवा बताते हैं।
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मुजफ्फरनगर। भीषण गर्मी में रेलवे स्टेशनों पर यात्री ट्रेन के रुकते ही पानी लेने के लिए प्लेटफार्म पर लगे नलों और दुकानों की ओर रुख करते हैं। मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की प्यास बुझाने के लिए शहीद भगत सिंह एकता मंच के कार्यकर्ता करीब 17 साल से निस्वार्थ सेवा करने में जुटे हुए हैं। संगठन के कार्यकर्ता प्रतिदिन सुबह सात बजे से रात्रि आठ बजे तक स्टेशन पर यात्रियों की सेवा में जुट जाते हैं।
कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं बाद में अमृत पिलाने से क्या फायदा। मुजफ्फरनगर का सामाजिक संगठन शहीद भगत सिंह एकता मंच इसी थीम पर यहां रेलवे स्टेशन पर बीते 17 सालों से प्यासे यात्रियों को पानी पिलाकर निस्वार्थ सेवा कर रहा है। शहर से इस अभियान में प्रतिदिन सैकड़ों लोग सेवा के लिए पहुंच रहे हैं। युवा से लेकर बुजुर्गों तक में सेवा का एक अलग ही जज्बा यहां रेलवे स्टेशन पर देखने को मिलता है। प्रतिवर्ष गर्मी के तीन महीनों में एक मई से लेकर 31 जुलाई तक प्रतिदिन सुबह सात बजे से लेकर शाम आठ बजे तक नि:शुल्क जल सेवा होती है। यहां लोग तन-मन-धन से सेवा करते हैं। मंच के अध्यक्ष पवन मित्तल और चेयरमैन सतीश मलिक ने बताया कि 35-40 लोग तो उनके पास ऐसे हैं, जो प्रतिदिन जल सेवा में आते हैं। कुछ लोग ऐसे हैं कि जो अपने समय के हिसाब से सेवा करने के लिए आते हैं। प्रतिदिन जल सेवा में भाग लेने वालों की संख्या 100 से ऊपर हो जाती है। जनता में गर्मियों में पानी पिलाने की सेवा करने का एक जज्बा है। रेलवे स्टेशन पर उनके चार स्टॉल लगते हैं और आठ ट्राली चलायमान रहती हैं। यह प्रयास होता है कि पूरी ट्रेन एक साथ कवर कर ली जाए।
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प्रतिदिन सात हजार का खर्च
मुजफ्फरनगर। जल सेवा में प्रतिदिन लगभग सात हजार का खर्च होता है। बर्फ की 20 सिल्ली यहां रोज मंगाई जाती है। एक सिल्ली की कीमत 250 रुपए है। लगभग पांच हजार का बर्फ यहां लग जाता है। एक सिल्ली से 800 लीटर पानी तैयार हो जाता है। रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन लगभग 16 हजार लीटर पानी की खपत हो जाती है। पानी की व्यवस्था रेलवे करा देता है। इस नेक काम के लिए लोग अपने आप ही रेलवे स्टेशन पर चंदा देने के लिए पहुंच जाते हैं।
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ये लोग करते हैं प्रतिदिन सेवा
मुजफ्फरनगर। स्टेशन पर प्रतिदिन जल सेवा करने वालों में अनमोल छाबडा, पवन मित्तल, सतीश मलिक, जगदीश नारंग, सुंदर नारंग, सचिन छाबड़ा, श्याम मल्होत्रा, बोबी छाबड़ा, रामेंद्र छाबड़ा, मलकीत सिंह, इकबाल सिंह, देव शर्मा, अमरनाथ धमीजा, संनील शर्मा, सचिन मल्होत्रा, जसबीर, विकास पंवार आदि रहते हैं।
यह सेवा बेमिसाल है
मुजफ्फरनगर। अहमदाबाद मेल से हरिद्वार से जयपुर जा रहे रामअवतार जल सेवा से अभिभूत दिखाई दिए। उनका कहना था कि ट्रेन के डिब्बे में बैठे हुए ही हमें बोतल में ठंडा पानी मिल गया। बिना पैसे के इस तरह की सेवा अपने आप में बेमिसाल है। अजमेर जा रहे खालिद और अहमदाबाद जा रहे प्रदीप पटेल भी जल सेवा को गर्मी के मौसम में सबसे बड़ी सेवा बताते हैं।