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पीड़ित परिवार को सरकार से फूटी कोड़ी भी नहीं मिली
Updated Sat, 23 Jun 2018 12:25 AM IST
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पीड़ित परिवार को सरकार से फूटी कोड़ी भी नहीं मिली
खतौली।
पीड़ित परिवार सरकार से मिलने वाली आर्थिक मदद के इंतजार में है। इस पीड़ित परिवार का किशोर सड़क हादसे का शिकार हो गया था। चार माह बीत जाने के बाद भी सरकार की ओर से अभी तक धनराशि नहीं मिल सकी है। हादसे के दौरान अधिकारियों और नेताओं ने बड़े वादे किए थे कि वे परिवार की मदद करने में सबसे आगे रहेंगे। आज तक पीड़ित परिवार से मिलने उनके घर पर कोई नेता तक नहीं पहुंचा है।
पंजाबी कालोनी निवासी दो किशोर नवजोत सिंह व कार्तिक लोहिया को चार माह पूर्व बिजलीघर के सामने रोडवेज बस ने कुचल डाला था। हादसे में दोनों किशोरों की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस हादसे को लेकर लोगों में आक्रोश फैल गया था। गुस्साए लोगों ने मुआवजा दिलाए जाने की मांग को लेकर घटनास्थल पर जाम लगा दिया था। उस वक्त तत्कालीन एसडीएम ने पीड़ित परिजनों को आश्वासन दिया था कि सरकार से उनको आर्थिक मदद के लिए 10-10 लाख रुपए दोनों परिवारों को दिलवाया जाएगा, तब कहीं जाकर लोगों ने जाम खोला था। हालांकि उस वक्त नगरपालिका के चेयरमैन के पति जमील अहमद ने दोनों परिवार को घटनास्थल पर 50-50 रुपए का चेक दिया था। सांसद डा. संजीव बालियान ने भी पीड़ित परिजनों के घर पहुंचकर 50-50 रुपए दिए थे। हादसे को हुए चार माह का समय बीत चुका है। अभी तक इस गरीब पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से आर्थिक मदद के नाम पर फूटी कोड़ी भी नहीं मिली है। मृत नवजोत सिंह की मां जसवंत कौर ने बताया कि उसके पति की 2008 में लुधियाना में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। पति की मौत होने पर भी उसे पंजाब सरकार से कोई आर्थिक मदद नहीं मिली थी। पीड़ित परिवार ने सरकार से आर्थिक मदद दिलाए जाने की मांग की है।
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खतौली।
पीड़ित परिवार सरकार से मिलने वाली आर्थिक मदद के इंतजार में है। इस पीड़ित परिवार का किशोर सड़क हादसे का शिकार हो गया था। चार माह बीत जाने के बाद भी सरकार की ओर से अभी तक धनराशि नहीं मिल सकी है। हादसे के दौरान अधिकारियों और नेताओं ने बड़े वादे किए थे कि वे परिवार की मदद करने में सबसे आगे रहेंगे। आज तक पीड़ित परिवार से मिलने उनके घर पर कोई नेता तक नहीं पहुंचा है।
पंजाबी कालोनी निवासी दो किशोर नवजोत सिंह व कार्तिक लोहिया को चार माह पूर्व बिजलीघर के सामने रोडवेज बस ने कुचल डाला था। हादसे में दोनों किशोरों की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस हादसे को लेकर लोगों में आक्रोश फैल गया था। गुस्साए लोगों ने मुआवजा दिलाए जाने की मांग को लेकर घटनास्थल पर जाम लगा दिया था। उस वक्त तत्कालीन एसडीएम ने पीड़ित परिजनों को आश्वासन दिया था कि सरकार से उनको आर्थिक मदद के लिए 10-10 लाख रुपए दोनों परिवारों को दिलवाया जाएगा, तब कहीं जाकर लोगों ने जाम खोला था। हालांकि उस वक्त नगरपालिका के चेयरमैन के पति जमील अहमद ने दोनों परिवार को घटनास्थल पर 50-50 रुपए का चेक दिया था। सांसद डा. संजीव बालियान ने भी पीड़ित परिजनों के घर पहुंचकर 50-50 रुपए दिए थे। हादसे को हुए चार माह का समय बीत चुका है। अभी तक इस गरीब पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से आर्थिक मदद के नाम पर फूटी कोड़ी भी नहीं मिली है। मृत नवजोत सिंह की मां जसवंत कौर ने बताया कि उसके पति की 2008 में लुधियाना में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। पति की मौत होने पर भी उसे पंजाब सरकार से कोई आर्थिक मदद नहीं मिली थी। पीड़ित परिवार ने सरकार से आर्थिक मदद दिलाए जाने की मांग की है।
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