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सामूहिक विवाह का खाता ही हो गया सीज
Updated Sat, 24 Mar 2018 12:43 AM IST
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मुजफ्फरनगर।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का पैसा नगर पालिका के खाते का सीज हो गया है। विद्युत निगम ने पालिका पर बकाया के चलते आरसी जारी की थी, जिसके बाद तहसील ने ओबीसी बैंक को पत्र लिख खाता सीज कर दिया। इस मामले की जानकारी जैसे ही बड़े अफसरों को मिली तो पूरे प्रशासन में हड़कंप मच गया। सामूहिक विवाह का कार्यक्रम चार दिन बाद 28 मार्च को है।
नगर पालिका परिषद पर विभिन्न कनेक्शन का विद्युत निगम का लगभग एक करोड़ बकाया है। 31 मार्च से पहले पैसा वसूलने को लेकर विद्युत निगम ने पूरी ताकत लगा रखी है। पालिका के 58 लाख के एक बिल के प्रकरण में तहसील को आरसी जारी कर दी। तहसील ने पैसा जमा करने के लिए नगर पालिका पर दबाव बनाया। जब देखा कि पैसा नहीं आ पा रहा है तो ओरियंटल बैंक में पालिका का खाता सीज करने के लिए पत्र लिख दिया। तहसीलदार के पत्र के बाद बैंक में खाता सीज हो गया। नगर पालिका का जो खाता सीज किया गया है, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का 15 लाख इसी खाते में जमा है। सामूहिक विवाह 28 मार्च को है और जिले के प्रभारी मंत्री सतीश महाना कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे। सामूहिक विवाह का पैसा सीज होने की जानकारी जैसे ही आला अफसरों को मिली तो पूरे प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
खाते में है 35 लाख
नगर पालिका ईओ विकास सेन का कहना है कि झांसी की रानी स्थित ओबीसी बैंक में पालिका के खाते में 35 लाख के लगभग है। इनमें 15 लाख सामूहिक विवाह योजना के हैं। उच्चाधिकारियों को उन्होंने जानकारी दे दी है।
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पैसा जमा न होने पर जारी की आरसी
विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता अवनीश कुमार ने बताया कि पालिका के 58 लाख के बकाये ही आरसी जारी की गई है। खाता सीज से उनका कोई मतलब नहीं है। यह प्रक्रिया तहसील की है।
तहसील के अफसरों ने कन्नी काटी
तहसीलदार रंजीत सिंह से जब खाता सीज कराने की बात पूछी गई तो उन्होंने बताया कि वह तो एक सप्ताह से छुट्टी पर हैं। इस समय कमलेश कुमार पर चार्ज है। कमलेश का फोन मिलाया गया तो उनका नंबर ही बंद मिला। मामला तूल पकड़ने के बाद तहसील के अधिकारी बचते नजर आये।
डीएम बोले एडीएम को आदेश दिए
डीएम राजीव शर्मा ने बताया कि पालिका का सामूहिक विवाह योजना के पैसे वाला खाता सीज होने की जानकारी मिली है। इस मामले के निस्तारण के लिए एडीएम वित्त सियाराम मौर्य को जिम्मेदारी दी गई है।
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का पैसा नगर पालिका के खाते का सीज हो गया है। विद्युत निगम ने पालिका पर बकाया के चलते आरसी जारी की थी, जिसके बाद तहसील ने ओबीसी बैंक को पत्र लिख खाता सीज कर दिया। इस मामले की जानकारी जैसे ही बड़े अफसरों को मिली तो पूरे प्रशासन में हड़कंप मच गया। सामूहिक विवाह का कार्यक्रम चार दिन बाद 28 मार्च को है।
नगर पालिका परिषद पर विभिन्न कनेक्शन का विद्युत निगम का लगभग एक करोड़ बकाया है। 31 मार्च से पहले पैसा वसूलने को लेकर विद्युत निगम ने पूरी ताकत लगा रखी है। पालिका के 58 लाख के एक बिल के प्रकरण में तहसील को आरसी जारी कर दी। तहसील ने पैसा जमा करने के लिए नगर पालिका पर दबाव बनाया। जब देखा कि पैसा नहीं आ पा रहा है तो ओरियंटल बैंक में पालिका का खाता सीज करने के लिए पत्र लिख दिया। तहसीलदार के पत्र के बाद बैंक में खाता सीज हो गया। नगर पालिका का जो खाता सीज किया गया है, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का 15 लाख इसी खाते में जमा है। सामूहिक विवाह 28 मार्च को है और जिले के प्रभारी मंत्री सतीश महाना कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे। सामूहिक विवाह का पैसा सीज होने की जानकारी जैसे ही आला अफसरों को मिली तो पूरे प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
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खाते में है 35 लाख
नगर पालिका ईओ विकास सेन का कहना है कि झांसी की रानी स्थित ओबीसी बैंक में पालिका के खाते में 35 लाख के लगभग है। इनमें 15 लाख सामूहिक विवाह योजना के हैं। उच्चाधिकारियों को उन्होंने जानकारी दे दी है।
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पैसा जमा न होने पर जारी की आरसी
विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता अवनीश कुमार ने बताया कि पालिका के 58 लाख के बकाये ही आरसी जारी की गई है। खाता सीज से उनका कोई मतलब नहीं है। यह प्रक्रिया तहसील की है।
तहसील के अफसरों ने कन्नी काटी
तहसीलदार रंजीत सिंह से जब खाता सीज कराने की बात पूछी गई तो उन्होंने बताया कि वह तो एक सप्ताह से छुट्टी पर हैं। इस समय कमलेश कुमार पर चार्ज है। कमलेश का फोन मिलाया गया तो उनका नंबर ही बंद मिला। मामला तूल पकड़ने के बाद तहसील के अधिकारी बचते नजर आये।
डीएम बोले एडीएम को आदेश दिए
डीएम राजीव शर्मा ने बताया कि पालिका का सामूहिक विवाह योजना के पैसे वाला खाता सीज होने की जानकारी मिली है। इस मामले के निस्तारण के लिए एडीएम वित्त सियाराम मौर्य को जिम्मेदारी दी गई है।