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ग्रामीणों ने श्रमदान कर बनाया रास्ता
Updated Sat, 30 Dec 2017 12:42 AM IST
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मंसूरपुर।
गांव घासीपुरा रेलवे फाटक पर अंडरपास निर्माण का कार्य 15 नवंबर को शुरू हुआ था। जिससे गांव अजमतगढ़ के ग्रामीणों का रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया था। रेलवे अधिकारियों ने गांव जोहरा के एक किसान के खेत से होकर अस्थाई रुप से रास्ता दिला दिया था, लेकिन उस किसान ने कुछ दिन बाद रास्ते में गड्ढा खोदकर रास्ता पूरी तरह से बंद कर दिया। जिससे स्कूली बच्चे, किसान और अन्य राहगीर परेशानी से जूझ रहे थे। ग्रामीणों को प्रशासन व रेलविभाग से जब कोई सहायता नहीं मिली तो ग्रामीणों ने गांव में पंचायत कर श्रमदान कर रास्ता निर्माण करने का संकल्प लिया। शुक्रवार को पूरे गांव के लोग इकट्ठा होकर घासीपुरा रेलवे फाटक पर पहुंचे और वहां मिट्टी खोदकर रास्ते का निर्माण किया। ग्राम प्रधान वीरेंद्र सैनी ने बताया कि रास्ता बंद हो जाने से दुपहिया वाहन भी नहीं निकल पा रहे थे। स्कूली बच्चों को भी परेशानी थी। इस श्रमदान में पूर्व प्रधान रंधावा, दिवाकर, हरिपाल सैनी, कृष्णपाल, कुलदीप, मनोज, वीरेंद्र आदि ग्रामीणों ने हिस्सा लिया।
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गांव घासीपुरा रेलवे फाटक पर अंडरपास निर्माण का कार्य 15 नवंबर को शुरू हुआ था। जिससे गांव अजमतगढ़ के ग्रामीणों का रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया था। रेलवे अधिकारियों ने गांव जोहरा के एक किसान के खेत से होकर अस्थाई रुप से रास्ता दिला दिया था, लेकिन उस किसान ने कुछ दिन बाद रास्ते में गड्ढा खोदकर रास्ता पूरी तरह से बंद कर दिया। जिससे स्कूली बच्चे, किसान और अन्य राहगीर परेशानी से जूझ रहे थे। ग्रामीणों को प्रशासन व रेलविभाग से जब कोई सहायता नहीं मिली तो ग्रामीणों ने गांव में पंचायत कर श्रमदान कर रास्ता निर्माण करने का संकल्प लिया। शुक्रवार को पूरे गांव के लोग इकट्ठा होकर घासीपुरा रेलवे फाटक पर पहुंचे और वहां मिट्टी खोदकर रास्ते का निर्माण किया। ग्राम प्रधान वीरेंद्र सैनी ने बताया कि रास्ता बंद हो जाने से दुपहिया वाहन भी नहीं निकल पा रहे थे। स्कूली बच्चों को भी परेशानी थी। इस श्रमदान में पूर्व प्रधान रंधावा, दिवाकर, हरिपाल सैनी, कृष्णपाल, कुलदीप, मनोज, वीरेंद्र आदि ग्रामीणों ने हिस्सा लिया।