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भजनों से श्रीराममय हुआ वातावरण
Updated Tue, 21 Aug 2018 12:33 AM IST
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प्रभु की महिमा का वर्णन किया
मुजफ्फरनगर। द्वारिकापुरी में श्रीराम दरबार के शर्मा बंधु परिवार ने अखंड पाठ और भजन संध्या का आयोजन किया। बड़ी संख्या में लोगों ने भक्तिमय भजनों का आनंद लिया। एक के बाद एक प्रस्तुति से पूरा वातावरण ही श्रीराम मय हो गया। श्रीराम दरबार की तीन पीढियों ने एक साथ प्रस्तुति दी।
श्रीराम दरबार ने अपनी स्थापना का 53वां वर्ष मनाया। इस अवसर पर दो दिवसीय कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। पहले दिन अखंड पाठ हुआ। दूसरे दिन यज्ञ, हवन के बाद प्रवचन और भजन के कार्यक्रम हुए। श्रीराम दरबार परिवार की तीन पीढ़ियों के सदस्यों ने एक साथ प्रस्तुति दी। इस परिवार का देश भर में प्रसिद्ध भजन सूरज की गर्मी से तपते हुए तन को मिल जाए तरुवर की छाया, सुनाया गया तो पूरा वातावरण ही श्रीराम मय हो गया। शिवांगी भारद्वाज, वैदेही शर्मा, गोविंद शर्मा, पूनम शर्मा, शारदा शर्मा, अदवित, श्रीयंस भजन प्रस्तुत किए। श्रीराम दरबार के अध्यक्ष पंडित रामदेव शर्मा, हनुमतधाम के स्वामी केशवानंद, स्वामी भाष्कर, स्वामी गीतानंद ने प्रवचन किए। प्रभु की महिमा का वर्णन किया। विष्णु कांत शुक्ल, उमाकांत शुक्ल, श्यामसुंदर मिश्र, सतीश शर्मा, विधायक कपिलदेव अग्रवाल, आयुर्वेद चिकित्सा बोर्ड के चेयरमैन डॉ सुभाष चंद शर्मा, अल्पसंख्यक आयोग सदस्य सरदार सुखदर्शन बेदी, पूर्व विधायक अशोक कंसल आदि ने विचार रखे।
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मुजफ्फरनगर। द्वारिकापुरी में श्रीराम दरबार के शर्मा बंधु परिवार ने अखंड पाठ और भजन संध्या का आयोजन किया। बड़ी संख्या में लोगों ने भक्तिमय भजनों का आनंद लिया। एक के बाद एक प्रस्तुति से पूरा वातावरण ही श्रीराम मय हो गया। श्रीराम दरबार की तीन पीढियों ने एक साथ प्रस्तुति दी।
श्रीराम दरबार ने अपनी स्थापना का 53वां वर्ष मनाया। इस अवसर पर दो दिवसीय कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। पहले दिन अखंड पाठ हुआ। दूसरे दिन यज्ञ, हवन के बाद प्रवचन और भजन के कार्यक्रम हुए। श्रीराम दरबार परिवार की तीन पीढ़ियों के सदस्यों ने एक साथ प्रस्तुति दी। इस परिवार का देश भर में प्रसिद्ध भजन सूरज की गर्मी से तपते हुए तन को मिल जाए तरुवर की छाया, सुनाया गया तो पूरा वातावरण ही श्रीराम मय हो गया। शिवांगी भारद्वाज, वैदेही शर्मा, गोविंद शर्मा, पूनम शर्मा, शारदा शर्मा, अदवित, श्रीयंस भजन प्रस्तुत किए। श्रीराम दरबार के अध्यक्ष पंडित रामदेव शर्मा, हनुमतधाम के स्वामी केशवानंद, स्वामी भाष्कर, स्वामी गीतानंद ने प्रवचन किए। प्रभु की महिमा का वर्णन किया। विष्णु कांत शुक्ल, उमाकांत शुक्ल, श्यामसुंदर मिश्र, सतीश शर्मा, विधायक कपिलदेव अग्रवाल, आयुर्वेद चिकित्सा बोर्ड के चेयरमैन डॉ सुभाष चंद शर्मा, अल्पसंख्यक आयोग सदस्य सरदार सुखदर्शन बेदी, पूर्व विधायक अशोक कंसल आदि ने विचार रखे।
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